RBSE Solutions for Class 9 English Gems of Fiction Chapter 6 The Postmaster

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RBSE Class 9 English Gems of Fiction Chapter 6 The Postmaster Textual questions

Comprehension

(A) Tick the correct alternative :

Question 1.
The story “The Postmaster shows the author’s deep understanding of
(a) human psyche
(b) economy
(c) a social system
(d) climatic changes
Answer:
(a) human psyche

Question 2.
The village of Ulapur in Tagore’s ‘The Postmaster’ is the place
(a) where the post office was established
(b) where the tribals lived
(c) where no one lived
(d) where no one dared to go
Answer:
(a) where the post office was established

Question 3.
Ratan in Tagore’s “The Postmaster’ is a/an
(a) boy
(b) orphan village girl
(c) gentleman
(d) vagabond
Answer:
(b) orphan village girl

(B) Answer the following questions in about 10-15 words each :

Question 1.
Why and with whose efforts was the post office established in Ulapur?
क्यों और किसके प्रयासों से ऊलापुर में पोस्ट आफिस की स्थापना हुई?
Answer:
With the efforts of the proprietor of an Indigo factory, an Englishman, the post office was established in the village of Ulapur to connect Ulapur to the rest of the world.
ऊलापुर को शेष संसार से जोड़ने हेतु एक नील फैक्ट्री के मालिक जो कि एक अंग्रेज था, के प्रयासों से ऊलापुर में पोस्ट आफिस की स्थापना हुई।

Question 2.
Who did odd jobs for the postmaster and what was the nature of the work?
कौन पोस्टमास्टर के लिए असाधारण कार्य करता था और उसके कार्य की प्रकृति क्या थी?
Answer:
Ratan, an orphan girl, did odd jobs for the postmaster. She cooked food and did other household work for the postmaster.
रतन जो कि एक अनाथ लड़की थी, पोस्टमास्टर के लिए असाधारण कार्य करती थी। वह पोस्टमास्टर के लिए खाना बनाती थी और अन्य घरेलू कार्य करती थी।

Question 3.
Describe Ratan’s role as a nurse during the postmaster’s illness.
पोस्टमास्टर की बीमारी के दौरान रतन की नर्स के रूप में भूमिका का वर्णन कीजिए।
Answer:
When the postmaster was ill, Ratan gave him medicines, cooked food and looked after him. She took good care of the postmaster.
जब पोस्टमास्टर बीमार पड़ा तब रतन ने पोस्टमास्टर को दवाईयाँ र्दी, उसके लिए खाना बनाया और उसकी देखभाल की। उसने उसका बहुत अच्छे से ध्यान रखा।

Question 4.
What were the postmaster’s thoughts when he started his journey homeward?
जब पोस्टमास्टर ने घर जाने के लिए यात्रा प्रारंभ की तो उसके क्या विचार थे?
Answer:
When the postmaster started his journey for home, his heart was filled with sorrow. The tearful face of Ratan was coming to his mind again and again.
जब पोस्टमास्टर ने घर जाने के लिए यात्रा प्रारंभ की तो उसका हृदय दुःख से भरा था। उसे बार-बार रतन का आँसा चेहरा याद आ रहा था।

Question 5.
Why did Ratan reject the postmaster’s offer of money as well as his offer to get her employed with the new postmaster?
रतन ने पोस्टमास्टर से पैसे लेने और नये पोस्टमास्टर के साथ नौकरी के प्रस्ताव को क्यों ठुकरा दिया?
Answer:
Ratan rejected the postmaster’s offer of money and job with the new postmaster because she was upset with the postmaster’s decision of going back.
रतन ने पोस्टमास्टर के पैसे और नये पोस्टमास्टर के साथ नौकरी के प्रस्ताव को इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि वह पोस्टमास्टर के वापिस जाने के निर्णय से दुखी थी।

(C) Answer the following questions in about 20-30 words each:

Question 1.
Describe the typical evening scene in the village with reference to the postmaster’s feelings.
पोस्टमास्टर की भावनाओं के संदर्भ में गाँव के विशेष संध्या दृश्य का वर्णन कीजिए।
Answer:
The evening atmosphere was not at all lively. There used to be black smoke in the sky. Different insects would make noise. The dull and boring atmosphere added to the loneliness of the postmaster.
संध्या के वातावरण में बिल्कुल भी जीवंतता नहीं थी। आसमान में काला धुंआ रहता था। विभिन्न कीड़े-मकोड़े शोर करते थे। यह सुस्त और उबाऊ वातावरण पोस्टमास्टर के अकेलेपन को और बढ़ा देता था।

Question 2.
Give a breif account of the rainy season in the village and the various sights and sounds of nature that moved the postmaster.
गाँव की वर्षा ऋतु और प्रकृति के उन दृश्यों और ध्वनियों का संक्षेप में वर्णन कीजिए जिन्होंने पोस्टमास्टर को द्रवित कर दिया।
Answer:
The shimmer of freshly washed leaves and the banked-up ramnants of the retreating clouds were sights to see. In such atmosphere, postmaster was longing for a companion.
पानी से धुली पत्तियों की चमक और जाते हुए पानी भरे बादलों के थोड़े थोड़े अवशेष देखने योग्य दृश्य थे। ऐसे वातावरण में, पोस्टमास्टर को किसी साथी के साथ होने की इच्छा हो रही थी।

Question 3.
“Ratan ceased to be a little girl”. Explain this line with reference to Ratan’s role as a nurse.
“रतन अब एक छोटी
बच्ची नहीं रही।” इस वाक्य को रतन की नर्स की भूमिका के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
Answer:
Though Ratan was a little girl, she did the job of a nurse when the postmaster fell ill. From cooking food to giving medicines she did everything with responsibility. She behaved like,a matured girl.
यद्यपि रतन एक छोटी बच्ची थी पर जब पोस्टमास्टर बीमार पड़ा तब रतन ने एक नर्स के रूप में कार्य किया। खाना बनाने से लेकर दवाई देने तक उसने सभी कार्य बहुत जिम्मेदारी से किए। उसने एक बड़ी समझदार लड़की की भाँति व्यवहार किया।

Question 4.
What was Ratan’s reaction to the postmaster’s decision to leave the village? What was her state of mind later?
पोस्टमास्टर के गाँव छोड़ने के निर्णय पर रतन की क्या प्रतिक्रिया थी? कुछ समय पश्चात् उसकी मानसिक अवस्था कैसी थी?
Answer:
Ratan was very sad when the postmaster decided to leave the village. Her heart was broken and she cried very much. She requested the postmaster to take with him.
जब पोस्टमास्टर ने गाँव छोड़ने का निर्णय लिया तब रतन बहुत दुखी हुई। उसका हृदय टूट गया और वह बहुत रोई। उसने पोस्टमास्टर से उसे भी साथ ले जाने की प्रार्थना की।

Question 5.
Who do you think is the real sufferer in the story and why?
आपके अनुसार कहानी में वास्तविक रूप से पीड़ित कौन है और क्यों ?
Answer:
The real sufferer in the story is Ratan. She developed deep attachment with the postmaster and considered him as her elder brother. When he decided to go back, she felt that once again she was an orphan.
इस कहानी में वास्तविक रूप से पीड़ित रतन है। उसे पोस्टमास्टर से गहरा लगाव हो गया था और वह उसे अपने बड़े भाई की तरह मानती थी। जब पोस्टमास्टर ने वापिस जाने का निर्णय लिया तो रतन को लगा कि वह एक बार फिर से अनाथ हो गयी।

(D) Answer the following questions in about 60-80 words each.

Question 1.
Draw a pen picture of ‘Ratan’ and ‘The Postmaster’.
‘रतन’ व ‘पोस्टमास्टर’ का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Answer:
Pen Picture of Ratan-Ratan was an orphan village girl who did household work for the postmaster. Ratan had deep attachment with the postmaster. She had no close relative and called the postmaster ‘Dada’. When the postmaster was ill she took care of him like a nurse: When the postmaster decided to go back, Ratan was heartbroken. Ratan became very upset and she refused the postmaster’s offer of money and job.

रतन गाँव की एक अनाथ लड़की थी जो पोस्टमास्टर के घरेलू कार्य करती थी। रतन का पोस्टमास्टर के साथ गहरा लगाव था। रतन का कोई नजदीकी रिश्तेदार नहीं था और वह पोस्टमास्टर को दादा कहकर पुकारती थी। जब पोस्टमास्टर बीमार पड़े तब रतन ने एक नर्स की तरह उनकी देखभाल की। जब पोस्टमास्टर ने वापिस जाने का निर्णय लिया तो रतन की हृदय टूट गया। रतन बहुत दुखी हुई और उसने पैसे और नौकरी का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

Pen Picture of the Postmaster – The postmaster of the village Ulapur was from Calcutta (now Kolkata). He felt very lonely in the village. His only companion was Ratan, an orphan girl. She did household work for him. The postmaster was kind at heart so he started teaching her. When he fell ill, Ratan took care of him. When the postmaster decided to go back, Ratan became very sad. But the postmaster was unable to understand her feelings. In the end he went back leaving Ratan all alone in the village.

ऊलापुर गाँव का पोस्टमास्टर कलकत्ता अब कोलकाता का था। वह गाँव में बहुत अकेला महसूस करता थी। एक अनाथ लड़की रतन उसकी एकमात्र साथी थी। वह उसके लिए घरेलू कार्य करती थी। पोस्टमास्टर हृदय से दयालु था इसीलिए उसने उसे पढ़ाना शुरू कर दिया। जब पोस्टमास्टर बीमार पड़ी तो रतन ने उसकी देखभाल की। जब पोस्टमास्टर ने वापिस जाने का निर्णय लिया तो रतन बहुत दुखी हो गई। मगर पोस्टमास्टर उसकी भावनाओं को समझने में असमर्थ था। अंत में वह रतन को गाँव में बिल्कुल | अकेला छोड़कर वापस चला गया।

Question 2.
“The entire focus of the story “The Postmaster is on the postmaster but in reality it is the story of Ratan’s growing up”. Do you agree with this statement? Discuss with reference to the events of the story.
“पोस्टमास्टर” कहानी का मुख्य बिंदु पोस्टमास्टर है पर सच्चाई में यह कहानी रतन के बड़े होने की है।” क्यों आप इस कथन से सहमत हैं? कहानी की घटनाओं के संदर्भ में इस पर चर्चा कीजिए।
Answer:
Yes, I fully agree with this statement. The entire story revolves around the incidents showing the relationship of Ratan and the postmaster. She with her activities made the life of the postmaster lively. When the the postmaster fell sick, Ratan took care of him like a nurse. When the postmaster left his job, she was very sad and her heart was broken. She cried badly when the postmaster left the village. She refused to take money from the postmaster which shows her anger. It also shows her maturity and growth.

हाँ, मैं इस कथन से पूर्णतः सहमत हूँ। संपूर्ण कहानी रतन और पोस्टमास्टर के आपसी संबंधों के घटनाक्रम के इर्द-गिर्द घूमती है। रतन ने अपने क्रिया-कलापों से पोस्टमास्टर के जीवन को जीवंत बना दिया था। जब पोस्टमास्टर बीमार पड़े तब रतन ने एक नर्स की तरह उनकी देखभाल की। जब पोस्टमास्टर ने अपनी नौकरी छोड़ी तो रतन बहुत दुखी हुई और उसका हृदय टूट गया। वह बहुत बुरी तरह रोई जब पोस्टमास्टर ने गाँव छोड़ा। उसने पोस्टमास्टर से पैसे लेने का प्रस्ताव ठुकरा दिया जो उसके क्रोध को प्रदर्शित करता है। यह उसकी परिपक्वता और बड़े होने को भी प्रदर्शित करता है।

(E) Say whether the following statements are ‘True’ or ‘False’. Write ‘T’ for True and ‘F” for False in the bracket-

  1. “The Postmaster’ is a simple but moving story of a girl’s emotional attachment. [ ]
  2. Ratan fell at the postmaster’s feet and requested him to give her the whole of month’s salary. [ ]
  3. The postmaster told Ratan that his application for transfer had been rejected so he had resigned his post and was going home. [ ]
  4. The postmaster used to get handsome salary. [ ]
  5. Ratan could not bear the postmaster’s kind words and burst out. [ ]

Answer:

  1. T
  2. F
  3. T
  4. F
  5. T

RBSE Class 9 English Gems of Fiction Chapter 6 The Postmaster Additional Questions

RBSE Class 9 English Gems of Fiction Chapter 6 The Postmaster Short Answer Type Questions

Answer the following questions in about 20-30 words each :

Question 1.
What did the postmaster offer Ratan just before his departure? What was her answer?
वापिस जाने से ठीक पहले पोस्टमास्टर ने रतन को क्या प्रस्ताव दिया? रतन का क्या उत्तरे था?
Answer:
Just before the departure, the postmaster offered Ratan his one month’s salary. Ratan refused to take the money and ran away from there crying.
वापिस जाने से पहले पोस्टमास्टर ने रतन को अपनी एक माह की तनख्वाह देने का प्रस्ताव दिया। रतन ने पैसे लेने से इन्कार कर दिया और रोते हुए वहाँ से भाग गयी।

Question 2.
What was the philosophy that consoled the postmaster?
किन तक से पोस्टमास्टर ने स्वयं को सांत्वना दी?
Answer:
The postmaster thought that this is life. Everybody has to leave others one day. Death is the eternal truth. Nobody lives with anybody.
पोस्टमास्टर ने सोचा कि यही जीवन है। सबको एक दिन दूसरों को छोड़ना पड़ता है। मृत्यु शाश्वत सत्य है। कोई भी किसी के साथ हमेशा नहीं रहता है।

Question 3.
What did Ratan do after the postmaster had left ?
पोस्टमास्टर के चले जाने के बाद रतन ने क्या किया?
Answer:
After the postmaster had left, Ratan kept wandering about the post office with tears streaming from her eyes. She seemed to be hoping that her Dada would return.
पोस्टमास्टर के चले जाने के बाद रतन अपनी आंखों से बहते हुऐ आंसुओं के साथ पोस्ट ऑफिस के आस-पास ही घूमती रही। ऐसा लगा मानों उसे आस (उम्मीद) थी कि उसके दादा लौट आयेंगे।

Question 4.
What did the postmaster miss while living at Ulapur ?
ऊलापुर में रहते हुए पोस्टमास्टर को क्या कमी महसूस होती थी?
Answer:
While living at Ulapur, the postmaster missed his loved ones. He wished to have at least one loving person with him. ऊलापुर में रहते हुए पोस्टमास्टर को अपने प्रियजनों की कमी महसूस होती थी। वह चाहता था कि काश उसके पास कम से कम एक प्रिय व्यक्ति तो हो। .

RBSE Class 9 English Gems of Fiction Chapter 6 The Postmaster Long Answer Type Questions

Answer the following question in about 60-80 words :

Question 1.
Though Ratan is a little girl but she has an understanding like a matured person. Explain.
यद्यपि रतन एक छोटी बच्ची है। लेकिन उसमें समझदारी एक परिपक्व व्यक्ति के समान है। वर्णन करिये।
Answer:
When the postmaster fell ill, Ratan called in the village doctor, gave the patient his pills at the proper intervals, sat up at night by his pillow, cooked gruel for him, and repeatedly asked, ‘Are you feeling a little better Dada ?’ When the postmaster was leaving the village, he offered Ratan his salary, and said that his successor would look after her, but she refused both the offers. All these things prove the matured understanding of the little girl.

जब पोस्टमास्टर बीमार हो गया था तब रतन ने गांव के डॉक्टर को बुलाया, मरीज को सही अन्तराल पर दवाईयां दीं, सारी रात उनके पास बैठी रही, उनके लिये दलिया बनाया, और बार-बार पूछती रही, ‘आप थोड़ा ठीक महसूस कर रहे हैं दादा?’ जब पोस्टरमास्टर गांव छोड़ रहा था, उसने रतन को अपनी तनख्वाह (सेलरी) दी, और कहा कि उनका नया उत्तराधिकारी (नया पोस्टमास्टर) उसकी देखभाल करेगा, लेकिन रतन ने दोनों ही प्रस्ताव अस्वीकार कर दिये। ये सब बातें उस छोटी बच्ची की परिपक्व समझदारी को सिद्ध करती हैं।

Word-meanings and Hindi Translation

The postmaster ………………………………… for him. (Page 28)

Word-meanings-indigo (इंडिगो) = नील। proprietor (प्रॉपराइट) = मालिक। belonged (बिलांग्ड्) = सम्बन्ध रखता था। remote (रिमोट) = दूरस्थ। thatched (थैच्ट) = छप्पर वाला। slimy (स्लाइमि) = कीचड़ से भरा। dense (डेन्स) = घना। growth (ग्रोथ) = (यहाँ पर) उगती हुई घनी घास। leisure (लेश्ज़र) = फुरसत । desirable (डिज़ायरेब्ल) __ = वांछनीय। companion (कॅम्पेनियन्) = साथी। folk (फॉक) = लोग। adept (अडेप्ट) = कुशल। proud (प्राउड्) = घमंडी। sentiments (सेन्टिमेण्ट्स) = feelings, मनोभाव । sought = चाहता था। verse (व:स) = श्लोक, छंद । genie (जीनि) = जिन्न। swept (स्वेप्ट) = वेग से बहा ले जाता। substituted (सब्स्टिट्यूटड) = स्थानापन्न कर देता, उनके स्थान पर बना देता। macdamised (मेक्डमाइज़्ड) = चिकनी, अच्छी। old (ऑड़) = असाधारण।

हिन्दी अनुवाद-पोस्टमास्टर ने अपना प्रथम कार्यभार ऊलापुर गाँव में ग्रहण किया। हालांकि गाँव छोटा था, (लेकिन) इसके पास में एक नील की फैक्ट्री थी और उसका मालिक जो कि एक अंग्रेज था, उसने पोस्ट-आफिस की स्थापना करवाने का प्रबंध कर लिया था। हमारा पोस्टमास्टर कलकत्ता (अब कोलकाता) से संबंध रखता था। वह इस दूर के गाँव में पानी से बाहर मछली की तरह अर्थात् अत्यधिक असहज महसूस करता था। उसका कार्यालय तथा रहने का कमरा एक अंधेरे छप्पर वाले शेड में था, जोकि एक काई लगे, कीचड़ भरे तालाब जो कि चारों तरफ घनी घास से घिरा हुआ था, से ज्यादा दूर नहीं था। नील की फैक्ट्री में कार्यरत लोगों के पास बिल्कुल फुरसत नहीं थी, इसके अलावा सभ्य लोगों के लिये वे बमुश्किल ही वांछनीय साथी थे। न ही कलकत्ता का यह लड़का दूसरों से घुलने-मिलने की कला में कुशल था। अजनबी लोगों के बीच वह या तो घमंडी लगता था या फिर असहज। किसी भी कीमत पर पोस्टमास्टर का न तो कोई साथी था, न ही उसके पास करने के लिए ज्यादा काम था। कई बार उसने कविता लिखने में अपना हाथ आजमाने की कोशिश की। पत्तियों का हिलना तथा आकाश में बादलों का होना जीवन में खुशियाँ भरने के लिए पर्याप्त थे-ये कुछ ऐसी भावनायें थीं जिन्हें वह अभिव्यक्ति देना चाहता था। किंतु ईश्वर जानता है कि अगर अरेबियन नाइट्स का कोई जिन्न एक रात आता और सारे पेड़ों, पत्तियों व सभी कुछ हटा देता और उनके स्थान पर एक अच्छी सड़क बना देता व ऊंचे घरों की पंक्तियों से बादलों के दृश्य को छिपा देता तो वह परेशान पोस्टमास्टर इसे एक नये जीवन का उपहार महसूस करता। पोस्टमास्टर की तनख्वाह बहुत कम थी। उसे अपना भोजन खुद पकाना पड़ता था जिसे वह गाँव की एक अनाथ लड़की रतन के साथ बाँटता था जो कि उसके लिए असाधारण कार्य करती थी।

When in ………………………………… supper. (Pages 28-29)

Word-meanings-sect (सेक्ट) = पंथ। shiver (शिवर) = काँपना। thickets (थिकेट्स) = झाड़ियाँ। cicada (सिकाडा/सिकेडा) = एक बड़ा कीड़ा, झींगुर । shrill (श्रिल) = तीव्र। chirped (च:प्ट) = चहचहाते थे। dense (डेन्स) = घना। upwards (अप्वःड्ज़) = ऊपर की ओर। instead (इन्स्टे ड) = के बदले में। mendicant (मेन्डिकेन्ट) = भिखारी, साधु । puffed (पफ्ट) = फूला हुआ। vigorously (विगैरस्लि) = तेजी से। fertile (फरटाइल) = आविष्कारक। fonder (फॉन्डर) = ज्यादा प्यार करते थे। crowded (क्राउडिड) = घेर लेती थीं। bygone (बॉयगॉन) = बीता हुआ। vividly (विविड्लि) = सजीव व स्पष्ट। hastily (हेस्टिलि) = जल्दी में। unleavened bread (अनलेविन्ड ब्रेड) = रोटी।

हिन्दी अनुवाद-शाम को जब गाँव की गौशाला से धुंआ ऊपर की ओर उठना शुरू होता था और हर झाड़ी में झींगुर शोर मचाते थे; जब हॉल सम्प्रदाय के साधु अपनी रोज मिलने वाली जगह पर तीखी आवाज में गाना गाते थे; जब कोई कवि बाँस के घने वृक्षों (झाड़ियों) की पत्तियों की सरसराहट को देखने का प्रयत्न करता तो वह अपने पीछे किसी भूत के होने जैसी सिहरन को महसूस करता, ऐसे समय में पोस्टमास्टर अपनी छोटी लालटेन को जलाता तथा ‘रतन’ को आवाज लगाता। रतन बाहर बैठकर अपने बुलाने का इंतजार कर रही होती थी तथा एकदम से अंदर आने की बजाय जवाब देती थी-‘क्या आपने मुझे बुलाया, श्रीमान् ?’ पोस्टमास्टर पूछता-‘तुम क्या कर रही हो?’ वह जवाब देती, “मुझे जाना चाहिए तथा रसोई में आग जला देनी चाहिए।” और इस पर पोस्टमास्टर ने जवाब देता-“ओह! रसोई की आग को थोड़ा इंतजार करने दो; पहले मेरे लिए हुक्का जला दो।” अंत में तम्बाकू जलाने के लिए अपने फूले हुए गालों से जलते हुए कोयले में तेजी से हवा मारती हुई रतन आती थीं। इस तरह से पोस्टमास्टर को उससे बात करने का अवसर प्राप्त होता था। ‘अच्छा, रतन’, शायद वह बातचीत शुरू करते हुए कहता, ‘क्या तुम्हें अपनी माँ के विषय में कुछ याद है?’ वह एक आविष्कारक (नई बात को जानने का) विषय था। रतन को कुछ याद था, कुछ भूल गई थी। उसके पिता उसे उसकी माँ से ज्यादा प्यार करते थे : उन्हें वह ज्यादा याद करती थी। वह कार्य करने के पश्चात् शाम को घर आते थे। एक-दो शाम को तो उसके पिताजी उसकी दृष्टि में दूसरों की अपेक्षा अधिक स्पष्ट रूप से खड़े हो जाते थे (अकसर उसके पिताजी की छवि उसकी आखों के सामने शाम के समय आ जाती थी)- रतन जमीन पर पोस्टमास्टर के पैरों के पास बैठ जाती थी और पुरानी यादों से घिर जाती थी। उसे अपने छोटे भाई की भी याद थी और किस प्रकार वह उसके संग बदली वाले दिन तालाब के किनारे किसी टहनी या मछली पकड़ने वाले डंडे की मदद से मछली पकड़ने जाती थी। ऐसी छोटी-छोटी घटनाएँ उसे याद आती थीं। जब वे बातें करते थे तो बहुत देर हो जाती थी और पोस्टमास्टर को खाना बनाने में बहुत आलस लगता था। तब रतन जल्दी से आग जलाती थी और रोटी बनाती थी जिसके साथ सुबह का बचा हुआ खाना उनके रात के खाने हेतु पर्याप्त होता था।

On some ………………………………… his work. (Page 29)

Word-meanings-exile (एग्ज़ाइल) = वनवास, घर से बहुत दूर रहना। haunt (हॉण्ट) = घेरे रखना। recalling (रिकॉलिंग) = याद करना। allude (ऑल्यूड्) = संकेत करना। blowing (ब्लोइंग) = बह रही, चल रही। persistent (प:सिस्टण्ट) = हठी, आग्रही। shimmer (शिमर) = चमक। banked up (बैन्क्ट अप) = एक ओर सिमटे हुए। remnants (रेम्नण्ट्स) = अवशेष। retreating (रिट्रीटिंग) = वापिस जाते हुए। kindred soul (किनड:ड सोल) = प्रिय व्यक्ति। striving (स्ट्राइविंग) = कोशिश कर रही। express (एक्स्प्रे स) = स्पष्ट करना, व्यक्त करना। possession (पज़ेशन) = कब्जा।

हिन्दी अनुवाद-कभी-कभी शाम को बड़े खाली शेड के कोने में पड़ी अपनी डेस्क पर बैठे-बैठे पोस्टमास्टर को भी अपने घर, अपनी माँ और बहन की तथा उन सभी की याद आ जाती थी जिनके लिए अपने बनवास अर्थात् अकेलेपन में उसका हृदय दुखी था-वह यादें जो उसे हमेशा घेरे रहती थीं किन्तु जिन्हें वह फैक्ट्री के किसी आदमी को भी नहीं बता सकता था हालांकि उस साधारण छोटी लड़की के सामने वह उनके बारे में बहुत आराम से बातें कर सकता था। धीरे-धीरे रतन उसके लोगों जैसे- माँ, भाई व बहन के बारे में इस तरह बात करने लगी जैसे वह उन्हें अपने पूरे जीवन से जानती हो। वास्तव में उसके हृदय में उनमें से प्रत्येक का सम्पूर्ण चित्र अंकित था। एक दिन दोपहर में जब बारिश नहीं हो रही थी, ठंडी हवा चल रही थी; गर्म सूरज में गीली घास और पत्तियों की सुगंध ऐसी लग रही थी मानो थकी धरती पर किसी की गर्म साँसें हों। एक आग्रही (हठी) चिड़िया सारी दोपहर अपनी एक शिकायत के बोझ को प्रकृति के श्रोताओं के चैम्बर में दोहराती रही अर्थात् ची-ची करती रही। पोस्टमास्टर के पास करने को कोई कार्य नहीं था। पानी से धुली पत्तियों की चमक और जाते हुए पानी भरे बादलों के थोड़े-थोड़े एक ओर सिमेटे हुए अवशेष देखने योग्य दृश्य थे; तथा पोस्टमास्टर इन दृश्यों को देख रहा था और मन ही मन सोच रहा था : काश कोई प्रिय व्यक्ति मेरे ‘नजदीक होता-केवल एक प्रिय व्यक्ति जिसे मैं अपने हृदय से लगा सकता। वह आगे सोचता गया कि वह चिड़िया भी यही कहने की कोशिश कर रही थी और यह बिल्कुल वैसी ही भावना थी जैसी. कि बुदबुदाती हुई पत्तियाँ (यहाँ पत्तियों की सरसराहट) व्यक्त करने की कोशिश कर रही थीं। पर कोई भी नहीं जानता था और न ही विश्वास कर सकता था कि कार्य के बीच के अवकाश में एक कम तनख्वाह पाने वाले ग्रामीण पोस्टमास्टर के मन में ऐसे विचार भी आ सकते हैं।

The postmaster ………………………………… hot. (Pages 29-30)

Word-meanings-ditches (डिचिज़) = trenchs, खाई। hollows (हॉलोज़) = खोखला स्थान। flooded (फ्लडिड) = भर गए। patter (पैटर) = बारिश की बूंदों की टप-टप की आवाज़। croaking (क्रोकिंग) = में ढक की टर्र-टर्र की आवाज । impassable (इम्पास्एब्ल) = दुर्गम, न चलने योग्य। punt (पन्ट) = चौरस पेंदे की छोटी सी नाव, डोंगी। pupil (प्यूपिल) = शिष्या। summons (समन्ज़) = पुकार, बुलावा। retire (रिटायर) = अपने स्थान पर जाना। resting (रेस्टिंग) = आराम कर रहा। tip-toe (टिप्-टो) = पंजों के बल।

हिन्दी अनुवाद-पोस्टमास्टर ने आह भरी और आवाज दी, “रतन”। रतन उस समय अमरूद के पेड़ के नीचे आराम से फैलकर कच्चे अमरूद खा रही थी। अपने मालिक की आवाज सुनकर रतन हाँफती हुई दौड़ती आई और बोली, “आपने मुझे बुलाया, दादा?” पोस्टमास्टर ने कहा, “मैं तुम्हें पढ़ाने के बारे में सोच रहा था।” और फिर बाकी दोपहर पोस्टमास्टर ने रतन को अक्षर ज्ञान कराता। इस प्रकार रतन ने बहुत कम समय में संयुक्त व्यंजन तक पढ़ना सीख लिया था। ऐसा लग रहा था बारिश खत्म ही नहीं होगी। नहरें, खाइयाँ, गड्ढे सब पानी से भर गए थे। दिन-रात बारिश की बूंदों की आवाज और मेंढकों की टर्र-टर्र की आवाज सुनाई देती रहती थी। गाँव की सड़कों पर चला नहीं जा सकता था और बाजार से सामान डोंगियों में लाना पडता था। एक घने बादलों से घिरी सुबह, पोस्टमास्टर की नन्हीं शिष्या दरवाजे के बाहर बैठकर बहुत देर तक अपने बुलावे का इंतजार करती रही, प्रायः जैसा होता था, पर जब कोई बुलावा नहीं आया तब उसने अपनी कुत्ते के कानों जैसे आकार वाली किताब हाथ में पकड़ी और धीरे से कमरे के अंदर आई। उसने अपने मालिक को उसके बिस्तर पर लेटा हुआ पाया और यह सोचकर कि वह आराम कर रहे हैं, वह धीरे-धीरे पंजों के बल चलकर बिना आवाज किए बाहर जाने ही वाली थी, तभी उसने अपना नाम सुना, “रतन”। वह एकदम से पलटी और पूछा,-“क्या आप सो रहे थे, दादा?” पोस्टमास्टर ने कमजोर आवाज में उत्तर दिया- “मेरी तबियत ठीक नहीं है। मेरा माथा छुओ; क्या यह बहुत गरम है?”

In the ………………………………… back. (Page 30)

Word-meanings-gloom (ग्लूम) = अंधकार । tender (टेण्डर) = मुलायम। longed (लाँग्ड) = इच्छा हो रही थी, जरूरत महसूस हो रही थी। tinkling (टिंक्लिंग) = खनखनाते हुए। ceased (सीज़्ड) = रुक गई। patient (पेशंट) = मरीज। gruel (ग्रुअल) = दलिया। sickbed (सिक्बेड) = बिस्तर जिस पर वह बीमारी में लेटा हुआ था। relieved (रिलीव्ड्) = मुक्त। no longer (नो लाँगर) = अब और नहीं। furtively (फॅ:टिवलि) = चुपके से। peep (पीप) = झाँकना। stretched (स्ट्रेच्ट) = पसरा हुआ, लेटा हुआ। gazing (गेजिंग) = टकटकी लगाकर देखते हुए। overflowing (ओबफ्लोइंग) = प्रसन्नता से भरे।

हिन्दी अनुवाद-अपने वनवास (घर से दूर रहने) के अकेलेपन में और बरसात के अंधकार में उसे कुछ संवेदनशील देखभाल की जरूरत थी। उस समय पोस्टमास्टर को अपने माथे पर नारी के कंगन पहने कोमल हाथों की जरूरत – महसूस हो रही थी। उसे अपनी माँ और बहन के पास होने की इच्छा भी हो रही थी। और वह वनवास निराशाजनक नहीं था। रतन अब छोटी बच्ची नहीं रही, उसने तुरंत एक माता का स्थान ले लिया, गाँव के डॉक्टर को बुलाया, उचित समय-समय पर मरीज को उसकी दवाइयाँ दी और सारी रात उसके बगल में बैठी रही। और उसके लिए दलिया बनाया तथा बार-बार पूछती रही, “आप थोड़ा ठीक महसूस कर रहे हैं, दादा?” जब पोस्टमास्टर थोड़ा ठीक होने लगा और अपना बिस्तर छोड़ सकने में समर्थ ही गया, यद्यपि वह अब भी बीमार था, तब उसने निर्णय लेते हुए कहा, “अब और नहीं, मुझे इस स्थान से अपने स्थानान्तरण के लिए अर्जी देनी चाहिए। उसने उस स्थान को अस्वस्थता का कारण बताते हुए स्थानान्तरण का एक प्रार्थनापत्र तुरंत कलकत्ता के लिए लिखा। नर्स की अपनी ड्यूटी से मुक्त होने के बाद रतन ने फिर से अपनी पुरानी जगह दरवाजे के बाहर ले ली। मगर उसने अब आगे लम्बे समय तक वही पुरानी आवाज नहीं सुनी। वह कभी-कभी चुपके से अंदर झाँकती तो देखती कि पोस्टमास्टर कुर्सी पर बैठे हैं या बिस्तर पर लेटे हैं और हवा में टकटकी लगाए देख रहे हैं। जहाँ एक तरफ पोस्टमास्टर अपनी अर्जी के जवाब का इंतजार कर रहा था, वहीं रतन अपने बुलाए जाने का इंतजार कर रही थी। रतन अपने पुराने पाठ बार-बार दोहराती रहती थी और यह डर भी समाप्त होता जा रहा था कि बुलाए जाने पर उसे संयुक्त व्यंजन ठीक से याद नहीं होंगे। एक हफ्ते के इंतजार के बाद एक शाम उसको अंदर बुलाया गया। रतन प्रसन्नता से भरे हृदय के साथ अंदर दौड़कर गई और चिल्लाई जैसा कि हमेशा चिल्लाती थी-“आपने मुझे बुलाया, दादा?” पोस्टमास्टर ने कहा, “मैं कल जा रहा हूँ, रतन।” “आप कहाँ जा रहे हैं, दादा?” “मैं घर जा रहा हूँ।” “आप वापिस कब आयेंगे?” “मैं वापिस नहीं आऊँगा।”

Ratan ………………………………… heart ! (Page 31)

Word-meanings of his own accord (ऑव हिज़ ओन अकॉ:ड) = अपने आप ही। dimly (डिम्लि) = अस्पष्ट, धीमे प्रकाश के साथ। resigned (रिजाइन्ड) = त्यागपत्र दे दिया। dripped (ड्रिप्ट) = बूंद-बूंद टपकता रहा था। earthen (अर्थन्) = मिट्टी का बना हुआ। vessel (वैसेल) = पात्र। absurdity (अब्स:डिटि) = मूर्खता। drawn (ड्रॉन) = निकाला गया। plunge (प्लन्ज्) = डुबकी। custom (कस्टम) = प्रथा, रिवाज। departure (डिपा:चें) = जाना, विदा होना। fetched (फ़ेच्ट) = जाकर लाई। anxious (ऐंक्शस) = चिंतित, उतावला। successor (सक्सेसें) = उत्तराधिकारी। inscrutable (इन्स्क्रूटेबल) = रहस्यमय।

हिन्दी अनुवाद-रतन ने आगे कुछ नहीं पूछा। पोस्टमास्टर अपने आप अपनी इच्छा से ही बोलता चला गया कि उसकी तबादले की अर्जी नामंजूर हो गई थी। इसलिए उसने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और वह घर जा रहा है। बहुत देर तक उन दोनों में से कोई कुछ नहीं बोला। लालटेन धीमे प्रकाश के साथ जल रही थी और फूस की छत की एक दरार से पानी लगातार टपक रहा था जो नीचे फर्श पर रखे एक मिट्टी के बर्तन में इकट्ठा हो रहा था। कुछ समय बाद रतन उठी और रसोई में जाकर खाना बनाने लगी पर उसके कार्य में पहले जैसी तेजी नहीं थी। सोचने हेतु कई नई चीजें उसके नन्हें दिमाग में घुस गई थीं। जब पोस्टमास्टर ने अपना खाना खत्म कर लिया तब लड़की ने अचानक उससे पूछा, “दादा, क्या आप मुझे अपने साथ घर ले चलेंगे?” पोस्टमास्टर हँसा। उसने कहा, “क्या विचार है!” परंतु उसने उस लड़की को यह समझाने की जरूरत नहीं महसूस की कि इस प्रस्ताव में मूर्खता क्या है। सारी रात, जागते और सोते हुए, पोस्टमास्टर का हंसी भरा उत्तर’क्या विचार है!’ उसके (रतन के) दिमाग को घेरे रहा। जब वह सवेरे उठा तो उसके नहाने का सामान तैयार था। उसने अपनी कलकत्ता की आदत के अनुसार निकाले हुए व मटके में भरे हुए पानी से ही नहाना जारी रखा था बजाय नदी में डुबकी लगाकर नहाने के, जैसा कि गाँव में प्रचलित था। किसी कारण से रतन उसके जाने का समय नहीं पूछ पाई थी, इसीलिए वह सूर्योदय से बहुत पहले ही नदी से पानी ले आई थी जिससे कि जैसे ही उसे जरूरत हो पानी तैयार मिल जाए। नहाने के बाद पोस्टमास्टर ने रतन को आवाज दी। रतन बिना आवाज किए अंदर आई और अपने मालिक के आदेशों के लिए चुपचाप उसके चेहरे की तरफ देखने लगी। मालिक ने कहा, “मेरे जाने से तुम्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है रतन। मैं अपने उत्तराधिकारी से तुम्हारा ध्यान रखने को कहूँगा।” नि:संदेह ये शब्द दया से कहे गए थे। परंतु नारी हृदय को समझना बहुत रहस्यमय होता है।

Ratan had ………………………………… return. (Pages 31-32)

Word-meanings-scolding (Fontfrst) = डाँट-फटकार। dumbfounded (डम्फ़ाउन्डिड्) = भौंचक या चकित। arrived (अराइव्ड) = पहुँच गया। achieved = प्राप्त किया। charge (चा:ज) = कार्य भार। retaining (रिटेनिंग) = रखकर। triffle (ट्राइफल) = बहुत थोड़ा सा। trouble (ट्र:बल) = परेशानी। heaved a sigh (हीव्ड अ साइ) = एक लम्बी सांस छोड़ी। accompanied (अकम्पनीड्) = साथ। rain swollen (रेन स्वॉलन) = बरसात के कारण उफनती हुई। swirled and sobbed (स्व:ल्ड एन् सॉब्ड) = चक्कर खाती हुई घूमती और सुबकती। grieved (ग्रीव्ड) = दुखी। pervading (प:वेडिंग) = सब ओर फैला। forsaken (फॉरसेकन्) = त्यागना । impulse (इम्पल्स)= अचानक उत्पन्न इच्छा। waif (वेफ) = बेघर, अनाथ। turbulent (टब्यूलेन्ट) = उपद्रवी। current (करन्ट) = धारा, बहाव। swift (स्विफ्ट) = तेज। consoled (कन्सोल्ड) = सांत्वना देना। philosophical (फ़िलॉसफ़िकल) = दार्शनिक। reflections (रिफ्लेक्शन्ज़) = विचार। parting (पा:टिंग) – विदाई।

हिन्दी अनुवाद-रतन ने कई बार अपने मालिक से बिना शिकायत किए डाँट खाई थी पर ये दया के शब्द वह सहन नहीं कर पाई। वह फूट-फूटकर बुरी तरह रोने लगी और बोली, “नहीं, नहीं, आपको मेरे बारे में किसी से कुछ बोलने की जरूरत नहीं है; मैं अब यहाँ और नहीं रहना चाहती हूँ।” पोस्टमास्टर भौंचक्का रह गया। उसने रतन को पहले कभी ऐसा नहीं देखा था। नया व्यक्ति नियमानुसार पहुँच गया था और पोस्टमास्टर ने उसको कार्यभार सौंप दिया और जाने की तैयारी में था। जाने से तुरंत पहले उसने रतन को बुलाया और कहा, ‘यहाँ तुम्हारे लिए कुछ है : आशा करता हूँ कुछ समय के लिए ये पर्याप्त होगा।’ उसने केवल यात्रा भर का पैसा अपने पास रखकर अपनी पूरे महीने की तनख्वाह अपनी जेब से निकाली। तभी रतन उसके पैरों पर गिर गई और रोते हुए बोली, “ओ दादा, मुझे कुछ न दें और मेरे लिए किसी भी तरह से परेशान न हों।” और फिर वह दौड़ते हुए आँखों (दृष्टि) से ओझल हो गई। ___ पोस्टमास्टर ने एक गहरी साँस छोड़ी, अपना थैला उठाया, अपने कंधे पर अपना छाता रखा और एक आदमी जो उसका कई रंगों वाला टिन का बक्सा लिए था, के साथ नाव की तरफ बढ़ गया। जब वह नाव में बैठ गया और नाव रास्ते में थी, और बरसात से उफनती हुई नदी, धरती से बहती एक अश्रुधारा के समान ऐसी लग रहा थी जैसे धरती माँ उसके (नाव) कंधे पर सिर रखकर चक्कर खाकर घूम रही और सुबक रही है, तब उसका (पोस्टमास्टर का) हृदय दुःख से भर गया; अचानक उसके मन में आया उसे गाँव की एक लड़की का दुःख से ग्रस्त चेहरा स्वयं धरती माँ के अनकहे और सब ओर फैले महान दुःख का प्रतीक लगा। उसके मन में आया कि वह दौड़कर जाए और संसार द्वारा परित्यक्त उस अकेली बेघर बच्ची को अपने साथ ले आए। मगर तब तक हवा पतवार में आ चुकी थी और चलते हुए नाव नदी की विप्लवकारी (उग्र या उपद्रवी) धारा के लगभग बीच में पहुँच चुकी थी और गाँव पीछे छूट चुका था और गाँव का बाहरी दृश्य जो कि जलती हुई भूमि जैसा था, दिखाई देने लगा था। अतः उस यात्री ने जो कि वेग से बहती नदी के वक्ष स्थल पर सवार था, स्वयं को संसार और मृत्यु जो कि सबसे बड़ी विदाई है, पर दार्शनिक विचार करके स्वयं को सांत्वना दी।

But Ratan ………………………………… mistakes. (Page 32)

Word-meanings-streaming (स्ट्रीमिंग) = लगातार बहते हुए। lurking (ल:किंग) = छुपी हुई। foolish (फुलिश) = मूर्ख । persistent (प:सिस्टण्ट) = स्थाई, हमेशा। dictates (डिक्टेक्ट्स) = दिशा-निर्देश। reason (रीज़न) = तर्क। assert (अस:ट) = जमाना। sway (स्वे) = प्रभाव। surest (स्युअरस्ट) = सबसे पक्का। proof (प्रूफ़) = साक्ष्य, सबूत। cling (क्लिंग) = चिपकाना। desperately (डेपिरेलि) = निराशाजनक रूप से। vain (वेन्) = व्यर्थ। bond (बॉण्ड्) = जुड़ाव। misery (मिज़रि) = दु:ख। longing (लांगिंग) = लालसा या कामना। maze (मेज़) = भूल-भुलैया।

हिन्दी अनुवाद-मगर रतन के पास कोई दर्शनशास्त्र (तर्क) नहीं था। वह अपनी आँखों से लगातार बहते हुए आँसुओं के साथ पोस्टआफिस के पास घूम रही थी। उसके हृदय के किसी कोने में शायद एक छुपी हुई आस थी कि उसके दादा वापिस लौट आयेंगे और शायद इसीलिए वह वहाँ से हट नहीं रही थी। वाह रे! मूर्ख मानव स्वभाव! इससे प्रिय गलतियाँ हमेशा ही होती हैं। मन तर्क के दिशा-निर्देशों अर्थात् सही कारणों को बड़ी मुश्किल से मानने को तैयार होता है। इस स्थिति में व्यक्ति सबसे पक्के सबूतों पर भी विश्वास नहीं करता है। व्यक्ति किसी झूठी आस से निराशाजनक रूप से तब तक जुड़ा रहता है जब तक यह झूठी आस उसके हृदय को चूसकर सुखा नहीं देती और जुड़ाव पूरी तरह से टूट और बिखर नहीं जाता है। उसके पश्चात् आती है दुख की समझ, और अब एक बार फिर वापिस उन्हीं गलतियों की भूल-भुलैया में फंसने की लालसा।

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