साम्य अवस्था स्थिरांक तथा मानक मुक्त ऊर्जा में सम्बन्ध

साम्य अवस्था स्थिरांक तथा मानक मुक्त ऊर्जा में सम्बन्ध

विधुत रासायनिक सेल में रासायनिक ऊर्जा विधुत ऊर्जा में परिवर्तित होती है अर्थात सेल द्वारा कार्य किया जाता हैं।

सेल द्वारा किया गया वैधुत कार्य सेल के विधुत वाहक बल तथा आवेश के गुणनफल के बराबर होता हैं।

अर्थात

W = आवेश x सेल का विधुत वाहक बल

W = nF x Ecell

W = nFEcell        (समीकरण 1 )

उष्मागतिकी के अनुसार सेल द्वारा किया गया कार्य मुक्त ऊर्जा में कमी के बराबर होता हैं।

अर्थात

W = – ΔG           (समीकरण 2 )

समीकरण 1 तथा 2 की तुलना करने पर

– ΔG  = nFEcell

माइनस (-) से गुणा करने पर

ΔG  = – nFEcell

जब सेल मानक परिस्थितियों में होता है तब

ΔG  = ΔG0

Ecell  = E0cell

अतः ΔG0 = – nF E0cell

चूँकि

E0cell = (2.303 RT)nF log(Kc)

अतः

ΔG0 = – nF x (2.303 RT)nF log(Kc)

या

ΔG0 = -RT ln Kc

Example:

1 : Mg(s) / Mg2+ (0.001M) // Cu2+ (0.0001) /Cu(s)

उत्तर : Anode   Mg → Mg2+  + 2e–

Cathode  Cu2+ + 2e–  →  Cu

E0cell =         Mg + Cu2+ → Mg2+ + Cu

नेर्नस्ट समीकरण से:

Ecell = E0Cell  – (0.059/n) log [Mg2+/Cu2+]

E0Cell  = E0Cu2+/Cu  – E0Mg2+/Mg

E0Cell  = + 0.34 – (-2.36)

E0Cell  = +2.70

Ecell = +2.70 – (0.059/2)log(0.001)/(0.0001)

Ecell = +2.70 – 0.059/2 log10

Ecell = +2.70 – 0.0295 x 1

Ecell = 2.6705 volt

 

2 :  Sn(s) / Sn2+(0.05M) // H+(0.020M) / H2(g) / Pt(s)

answer : Anode    Sn → Sn2+  + 2e–

Anode  2H+ + 2e–   → H2

Cell = Sn + 2H+ → H2  +   Sn2+

नेर्नस्ट समीकरण से

Ecell = E0Cell  – (0.059/n) log [Sn2+/ (H+)2]

E0Cell = E0H+/1/2H2       –  E0Sn2+/Sn

E0Cell = 0 – (-0.14)

E0Cell = +0.14 volt

Ecell = +0.14  – (0.059/2)log (0.050)/(0.02)2

Ecell = +0.14 – 0.05186

Ecell = +0.8

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