RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 7 रक्त परिसंचरण

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BoardRBSE
TextbookSIERT, Rajasthan
ClassClass 8
SubjectScience
ChapterChapter 7
Chapter Nameरक्त परिसंचरण
Number of Questions Solved79
CategoryRBSE Solutions

Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 7 रक्त परिसंचरण

पाठगत प्रश्न

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प्रश्न 1.
रुधिर वर्ग क्या है?
उत्तर:
प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में रुधिर होता है। प्रत्येक व्यक्ति का रुधिर वर्ग अलग-अलग होता है। मानव में रुधिर वर्गों की जानकारी सबसे पहले कार्ल लैण्डस्टिनर नामक वैज्ञानिक ने दी थी। शोध से पता चला कि रुधिर देने वाले तथा रुधिर लेने वाले व्यक्ति के रक्त वर्ग समान होने चाहिए। रुधिर में पाये जाने वाले प्रतिजनों की उपस्थिति के आधार पर लैण्डस्टिनर ने मानव रुधिर को चार वर्गों A, B, AB तथा 0 में वर्गीकृत किया।

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प्रश्न 2.
रुधिर बैंक क्या है?
उत्तर:
वह स्थान जहाँ विभिन्न वर्गों का रुधिर सुरक्षित एवं संग्रहित रहता है, रुधिर बैंक कहलाता है। रुधिर बैंक में रुधिर की निरन्तरता के लिए रक्तदान आवश्यक होता है। रुधिर को रुधिर बैंकों में सुरक्षित रखने के लिए इसमें सोडियम साइट्रेट मिलाकर रखा जाता है। रुधिर बैंक में रुधिर लगभग 30 दिनों तक सुरक्षित रहता है।

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प्रश्न 3.
रक्तदान कौन कर सकता है?
उत्तर:
ऐसे पुरुष-महिला जो 18-60 की उम्र के हों, गम्भीर बीमारी नहीं हो, गत तीन माह में रक्तदान नहीं किया हो, हीमोग्लोबिन 12.5 से ज्यादा हो, रक्तदाब, पल्स रेट सामान्य हो, रक्तदान कर सकते हैं ।
रुधिर बैंक में रुधिर की निरन्तरता बनी रहे। इसलिए स्वैच्छिक रूप से रक्तदान करने की आवश्यकता होती है। रक्तदान हेतु रक्तदान शिविरों का भी आयोजन किया जाता है। रेडक्रॉस सोसायटी, सभी सरकारी अस्पताल आदि में रुधिर एकत्रित करने की व्यवस्था होती है। आवश्यकता पड़ने पर इन रुधिर बैंकों से वांछित समूहों का रक्त रोगियों को उपलब्ध कराया जाता है।
रक्तदान कौन कर सकता है?- निम्न शर्ते पूरी करने वाले प्रत्येक पुरुष-महिला रक्तदान कर सकते हैं

  1. जिसकी उम्र 18 वर्ष से 60 वर्ष के मध्य हो।
  2. जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो।
  3. जो एड्स, हिपेटाइटिस बी और सी आदि या अन्य गम्भीर बीमारियों से ग्रसित न हो।
  4. जिसने पिछले तीन माह में रक्तदान नहीं किया हो।
  5. जिसका पिछले 6 माह में कोई बड़ा ऑपरेशन नहीं हुआ हो।
  6. जिसका हीमोग्लोबिन 12.5 से अधिक हो ।
  7. जिसका रक्तदाब सामान्य हो।
  8. जिसका तापमान 37.5°C व पल्स रेट सामान्य हो।
  9. महिला जो गर्भवती नहीं हो।

रक्तदान के बाद ध्यान रखने योग्य बातें

  1. रक्तदान के पश्चात् 24 घण्टे तक तरल पदार्थों का सेवन करें, जैसे-जूस, दूध इत्यादि।
  2. रक्तदान के पश्चात् 24 घण्टे तक अधिक परिश्रम व व्यायाम नहीं करें।

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प्रश्न 4.
हमारी नाड़ी में स्पन्दन क्यों होता है?
उत्तर:
हमारे शरीर की धमनियों में प्रवाहित हो रहे रक्त के कारण नाड़ी स्पन्दन होता है।

प्रश्न 5.
हमारे शरीर की नाड़ी में एक मिनट में कितनी बार स्पन्दन होता है?
उत्तर:
किसी स्वस्थ व्यक्ति की स्पन्दन दर औसतन 72 स्पंदन प्रति मिनट होती है। यह स्पन्दन दर उम्र के अनुसार अलग हो सकती है।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

सही विकल्प का चयन कीजिए

प्रश्न 1.
रक्त प्लाज्मा में जल की लगभग मात्रा होती है
(अ) 70%
(ब) 90%
(स) 10%
(द) 45%
उत्तर:
(ब) 90%

प्रश्न 2.
लाल रक्त कणिकाओं को निम्नलिखित में से किस नाम से भी जाना जाता है?
(अ) RBC
(ब) WBC
(स) बिंबाणु
(द) पल्स
उत्तर:
(अ) RBC

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से किसके कारण रुधिर का रंग लाल होता है?
(अ) फाइब्रिन
(ब) प्रतिजन
(स) हीमोग्लोबिन
(द) प्लेटलेट
उत्तर:
(स) हीमोग्लोबिन

प्रश्न 4.
वयस्क व्यक्ति का हृदय एक मिनट में कितनी बार धड़कता है?
(अ) 50 बार
(ब) 72 बार
(स) 110 बार
(द) 120 बार
उत्तर:
(ब) 72 बार

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. ………………… शरीर में आए जीवाणुओं को मारने का कार्य करती है।
2. रुधिर के ………………. वर्ग होते हैं।
3. अशुद्ध रुधिर ………………….. द्वारा पुनः हृदय में लाया जाता है।
4. कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रुधिर ……………… में शुद्ध होता है।
उत्तर:
1. श्वेत रक्त कणिकाएँ
2. चार
3. शिराओं
4. फेफड़ों

एक शब्द में उत्तर दीजिए

प्रश्न 1.
रक्त का थक्का जमाने वाली कणिका का नाम बताइए।
उत्तर:
प्लेटलेट्स।

प्रश्न 2.
रक्त को तरल रूप में बनाए रखने का कार्य कौन करता है?
उत्तर:
प्लाज्मा।

प्रश्न 3.
हृदय को कितने कक्षों में बाँटा गया है?
उत्तर:
चार।

प्रश्न 4.
प्रतिजन के कितने प्रकार होते हैं?
उत्तर:
दो।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
विभिन्न रक्त वाहिकाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
शरीर में रक्त वाहिनियाँ रक्त को शरीर के एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं। शरीर में दो प्रकार की रक्त वाहिनियाँ पायी जाती हैं

  1. धमनी
  2. शिराएँ

प्रश्न 2.
रक्त कणिकाएँ कितने प्रकार की होती हैं? नाम लिखिए।
उत्तर:
रुधिर का लगभग 40 प्रतिशत भाग रुधिर कणिकाओं से बना होता है। ये रुधिर कणिकाएँ तीन प्रकार की होती हैं

  1. लाल रुधिर कणिकाएँ या इरिथ्रोसाइट्स (RBC)
  2. श्वेत रुधिर कणिकाएँ या ल्यूकोसाइट्स (WBC)
  3. प्लेटलेट्स या थ्रोम्बोसाइट्स।

प्रश्न 3.
श्वेत कणिकाओं को हमारे शरीर के सैनिक क्यों कहते हैं?
अथवा
श्वेत रुधिर कणिकाओं में वर्णक नहीं पाया जाता है। श्वेत रुधिर कणिकाओं को हमारे शरीर का सैनिक क्यों कहते हैं?
उत्तर:
श्वेत रक्त कणिकाएँ शरीर में प्रतिरक्षा का कार्य करती हैं, शरीर को संक्रमित करने वाले रोगाणुओं को नष्ट करती हैं, मृत कोशिकाओं का भक्षण कर रुधिर की सफाई करती हैं। इसलिए इन कणिकाओं को सैनिक कणिकाएँ भी कहते हैं।

प्रश्न 4.
रक्त के कार्य लिखिए।
उत्तर:
रक्त के प्रमुख कार्य निम्न प्रकार हैं

  1. रुधिर हमारे शरीर में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन करता है।
  2. पोषक पदार्थों तथा उत्सर्जी पदार्थों का परिवहन करता
  3. हमारे शरीर की बीमारियों से रक्षा करता है।
  4. चोट लगने पर रुधिर का थक्का बनाकर उसे बहने से रोकता है।
  5. हार्मोन, एन्टीबॉडीज आदि का परिवहन करता है।
  6. शरीर का तापमान निश्चित बनाये रखता है।

प्रश्न 5.
चोट लगने पर थक्का न जमे तो क्या होगा?
उत्तर:
हमारे शरीर के चोट लगने पर रुधिर बहने लगता है। किन्तु हमारे रुधिर में स्थिर रुधिर कणिकाएँ प्लेटलेट्स कुछ देर बाद रुधिर का थक्का बना देते हैं जिससे चोट वाले स्थान से रुधिर बहना बन्द हो जाता है। यदि रुधिर का थक्का नहीं बनेगा तो रुधिर का बहना नहीं रुकेगा। रुधिर लगातार बहने से शरीर में रुधिर की मात्रा कम हो जाने से जान को खतरा हो जाता है। समय पर उपचार नहीं होने से मृत्यु भी हो सकती है।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
हृदय की संरचना का सचित्र वर्णन कीजिए।
अथवा
मानव हृदय का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
हृदय की संरचना-हृदय वह अंग है जो रक्त द्वारा पदार्थों के परिवहन के लिए पंप के रूप में कार्य करता है। यह निरन्तर धड़कता रहता है। यह वक्ष गुहा में स्थित होता है। हृदय का माप लगभग मुट्टी के बराबर होता है। मानव हृदय चार कक्षों में बँटा होता है। ऊपरी दो कक्ष आलिन्द एवं निचले दो कक्ष निलय कहलाते हैं। कक्षों के बीच में एक विभाजन पट्टिका होती है। यह विभाजन पट्टिका ऑक्सीजन युक्त रक्त और कार्बन डाइऑक्साइड से युक्त रक्त को परस्पर मिलने नहीं देती है। हृदय क्रमशः फैलता एवं सिकुड़ता है, जिससे रक्त नलिकाओं में पम्प होता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 7 रक्त परिसंचरण 1

प्रश्न 2.
टिप्पणी लिखिए
(अ) रुधिर वर्ग
(ब) रुधिर बैंक
उत्तर:
(अ) रुधिर वर्ग- सभी व्यक्तियों का रुधिर वर्ग समान नहीं होता है। मानव में रुधिर वर्गों अथवा समूहों सम्बन्धी जानकारी सबसे पहले कार्ल लैण्डस्टिनर नामक वैज्ञानिक ने दी थी। रुधिर में पाये जाने वाले प्रतिजनों की उपस्थिति के आधार पर कार्ल लैण्डस्टिनर ने मानव रुधिर को A, B, AB व O चार वर्गों में वर्गीकृत किया। रुधिर वर्ग की जानकारी से रक्तदान जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य समाज के लिए वरदान साबित हुए। साथ ही न्याय, कानून के क्षेत्र में भी रक्त वर्गों का महत्त्व है। किसी व्यक्ति के शरीर में रक्त की कमी होने पर उचित वर्ग का रक्त चढ़ाकर उसकी रक्त की कमी पूरी की जा सकती है।

(ब) रुधिर बैंक- दुर्घटना आदि होने पर व्यक्ति के शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के शरीर में रक्त की कमी हो जाती है। इस कारण उसे रक्त की आवश्यकता होती है। जहाँ तक हो सके उसे रिश्तेदारों का खून दिया जाता है क्योंकि उनका रुधिर वर्ग मिलने की संभावना रहती है। परिजनों से वांछित रक्त समूह नहीं मिलने की स्थिति में रक्त रुधिर बैंकों से लिया जाता है।
अतः वह स्थान जहाँ विभिन्न वर्गों का रुधिर सुरक्षित एवं संग्रहित रहता है ।

रुधिर बैंक कहलाता है। रुधिर बैंक में रुधिर की निरन्तरता बनी रहे इसलिए रक्तदान की आवश्यकता होती है। रुधिर को रुधिर बैंकों में सुरक्षित रखने के लिए इसमें सोडियम साइट्रेट मिलाकर रखा जाता है। रुधिर बैंक में रुधिर लगभग 30 दिनों तक सुरक्षित रहता है। आवश्यकता पड़ने पर इन रुधिर बैंकों से दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों एवं रोगियों को वांछित समूह का रक्त उपलब्ध कराया जाता है।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
हीमोग्लोबिन सम्पूर्ण शरीर में ऑक्सीजन ले जाने का कार्य किस रूप में करता है?
(अ) ऊतक के रूप में
(ब) वर्णक के रूप में
(स) ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(स) ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में

प्रश्न 2.
चोट लगने पर होने वाले रुधिर बहाव को नियंत्रित करने में सहायक है
(अ) प्लेटलेट्स
(ब) श्वेत रक्त कणिकाएँ
(स) लाल रक्त कणिकाएँ
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(अ) प्लेटलेट्स

प्रश्न 3.
निम्न में से रुधिर को शरीर से हृदय तक ले जाने का कार्य कौनसी वाहिका करती है?
(अ) धमनियाँ
(ब) शिराएँ।
(स) अ व ब दोनों
(द) दोनों नहीं
उत्तर:
(ब) शिराएँ।

प्रश्न 4.
मानव हृदय शरीर में कहाँ स्थित होता है?
(अ) वक्ष गुहा में
(ब) रज्जु में
(स) आमाशय में
(द) मस्तिष्क में
उत्तर:
(अ) वक्ष गुहा में

प्रश्न 5.
एड्स निम्न में से कौनसे विषाणु से फैलता है?
(अ) H.I.V.
(ब) विब्रियो
(स) ट्यूबर क्लोसिस
(द) NIHI
उत्तर:
(अ) H.I.V.

प्रश्न 6.
विश्व एड्स दिवस कब मनाया जाता है?
(अ) 28 फरवरी
(ब) 5 जून
(स) 11 जुलाई
(द) 1 दिसम्बर
उत्तर:
(द) 1 दिसम्बर

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. लाल रुधिर कणिकाओं में ……………….. नामक वर्णक पाया जाता है। (बिम्बाणु/हीमोग्लोबिन)
2. AB रुधिर वर्ग वाला व्यक्ति ………………. कहलाता। (सार्वत्रिक दाता/सार्वत्रिक ग्राही)
3. हृदय से ऑक्सीजन युक्त रुधिर को शरीर के सभी भागों में ले जाने का कार्य ………………. करती है। (धमनियाँ/शिराएँ)
4. हृदय निरन्तर ……………… रहता है। (गति करता/धड्कता)
5. हृदय के दो ऊपरी कक्ष ……………….. और निचले दो कक्ष ……………. कहलाते हैं। (आलिन्द-निलय/निलय-आलिन्द)
उत्तर:
1. हीमोग्लोबिन
2. सार्वत्रिक ग्राही
3. धमनियाँ
4. धड़कता
5. आलिन्द-निलय

बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
1. रुधिर तरल संयोजी ऊतक कहलाता है।
2. लाल रुधिर कणिकाएँ प्रतिरक्षा का कार्य करती हैं।
3. मानव रुधिर में चार प्रकार के प्रतिजन पाए जाते
4. O रक्त समूह वाला व्यक्ति सार्वत्रिक दाता होता
5. हृदय के एक बार फैलने व सिकुड़ने को हृदय स्पंदन कहते हैं।
6. हृदय दो कक्षों में बँटा होता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. असत्य
4. सत्य
5. सत्य
6. असत्य

सही मिलान कीजिए

प्रश्न 1.

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
1. हीमोग्लोबिन वर्णक(A) WBC
2. प्रतिरक्षा कार्य(B) रुधिर प्रोटीन
3. प्रतिजन, प्रतिरक्षी(C) RBC
4. सर्वदाता रुधिर वर्ग(D) AB रुधिर वर्ग
5. सर्वग्राही रुधिर वर्ग(E) O रुधिर वर्ग

निम्नांकित का सही मिलान कीजिए
उत्तर:
1. (C)
2. (A)
3. (B)
4. (E)
5. (D)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
मनुष्य में चार प्रकार के रुधिर वर्ग पाये जाते हैं, रुधिर वर्ग O (ओ) में कौनसा एन्टीजन (प्रतिजन) व एन्टीबॉडी (प्रतिरक्षी) पाया जाता है?
उत्तर:

  1. रुधिर वर्ग 0 में एन्टीजन (प्रतिजन) नहीं पाया जाता है।
  2. रुधिर वर्ग 0 में एन्टीबॉडी (प्रतिरक्षी) a एवं b पाया जाता है।

प्रश्न 2. रुधिर या रक्त किसे कहते हैं ?
उत्तर:
हमारे शरीर में पदार्थों के परिवहन कार्य को करने के लिए लाल रंग का द्रव पाया जाता है, जिसे रुधिर या रक्त कहते हैं।

प्रश्न 3.
रक्त किस प्रकार के जन्तुओं में पाया जाता है?
उत्तर:
सभी कशेरुकीय जन्तुओं में रक्त पाया जाता है।

प्रश्न 4.
रुधिर का लगभग कितने प्रतिशत भाग प्लाज्मा होता है?
उत्तर:
रुधिर का लगभग 50-60 प्रतिशत भाग प्लाज्मा होता है।
प्रश्न 5.
रुधिर प्लाज्मा की प्रकृति कैसी होती है?
उत्तर:
अकार्बनिक क्षारीय लवणों के कारण रुधिर प्लाज्मा की प्रकृति क्षारीय होती है।

प्रश्न 6.
रुधिर प्लाज्मा की प्रकृति क्षारीय क्यों होती है?
उत्तर:
अकार्बनिक क्षारीय लवणों के कारण।

प्रश्न 7.
तरल संयोजी ऊतक किसे कहते हैं ?
उत्तर:
प्लाज्मा रुधिर को तरल रूप में बनाये रखने का कार्य करता है। इसी कारण रुधिर को तरल संयोजी ऊतक कहते हैं।

प्रश्न 8.
RBC एवं WBC का पूरा नाम बताइए।
उत्तर:

  1. RBC (Red Blood Corpuscles) लाल रुधिर कणिकाएँ।
  2. WBC (White Blood Corpuscles) श्वेत रुधिर कणिकाएँ।

प्रश्न 9.
लाल रक्त कणिकाओं का रंग लाल क्यों होता
उत्तर:
लाल रक्त कणिकाओं में हीमोग्लोबिन वर्णक पाया जाता है जिसके कारण इनका रंग लाल होता है।

प्रश्न 10.
लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण कहाँ होता है?
उत्तर:
लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण अस्थिमज्जा में होता है।

प्रश्न 11.
कौनसी रुधिर कणिकाओं को सैनिक कणिकाएँ भी कहते हैं?
उत्तर:
श्वेत रक्त कणिकाओं को सैनिक कणिकाएँ भी कहते हैं।

प्रश्न 12.
रुधिर का थक्का बनने में कौनसी रुधिर कणिकाएँ सहायक हैं?
उत्तर:
प्लेटलेट्स।

प्रश्न 13.
मानव रुधिर में पाये जाने वाले प्रतिजनों के नाम बताओ।
उत्तर:
प्रतिजन A तथा प्रतिजन B

प्रश्न 14.
मानव रुधिर में पाये जाने वाली प्रतिरक्षी के नाम बताओ?
उत्तर:
प्रतिरक्षी a तथा प्रतिरक्षी b

प्रश्न 15.
रुधिर आधान किसे कहते हैं?
उत्तर:
मनुष्य के शरीर में रक्त की कमी हो जाने पर उचित वर्ग का रक्त चढ़ाकर उसमें रक्त की कमी को पूरा किया जाता है, जिसे रुधिर आधान कहते हैं।

प्रश्न 16.
रुधिरदाता एवं रुधिरग्राही किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह व्यक्ति जो रक्तदान करता है वह रुधिरदाता एवं जो व्यक्ति रुधिर ग्रहण करता है, उसे रुधिरग्राही कहते हैं ।

प्रश्न 17.
सार्वत्रिक दाता कौनसे रक्त वर्ग वाला व्यक्ति होता है?
उत्तर:
रुधिर वर्ग O वाला व्यक्ति सार्वत्रिक दाता कहलाता है। इस वर्ग वाला व्यक्ति सभी को रुधिर दान कर सकता है।

प्रश्न 18.
सार्वत्रिक ग्राही कौनसे रक्त वर्ग वाला व्यक्ति होता है?
उत्तर:
रुधिर वर्ग AB वाला व्यक्ति सभी रक्त वर्ग वाले व्यक्तियों का रुधिर ले सकता है। अतः इसे सार्वत्रिक ग्राही कहते हैं।

प्रश्न 19.
रुधिर को रुधिर बैंकों में संरक्षित रखने के लिए क्या मिलाया जाता है?
उत्तर:
रुधिर को रुधिर बैंकों में संरक्षित रखने के लिए सोडियम साइट्रेट मिलाकर रखा जाता है।

प्रश्न 20.
रुधिर को रुधिर बैंकों में लगभग कितने दिनों तक संरक्षित रखा जा सकता है?
उत्तर:
रुधिर को रुधिर बैंकों में लगभग 30 दिनों तक संरक्षित रखा जा सकता है।

प्रश्न 21.
रक्तदान करने की लगभग उम्र अवधि क्या होती है?
उत्तर:
रक्तदान करने की लगभग उम्र 18 से 60 वर्ष के मध्य होती है।

प्रश्न 22.
शरीर में रुधिर परिवहन का कार्य कौन करता है?
उत्तर:
शरीर में रुधिर परिवहन का कार्य हृदय व रक्त वाहिनियाँ मिलकर करती हैं।

प्रश्न 23.
रुधिर वर्ग की जानकारी किस वैज्ञानिक ने दी थी?
उत्तर:
कार्ल लैण्डस्टिनर नामक वैज्ञानिक ने।

प्रश्न 24.
शरीर में पाई जाने वाली रक्त वाहिनियों के नाम बताओ।
उत्तर:

  1. धमनियाँ
  2. शिराएँ

प्रश्न 25.
किसी स्वस्थ व्यक्ति की नाड़ी स्पन्दन दर औसतन प्रति मिनट कितनी होती है?
उत्तर:
स्वस्थ व्यक्ति की नाड़ी स्पन्दन दर औसतन 72 स्पन्दन प्रति मिनट होती है।

प्रश्न 26.
स्पन्दन किस कारण होता है?
उत्तर:
स्पन्दन हृदय के धड़कने के कारण होता है।

प्रश्न 27.
रक्त परिसंचरण की खोज किसने की थी ?
उत्तर:
विलियम हार्वे नामक चिकित्सक ने रक्त परिसंचरण की खोज की थी।

प्रश्न 28.
रक्त की कमी या संक्रमण से होने वाले रोगों के नाम बताओ।
उत्तर:
ऐनीमिया, पॉलीसाइथीनिया, रक्त कैं सर, हिपेटाइटिस बी, एड्स आदि।

प्रश्न 29.
विश्व एड्स दिवस कब मनाया जाता है? इसका परीक्षण कैसे करते हैं?
उत्तर:
1 दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। एलीसा (ELISA) परीक्षण से एड्स का पता लगाया जा सकता है।

प्रश्न 30.
रुधिर में कौन-कौनसे कार्बनिक पदार्थ पाये जाते हैं ?
उत्तर:
प्रोटीन, ग्लूकोज, वसा, अम्ल, हार्मोन आदि।

प्रश्न 31.
हृदय स्पन्दन मापने के लिए किसका प्रयोग करते हैं एवं इसकी खोज किसने की थी ?
उत्तर:
हृदय स्पन्दन स्टेथोस्कोप से मापते हैं एवं इसकी खोज 1816 में फ्रांस के आर. लीनी नामक डॉक्टर ने की थी।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
मानव रक्त क्या है? इसके कौन-कौनसे भाग हैं?
उत्तर:
मानव रक्त-हमारे शरीर में पदार्थों के परिवहन कार्य को करने के लिए लाल रंग का द्रव पाया जाता है, जिसे रुधिर या रक्त कहते हैं। मानव रक्त के मुख्य दो भाग होते हैं

  1. तरल रूप में प्लाज्मा
  2. ठोस रूप में कणिकाएँ

प्रश्न 2.
रुधिर के भाग प्लाज्मा के बारे में संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
प्लाज्मा-यह हल्का पीला, साफ, चिपचिपा तथा पारदर्शी तरल पदार्थ होता है। रुधिर का लगभग 50-60 प्रतिशत भाग प्लाज्मा होता है। सामान्य रूप से इसमें 90 प्रतिशत जल तथा 10 प्रतिशत अकार्बनिक एवं कार्बनिक पदार्थ होते हैं। अकार्बनिक क्षारीय लवणों के कारण रुधिर प्लाज्मा की प्रकृति क्षारीय होती है। प्लाज्मा रुधिर को तरल रूप में बनाये रखने का कार्य करता है। इसी कारण रुधिर तरल संयोजी ऊतक कहलाता है।

प्रश्न 3.
रोगी अथवा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को समान रुधिर वर्ग का रक्त चढ़ाया जाता है। रुधिर वर्ग का महत्व बतलाइए।
उत्तर:
रुधिर वर्ग का महत्त्व

  1. रुधिर वर्ग की जानकारी से रक्तदान जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य समाज के लिए वरदान साबित हुए हैं।
  2. इससे दुर्घटनाग्रस्त एवं बीमार व्यक्तियों को आवश्यकता पड़ने पर उचित वर्ग को रुधिर रक्त बैंकों से आसानी से प्राप्त हो जाता है।
  3. न्याय एवं कानून के क्षेत्रों में भी रक्त वर्गों का महत्त्व है। इनके नमूनों से प्राप्त किये जाने वाले डी.एन.ए. परीक्षणों द्वारा अपराधियों की पहचान की जा सकती है।
  4. मनुष्य के शरीर में रक्त की कमी होने पर रक्तदाता एवं रक्तग्राही के रक्त वर्गों को सुमेलित कर रक्त चढ़ाया जाता है।

प्रश्न 4.
रक्त वर्ग कितने भागों में विभाजित है? वर्णन कीजिए।
अथवा
मानव रुधिर वर्गों में पाये जाने वाले प्रतिजन एवं प्रतिरक्षी का प्रकार निम्न सारणी में भरिये-

क्र.सं.रुधिर वर्गप्रतिजनप्रतिरक्षी
1.A  
2.B  
3.AB  
4.O  

उत्तर:

क्र.सं.रुधिर वर्गप्रतिजन (एन्टीजन)प्रतिरक्षी
(एन्टीबॉडी)
1.A (ए)Ab
2.B (बी)Ba
3.AB (एबी)A और Bकोई नहीं
4.O (ओ)कोई नहींa तथा b

प्रश्न 5.
शरीर में रुधिर का थक्के के समान जमना कब सम्भव होता है?
उत्तर:
शरीर में रुधिर का थक्के के समान जमना तभी संम्भव है जब प्रतिजन A के साथ प्रतिरक्षी a अथवा प्रतिजन B के साथ प्रतिरक्षी b एक साथ उपस्थित होते हैं। इस प्रकार रुधिर के जमने से रक्त केशिकाओं में रक्त का बहाव रुक जाता है।

प्रश्न 6.
रुधिर संक्रमण से होने वाले रोगों के बारे में सामान्य जानकारी दीजिए।
उत्तर:
रुधिर की कमी या संक्रमण से शरीर में कुछ रोग हो जाते हैं, जैसे-एनीमिया, पॉलीसाइथीनिया, रक्त कैंसर, हिपेटाइटिस बी, एड्स आदि। एड्स महामारी के रूप में भारत में तेजी से फैल रहा है, जिसका कोई इलाज नहीं है। इसके विषाणु को HIV कहते हैं। इसका बचाव ही उपचार है।

प्रश्न 7.
एड्स के बारे में कुछ तथ्य बतलाइए।
उत्तर:

  1. एक (01) दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है।
  2. एलिसा (ELISA) परीक्षण से एड्स का पता लगाया जाता है।
  3. एड्स (AIDS) का पूरा नाम एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिसिएंसी सिन्ड्रोम है।
  4. यह एक लाइलाज सिन्ड्रोम है।
  5. एड्स एच.आई.वी. (HIV) विषाणु से फैलता है।

प्रश्न 8.
आयु के अनुसार मानव शरीर की नाड़ी की गति में अन्तर को सारणी बनाकर दर्शाइए।
उत्तर:
आयु के अनुसार मानव शरीर की नाड़ी की गति ( लगभग)

क्र.सं.आयु/आयु वर्गनाड़ी गति (लगभग) प्रति मिनट
1.01 वर्ष120 बार
2.02 वर्ष110 बार
3.3 – 6 वर्ष95 बार
4.7 – 13 वर्ष80 – 85 बार
5.युवावस्था70 – 80 बार
6.वृद्धावस्था60 – 70 बार

प्रश्न 9.
रुधिर आधान सम्बन्धी निम्न सारणी का अवलोकन कर निष्कर्ष लिखिए
उत्तर:
उक्त सारणी के अवलोकन से निम्न निष्कर्ष निकलते हैं

दाता रुधिर वर्गग्राही रुधिर वर्ग
ABABO
A
B
AB
O
  1. AB रक्त समूह वाला ग्राही सभी प्रकार के रक्त समूह वाले व्यक्तियों से रक्त ले सकता है।
  2. O रक्त समूह वाला दाता सभी प्रकार के रक्त समूह वाले व्यक्तियों को रक्त दे सकता है।
  3. AB रक्त वर्ग वाला व्यक्ति सार्वत्रिक ग्राही है।
  4. O रक्त वर्ग वाला व्यक्ति सार्वत्रिक दाता है।

प्रश्न 10.
रुधिर कणिकाएँ कितने प्रकार की होती हैं? इनके नाम लिखिए। श्वेत रुधिर कणिकाओं के दो कार्य लिखिए।
उत्तर:
रुधिर कणिकाएँ तीन प्रकार की होती हैं

  1. लाल रुधिर कणिकाएँ (RBC)
  2. श्वेत रुधिर कणिकाएँ (WBC)
  3. प्लेटलेट्स।

श्वेत रुधिर कणिकाओं के कार्य-

  1. ये प्रतिरक्षा का कार्य करती हैं। शरीर को संक्रमित करने वाले रोगाणु या परजीवी को नष्ट कर शरीर को स्वस्थ बनाये रखती हैं।
  2. शरीर में टूटी हुई व मृत कोशिकाओं का भक्षण कर रुधिर की सफाई करती हैं।

प्रश्न 11.
रक्तदान से शरीर में कमजोरी आती है। इस भ्रांति के संबंध में अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
आमतौर पर रक्तदान के सम्बन्ध में यह भ्रांति है कि इससे शरीर में कमजोरी आती है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता है बल्कि रक्तदान के अनेक लाभ भी होते हैं। रक्तदान से क्षणिक कमजोरी अवश्य आती है जो कुछ ही घंटों में दूर हो जाती है। रक्तदान के बाद निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए

  1. रक्तदान के पश्चात् 24 घण्टे तक तरल पदार्थ का सेवन करें; जैसे-जूस, दूध इत्यादि।
  2. रक्तदान के पश्चात् 24 घण्टे तक अधिक परिश्रम व व्यायाम नहीं करें।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
मानव रक्त के मुख्य भागों का नाम बताइए एवं रक्त कणिकाओं का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मानव रक्त के दो मुख्य भाग होते हैं

  • प्लाज्मा
  • रक्त कणिकाएँ

रक्त कणिकाएँ- रुधिर का लगभग 40 प्रतिशत भाग रुधिर कणिकाओं से बना होता है। ये रक्त कणिकाएँ तीन प्रकार की होती हैं
(क) लाल रुधिर कणिकाएँ (RBC)- ये कणिकाएँ गोल, तश्तरीनुमा तथा दोनों ओर से पिचकी हुई एवं केन्द्रक विहीन होती हैं। इनमें हीमोग्लोबीन नामक वर्णक पाया जाता है, जो रक्त को लाल रंग प्रदान करता है। हीमोग्लोबीन सम्पूर्ण शरीर में ऑक्सीजन ले जाने का कार्य करता है। लाल रुधिर कणिकाओं का निर्माण अस्थि मज्जा से होता है।
लाल रुधिर कणिकाओं के कार्य- ऑक्सीजन का शरीर की प्रत्येक कोशिका तक परिवहन करना।
-शरीर का तापमान निश्चित बनाये रखना।
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(ख) श्वेत रुधिर कणिकाएँ (WBC)- ये बड़ी तथा केन्द्रकयुक्त कणिकाएँ होती हैं। ये अनियमित आकार की होती हैं। किसी प्रकार का वर्णक इनमें नहीं होने से ये रंगहीन होती हैं। इन्हें सैनिक कणिकाएँ भी कहते हैं। RBC की तुलना में रुधिर में इनकी संख्या कम होती है।
श्वेत रुधिर कणिकाओं के कार्य- ये प्रतिरक्षा का कार्य करती हैं। शरीर को संक्रमित करने वाले रोगाणु या परजीवी को नष्ट कर शरीर को स्वस्थ रखती हैं। -शरीर में टूटी एवं मृत कोशिकाओं का भक्षण कर रुधिर की सफाई करती हैं।
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(ग) रुधिर प्लेटलेट्स या थ्रोम्बोसाइट्स (Blood Platelets or Thrombocytes)- रुधिर प्लेटलेट्स आकार में छोटी, केन्द्रक विहीन, अनियमित होती है। रुधिर में इनकी संख्या कम होती है। इनका निर्माण अस्थि मज्जा में होता है।
रुधिर प्लेटलेट्स के कार्य- प्लेटलेट्स का मुख्य कार्य रुधिर का थक्का बनाने में सहायता करना है।
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प्रश्न 2.
शरीर में पाई जाने वाली विभिन्न रक्त वाहिनियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की रक्त वाहिनियाँ होती हैं जो रक्त को शरीर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं। मुख्य रक्त वाहिनियाँ दो प्रकार की

  • धमनी
  • शिरा

(1). धमनी- हृदय से ऑक्सीजन युक्त रक्त को शरीर के सभी भागों तक ले जाने का कार्य धमनियाँ करती हैं। चूंकि रक्त प्रवाह तेजी से और अधिक दाब पर होता है अतः धमनियों की भित्तियाँ (दीवार) मोटी व लचीली होती हैं। धमनियाँ अन्य छोटी-छोटी वाहिनियों में विभाजित होकर ऊतकों में पहुँचकर पतली नलिकाओं में विभाजित हो जाती हैं, जिन्हें केशिकाएँ कहते हैं।
(2). शिराएँ- शरीर के सभी भागों से कार्बन डाइ ऑक्साइड युक्त रुधिर इकट्ठा कर हृदय तक लाने का कार्य शिराओं द्वारा किया जाता है। इनकी भित्तियाँ धमनियों की भित्ति की तुलना में पतली होती है। शिराओं में ऐसे वाल्व पाये जाते हैं, जो रक्त को केवल हृदय की ओर ही प्रवाहित होने देते हैं। ऊतकों में उपस्थित केशिकाएँ पुनः मिलकर शिराओं को बनाती हैं जो रक्त को हृदय तक ले जाती हैं।

प्रश्न 3.
मनुष्य के रुधिर में पाये जाने वाले प्रोटीनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
रुधिर समूहों की जानकारी के पश्चात् यह ज्ञात हुआ कि मनुष्य के रुधिर में दो प्रकार के प्रोटीन पाए जाते

  1. प्रतिजन
  2. प्रतिरक्षी

(1) प्रतिजन (एन्टीजन)- मानव रुधिर में पाये जाने वाले ये प्रतिजन दो प्रकार के होते हैं-प्रतिजन A और प्रतिजन B । प्रतिजन के लिए अंग्रेजी वर्णमाला के बड़े अक्षर :A व B का संकेत के रूप में प्रयोग किया जाता

(2) प्रतिरक्षी (एन्टीबॉडी)- प्रतिजनों की भाँति ही रुधिर में पाये जाने वाले प्रतिरक्षी भी दो प्रकार के होते हैं। प्रतिरक्षी a व प्रतिरक्षी b। इनके लिए अंग्रेजी वर्णमाला के छोटे अक्षर a तथा b का संकेत के रूप में प्रयोग किया जाता है। शरीर में रुधिर का थक्के के समान जमना तभी सम्भव होता है जब प्रतिजिन A के साथ प्रतिरक्षी a अथवा प्रतिजन B के साथ प्रतिरक्षी b एक साथ उपस्थित होते हैं। इस प्रकार रुधिर के जमने से रक्त केशिकाओं में रक्त का बहाव रुक जाता है। मानव रुधिर में पाये जाने वाले इन प्रतिजनों एवं प्रतिरक्षी के आधार पर कार्ल लैंडस्टीनर ने मानव रुधिर को चार समूहों में वर्गीकृत किया

क्र.सं.रुधिर वर्गप्रतिजन (एन्टीजन)प्रतिरक्षी
(एन्टीबॉडी)
1.A (ए)Ab
2.B (बी)Ba
3.AB (एबी)A और Bकोई नहीं
4.O (ओ)कोई नहींa तथा b

प्रश्न 4.
रुधिर आधान से क्या अभिप्राय है? रुधिर
आधान सम्बन्धी जानकारी प्रदान कीजिए। उत्तर-रुधिर आधान-मनुष्य के शरीर में रक्त की कमी हो जाने पर उचित वर्ग का रक्त चढ़ाकर उसमें रक्त की कमी को पूरा किया जाता है। यह क्रिया रुधिर आधान कहलाती है। इस प्रक्रिया में दाता एवं ग्राही दोनों के रक्त वर्गों को सुमेलित करके चढ़ाया जाता है।
रुधिर आधान सम्बन्धी जानकारी दाता रुधिर वर्ग ग्राही रुधिर वर्ग

दाता रुधिर वर्गग्राही रुधिर वर्ग
ABABO
A
B
AB
O

नोट-सही (✓ ) का अर्थ है रक्त दिया जा सकता है एवं गलत (✗) का अर्थ है रक्त नहीं दिया जा सकता है।

प्रश्न 5.
रक्तदान क्या है? रक्तदान कौन कर सकता है? रक्तदान के बाद ध्यान देने योग्य बातें क्या-क्या हैं? बताइए।
उत्तर:
रुधिर बैंक में रुधिर की निरन्तरता बनी रहे। इसलिए स्वैच्छिक रूप से रक्तदान करने की आवश्यकता होती है। रक्तदान हेतु रक्तदान शिविरों का भी आयोजन किया जाता है। रेडक्रॉस सोसायटी, सभी सरकारी अस्पताल आदि में रुधिर एकत्रित करने की व्यवस्था होती है। आवश्यकता पड़ने पर इन रुधिर बैंकों से वांछित समूहों का रक्त रोगियों को उपलब्ध कराया जाता है।
रक्तदान कौन कर सकता है?- निम्न शर्ते पूरी करने वाले प्रत्येक पुरुष-महिला रक्तदान कर सकते हैं

  • जिसकी उम्र 18 वर्ष से 60 वर्ष के मध्य हो।
  • जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो।
  • जो एड्स, हिपेटाइटिस बी और सी आदि या अन्य गम्भीर बीमारियों से ग्रसित न हो।
  • जिसने पिछले तीन माह में रक्तदान नहीं किया हो।
  • जिसका पिछले 6 माह में कोई बड़ा ऑपरेशन नहीं हुआ हो।
  • जिसका हीमोग्लोबिन 12.5 से अधिक हो ।
  • जिसका रक्तदाब सामान्य हो।
  • जिसका तापमान 37.5°C व पल्स रेट सामान्य हो।
  • महिला जो गर्भवती नहीं हो।

रक्तदान के बाद ध्यान रखने योग्य बातें

  • flikरक्तदान के पश्चात् 24 घण्टे तक तरल पदार्थों का सेवन करें, जैसे-जूस, दूध इत्यादि।
  • रक्तदान के पश्चात् 24 घण्टे तक अधिक परिश्रम व व्यायाम नहीं करें।

प्रश्न 6.
मनुष्य में रक्त परिसंचरण को समझाइए।
उत्तर:
मनुष्य में रक्त परिसंचरण का कार्य हृदय व रक्त वाहिनियाँ मिलकर करती हैं। हृदय रक्त परिसंचरण के लिए पम्प के रूप में कार्य करता है तथा रक्त वाहिनियाँ रक्त को शरीर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं। हृदय वक्ष गुहा में स्थित होता है तथा चार कक्षों में बंटा होता है। ऊपरी दो कक्ष आलिन्द और निचले दो। कक्ष निलय कहलाते हैं। कक्षों के बीच का विभाजन ऑक्सीजन युक्त रक्त और कार्बन डाइऑक्साइड से युक्त रक्त को परस्पर मिलने नहीं देता है। हृदय क्रमशः फैलता एवं सिकुड़ता है जिससे रक्त नलिकाओं में पम्प होता है। शरीर के विभिन्न भागों से शिराओं द्वारा रक्त हृदय में आता है जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा अधिक होती है, इसे अशुद्ध रक्त कहते हैं। हृदय से अशुद्ध रक्त फेफड़ों में जाकर ऑक्सीजन युक्त होकर वापस आता है। हृदय से यह शुद्ध रक्त धमनियों द्वारा शरीर की विभिन्न अंगों की कोशिकाओं तक पहुँचता है। इस प्रकार शरीर में रक्त परिसंचरण निरन्तर चलता रहता है।

प्रश्न 7.
रुधिर आधान प्रक्रिया में दाता रुधिर वर्ग को ग्राही रुधिर वर्ग से (✓)  तथा (✗) द्वारा सुमेलित कीजिए तथा रक्तदान का महत्त्व लिखिए।

दाता रुधिर वर्गग्राही रुधिर वर्ग
ABABO
A    
B    
AB    
O    

उत्तर:

दाता रुधिर वर्गग्राही रुधिर वर्ग
ABABO
A
B
AB
O

रक्तदान का महत्त्व- रक्तदान को महादान कहा गया है। रक्तदान से ऐसे दुर्घटनाग्रस्त लोगों की जान बचाई जा सकती है जिनके शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनके शरीर में रक्त की कमी हो गई हो। इसके अलावा अन्य बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति जिनके शरीर में रक्त की कमी हो गई हो, उन्हें भी रक्तदान कर बचाया जा सकता है। इस प्रकार रक्तदान से लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।

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