RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

हेलो स्टूडेंट्स, यहां हमने राजस्थान बोर्ड Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक सॉल्यूशंस को दिया हैं। यह solutions स्टूडेंट के परीक्षा में बहुत सहायक होंगे | Student RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक pdf Download करे| RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक notes will help you.

BoardRBSE
TextbookSIERT, Rajasthan
ClassClass 8
SubjectScience
ChapterChapter 3
Chapter Nameसंश्लेषित रेशे और प्लास्टिक
Number of Questions Solved55
CategoryRBSE Solutions

Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 27

प्रश्न 1.
निम्न सारणी में वस्तुओं में प्रयुक्त विभिन्न रेशों को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर:
सारणी-विभिन्न रेशों से निर्मित वस्तुएँ

वस्तुरेशे के प्रकार
पैराशूट नाइलॉन
ब्रुशनाइलॉन
परदेनाइलॉन, पॉलिएस्टर
स्वेटरआरलॉन

पृष्ठ 28

प्रश्न 2.
बहुलक क्या होते हैं?
उत्तर:
बहुत सी छोटी-छोटी इकाइयों के दोहराने से बनी संरचना को बहुलक कहते हैं।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

सही विकल्प का चयन कीजिए।

प्रश्न 1.
वह पदार्थ जो सामान्यतः रसोई के नॉनस्टिक बरतनों को बनाने के काम में लिया जाता है
(अ) पीवीसी
(ब) पॉलिथीन
(स) टेफ्लॉन
(द) रेयॉन
उत्तर:
(स) टेफ्लॉन

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौनसे समूह में सभी संश्लेषित रेशे हैं
(अ) नायलॉन, टेरीलिन, रेयॉन
(ब) एक्रिलिक, रेशम, ऊन
(स) कपास, रेयॉन, ऊन
(द) पीवीसी, पॉलिथीन, बैकलाइट
उत्तर:
(अ) नायलॉन, टेरीलिन, रेयॉन

प्रश्न 3.
रसोई के बरतनों के हैण्डल बनाने में सबसे उपयुक्त पदार्थ है
(अ) पॉलिथीन
(ब) नायलॉन
(स) पीवीसी
(द) बैकेलाइट
उत्तर:
(द) बैकेलाइट

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौनसा सामान्य गुण प्लास्टिक का नहीं है
(अ) अक्रियाशील
(ब) टिकाऊ
(स) भार में हल्के
(द) विद्युत के सुचालक
उत्तर:
(द) विद्युत के सुचालक

प्रश्न 5.
थर्मोप्लास्टिक है
(अ) बैकलाइट
(ब) मैलामाइन
(स) पॉलिथीन
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(स) पॉलिथीन

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. संश्लेषित रेशे’ ………. भी कहलाते हैं।
2. रेयॉन को …………….. भी कहते हैं।
3. ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से ……………… प्राप्त होता है।
4. संश्लेषित रेशे की भाँति प्लास्टिक भी एक ……………
उत्तर:
1. कृत्रिम, मानव निर्मित
2. कृत्रिम रेशम
3. आरलॉन
4. संश्लेषित बहुलक

निम्नलिखित कॉलम 1 व कॉलम 2 का मिलान कीजिए-

कॉलम 1कॉलम 2
रेयॉन(अ) बरतनों पर नॉनस्टिक परत
नाइलॉन(ब) कृत्रिम रेशम
थर्मोसेटिंग प्लास्टिक(स) पानी के पाइप
पीवीसी(द) वस्त्र

उत्तर:
1. (ब)
2. (द)
3. (अ)
4. (स)

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
प्लास्टिक और संश्लेषित रेशों को जलाने की सलाह क्यों नहीं दी जाती है?
उत्तर:
संश्लेषित रेशों को जलाने पर ये जल्दी आग पकड़ लेते हैं तथा ये शरीर के सम्पर्क में आ जाएँ तो शरीर से चिपक जाते हैं। साथ ही प्लास्टिक तथा संश्लेषित रेशों को जलाने पर भारी मात्रा में विषैली गैस निकलती है जो वायु को प्रदूषित कर देती है। अतः प्लास्टिक और संश्लेषित रेशों को जलाना नहीं चाहिए।

प्रश्न 2.
थर्मोप्लास्टिक किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
थर्मोप्लास्टिक- वे प्लास्टिक जो गरम करने पर आसानी से मृदुल (नरम) हो जाते हैं और ठण्डा करने पर कठोर हो जाते हैं, थर्मोप्लास्टिक कहलाते हैं। इनको बार-बार नई-नई आकृतियों में ढाला जा सकता है। जैसे-पॉलीथीन, पीवीसी आदि। खिलौने, कंघियाँ, बाल्टियाँ आदि थर्मोप्लास्टिक से निर्मित होती हैं।

प्रश्न 3.
टेरीकोट दो प्रकार के रेशों से मिलकर बनाए जाते हैं? उन रेशों का नाम लिखिए।
उत्तर:
टेरीकोट दो प्रकार के रेशों से मिलकर बनता है। उसमें

  • पॉलिएस्टर (डेकरान) तथा
  • कपास का रेशा होता है

प्रश्न 4.
जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ किसे कहते हैं?
उत्तर:
वे पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से अपघटित नहीं होते हैं, जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ कहलाते हैं।

प्रश्न 5.
बहुलकीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
बहुलकीकरण- बहुलक को अंग्रेजी में पॉलीमर कहते हैं जो ग्रीक शब्द पॉली (Poly-अनेक) तथा मर (mer-इकाई) से मिलकर बना है। यहाँ इससे आशय अनेक इकाइयों से है। अतः छोटी-छोटी बहुत सी इकाइयों के दोहराने से बनी संरचना बहुलक है तथा इस प्रक्रिया को बहुलकीकरण कहते हैं।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संश्लेषित रेशों का दैनिक जीवन में उपयोग समझाइए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशों का दैनिक जीवन में उपयोगसंश्लेषित रेशों को दैनिक जीवन में बहुत उपयोग है। विभिन्न संश्लेषित रेशों के उपयोग को निम्न प्रकार स्पष्ट किया जा सकता है
(i) रेयॉन का उपयोग- रेयॉन को कपास के साथ मिलाकर रेशम की चादर बना सकते हैं तथा ऊन के साथ मिलाकर इससे कालीन या गलीचा तैयार कर सकते हैं।
(ii) नाइलॉन का उपयोग-

  1. नाइलॉन रेशों का उपयोग मछली पकड़ने के जाल, पैराशूट का कपड़ा, रस्सियाँ, जुराबें तथा अन्य वस्त्र बनाने के लिए किया जाता है।
  2. नाइलॉन रेशों का उपयोग दाँत साफ करने के ब्रुश, कारों की सीट के पट्टे, स्लीपिंग बैग (शयन थैला), परदा आदि बनाने में किया जाता है।
  3. नाइलॉन के धागे इस्पात के तारों से मजबूत होते हैं। अतः चट्टानों पर चढ़ने हेतु रस्सों का निर्माण इससे किया जाता है।

(iii) आरलॉन का उपयोग- इसके रेशों से शाल, कम्बल, स्वेटर आदि सर्दियों में काम आने वाले वस्त्र निर्मित किए जाते हैं।
(iv) डेकरॉन का उपयोग- इसका उपयोग भी अन्य रेशों के समान वस्त्र बनाने में किया जाता है। इसे पॉलिएस्टर के नाम से भी जानते हैं।

प्रश्न 2.
दैनिक जीवन में जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए। इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए” यह कथन सत्य है। हम जानते हैं कि प्लास्टिक जैव अनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) कहलाता है क्योंकि प्लास्टिक अपघटित होने में कई वर्ष ले लेता है, यह पर्यावरण हितैषी नहीं है। यह पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनता है। इसके अतिरिक्त जब इस संश्लेषित पदार्थ को जलाया जाता है तो पूर्णतया जलने में लम्बा समय लेता है। इस प्रक्रम में यह भारी मात्रा में विषैली धूम उत्सर्जित कर पर्यावरण प्रदूषित करता है। अतः जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए।

प्रश्न 3.
संश्लेषित रेशा नाइलॉन कैसे बनाया जाता है? नाइलॉन के विभिन्न गुण-धर्म लिखिए।
उत्तर:
नाइलॉन- यह ऐडिपिक अम्ल और हैक्सी मेथिलीन डाइएमीन को मिलाकर बनाया जाता है।
नाइलॉन के गुण-धर्म-

  1. नाइलॉन के रेशे बहुत मजबूत होते हैं। ये प्रत्यास्थ तथा हल्के भी होते हैं।
  2. ये कम पानी सोखते हैं तथा घुलने में सुगम हैं तथा जल्दी सूख जाते हैं।
  3. इससे बने कपड़े सिलवट प्रतिरोधी होते हैं तथा अधिक समय तक स्थायी रहते हैं।
  4. नाइलॉन के रेशे अधिक चमकदार तथा मुलायम होते हैं। इन धागों से बने कपड़ों में कीड़ा नहीं लगता है।
  5. नाइलॉन का उपयोग सरल एवं कम खर्चीला है। साथ ही इनकी देखरेख करने की आवश्यकता कम पड़ती है।
  6. नाइलॉन के कपड़े जल्दी आग पकड़ते हैं जो कि इसका एक अवगुण है तथा जब इनमें आग लग जाती है। तो ये पिघल कर शरीर से चिपक जाते हैं जो शरीर को हानि पहुँचाते हैं। यही कारण है गर्मियों में संश्लेषित रेशे शरीर से चिपकते हैं जिससे शरीर का पसीना भी नहीं सूख पाता।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से प्राप्त रेशा
(अ) डेकरॉन
(ब) आरलॉन
(स) नाइलॉन
(द) रेयॉन
उत्तर:
(ब) आरलॉन

प्रश्न 2.
जल निकास व्यवस्था में बाधक अपशिष्ट है
(अ) कृषि
(ब) पशु
(स) प्लास्टिक
(द) रेडियोधर्मी
उत्तर:
(स) प्लास्टिक

प्रश्न 3.
बिजली के स्विच आदि बनाने में प्रयुक्त पदार्थ
(अ) पीवीसी
(ब) पॉलीथीन
(स) बैकेलाइट
(द) मेलामाइन
उत्तर:
(स) बैकेलाइट

प्रश्न 4.
आग प्रतिरोधी वस्तुएँ बनाने में उपयोग किया जाने वाला प्लास्टिक है
(अ) बैकलाइट
(ब) पॉलीथीन
(स) मेलामाइन
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(स) मेलामाइन

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. थर्मोप्लास्टिक गर्म करने पर…………….हो जाते हैं। (मृदुल/कठोर)
2. प्राकृतिक एवं कृत्रिम धागों को मिश्रण करके ………. बनाया जाता है। (नाइलॉन/टेरीकॉट)
3. आग बुझाने वाले कर्मचारियों के परिधानों पर…………. प्लास्टिक की परत चढ़ी होती है। जो अग्निरोधक है। (बैकलाइट/मेलामाइन)
4. प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से अपघटित नहीं होने वाले पदार्थ ……………… पदार्थ कहलाते हैं। (जैव निम्नीकरणीय/जैव अनिम्नीकरणीय)
5. प्लास्टिक एक प्रकार का ………………. बहुलक (संश्लेषित/प्राकृतिक)
उत्तर:
1. मृदुल
2. टेरीकॉट
3. मेलामाइन
4. जैव अनिम्नीकरणीय
5. संश्लेषित।

बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य

1. प्लास्टिक द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट पर्यावरण हितैषी है।
2. पॉलिथीन और पी.वी.सी. थर्मोसेटिंग प्लास्टिक
3. अधिकांश थर्मोप्लास्टिक पुनःचक्रित किये जा सकते हैं।
4. टेफ्लॉन का उपयोग नॉनस्टिक बरतन बनाने में किया जाता है।
5. प्लास्टिक में छोटे कार्बनिक अणु मिलकर उच्च अणुभार वाली संरचना बनाते हैं।
6. संश्लेषित रेशों से बने कपड़े प्राकृतिक रेशों से बने कपड़ों की अपेक्षा अधिक पसीना सोखते हैं।
उत्तर:
1. असत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य
5. सत्य
6. असत्य

सही मिलान कीजिए

प्रश्न 1.
निम्नांकित का सही मिलान कीजिए

क्र.सं.कॉलम-1कॉलम-2
1.मैलेमाइन 
2.पीवीसी 
3.रेयान 
4.प्लास्टिक 

उत्तर:

क्र.सं.कॉलम-1कॉलम-2
1.मैलेमाइनअग्निरोधक
2.पीवीसीपानी के पाइप
3.रेयानकृत्रिम रेशम
4.प्लास्टिकथर्मोसैटिंग

प्रश्न 2.
निम्नांकित का सही मिलान कीजिए

कॉलम (अ)कॉलम (ब)
1. डेकरॉन(i) ऊन के रेशों के समान
2. टेफ्लॉन(ii) सेल्यूलोज से रासायनिक अभिक्रिया से प्राप्त
3. रेयॉन(iii) न चिपकने वाले भोजन पात्रों का निर्माण
4. आरलॉन(iv) से बने कपड़ों पर सलवटें नहीं पड़ती हैं

उत्तर:
1. (iv)
2. (iii)
3. (ii)
4. (i)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
नाइलॉन रेशों से निर्मित दो वस्तुओं के नाम बताइये जो नाइलॉन रेशे की प्रबलता दर्शाती हैं।
उत्तर:

  1. पैराशूट
  2. चट्टानों पर चढ़ने में काम आने वाले रस्से।

प्रश्न 2. पॉलीमर से क्या आशय है?
उत्तर:
पॉलीमर एक ग्रीक शब्द है जो पॉली (Poly) तथा मर (mer) दो शब्दों से मिलकर बना है। इसमें | पॉली से तात्पर्य ‘अनेक’ तथा मर से तात्पर्य इकाई’ से होता है। अर्थात् अनेक इकाइयाँ।

प्रश्न 3.
विस्कोस’ किसे कहते हैं ?
उत्तर:
रेयान बनाने में सेल्युलोज को शुद्ध करके सोडियम हाइड्रॉक्साइड और कार्बन डाइसल्फाइड से मिश्रित कर गाढ़ा द्रव बनाते हैं, जिसे विस्कोस कहते हैं।

प्रश्न 4.
नाइलॉन कैसे बनाया जाता है?
उत्तर:
नाइलॉन को ऐडिपिक अम्ल और हैक्सामेथिलीन डाइएमिन से मिलाकर बनाया जाता है।

प्रश्न 5.
कालीन या गलीचा किस संश्लेषित रेशे से तैयार करते हैं ?
उत्तर:
रेयॉन तथा कपास को मिलाकर जो रेशे बनते हैं। उनसे कालीन या गलीचे तैयार करते हैं।

प्रश्न 6.
आरलॉन कैसे तैयार किया जाता है?
उत्तर:
आरलॉन ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से तैयार किया जाता है। इसका रेशा ऊन के रेशों के समान होता है।

प्रश्न 7.
संरचना के आधार पर प्लास्टिक कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
संरचना के आधार पर प्लास्टिक दो प्रकार के होते हैं

  1. थर्मोप्लास्टिक (ताप सुनम्य या ताप सुघट्य)
  2. थर्मोसेटिंग (ताप दृढ़)

प्रश्न 8.
थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:

  • बैकलाइट
  • मेलामाइन

प्रश्न 9.
जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट पदार्थों से क्या आशय है?
उत्तर:
वह अपशिष्ट पदार्थ जो कुछ जीवाणुओं की क्रिया द्वारा हानिरहित पदार्थों में विघटित हो जाते हैं, जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट कहलाते हैं। जैसे-कम्पोस्ट खाद।

प्रश्न 10.
डेकरॉन कैसे प्राप्त किया जाता है?
उत्तर:
डेकरॉन एथिलीन ग्लाइकॉल तथा टरथैलिक अम्ल के बहुलकीकरण की अभिक्रिया से प्राप्त किया जाता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
राजेश गर्मियों के लिए कमीजें खरीदना चाहता है। उसे सूती कमीजें खरीदना चाहिए या संश्लेषित। कारण सहित राजेश को सलाह दीजिए।
उत्तर:
राजेश को गर्मियों के लिए सूती कमीजें खरीदनी चाहिए क्योंकि संश्लेषित कपड़े की कमीजें गर्मी में शरीर के चिपक जाती हैं तथा ये प्राकृतिक रेशों वाली कमीजों की तरह पसीना भी नहीं सोखती हैं। ये छिद्रयुक्त भी नहीं होती हैं।

प्रश्न 2.
रेयॉन कैसे बनता है? इसका क्या उपयोग है?
उत्तर:
रेयॉन-यह रेशा प्रकृति से प्राप्त सेल्युलोज और कार्बन डाइसल्फाइड से मिश्रित कर गाढ़ा द्रव बनाते हैं, जिसे विस्कोस कहते हैं। इस विस्कोस को सूक्ष्म छिद्रों से तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में प्रवाहित करते हैं। इससे चमकदार रेशे प्राप्त होते हैं। ये रेशे प्राकृतिक रेशम के समान दिखाई देते हैं। उपयोग-रेशम के समान वस्त्र बनाने में तथा रेयॉन व कपास मिश्रित करके इससे चादरें, कालीन एवं गलीचे बनाते हैं।

प्रश्न 3.
खाद्य पदार्थों का संचयन करने हेतु प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के तीन प्रमुख लाभ बताइए।
उत्तर:
खाद्य पदार्थों के संचयन हेतु प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के प्रमुख लाभ हैं

  1. ये भोजन, पानी एवं वायु से अभिक्रिया नहीं करते हैं।
  2. ये मजबूत तथा हल्के होते हैं।
  3. ये चिरस्थायी होते हैं।

प्रश्न 4.
थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के मध्य अन्तर को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:

थर्मोप्लास्टिकथर्मोसेटिंग प्लास्टिक
ऐसा प्लास्टिक जो गर्म करने पर आसानी से मृदुल बार अथवा विकृत हो जाता है और सरलतापूर्वक मुड़ जाता है, थर्मोप्लास्टिक कहलाता हैऐसे प्लास्टिक जिन्हें एक बार साँचे में ढाल दिया जाता है तो इन्हें ऊष्मा देकर नर्म नहीं किया जा सकता है, थमसेटिंग प्लास्टिक कहलाते हैं
उदाहरण- पॉलीथीन, पॉली-विनाइल क्लोराइड (PVC)उदाहरण- बैकलाइट,  मैलामाइन

प्रश्न 5.
निम्नलिखित पदार्थों को पुनः चक्रित किये जा सकते हैं” और ”पुनः चक्रित नहीं किये जा सकते हैं, में वर्गीकृत कीजिए
टेलीफोन यंत्र, प्लास्टिक खिलौने, कुकर के हत्थे, सामग्री लाने वाले थैले, बाल प्वाइंट पेन, प्लास्टिक के कटोरे, विद्युत तारों के प्लास्टिक आवरण, प्लास्टिक की कुर्सियाँ, विद्युत स्विच।
उत्तर:

पुनः चक्रिते (Recycle) किये जा सकते हैंपुनः चक्रित नहीं किए जा सकते हैं
प्लास्टिक खिलौने, सामग्री लाने वाले थैले, बाल प्वाइंट पेन, प्लास्टिक के कटोरे, विद्युत तारों के प्लास्टिक आवरण, प्लास्टिक की कुर्सियाँटेलीफोन यंत्र, कुकर के हत्थे, विद्युत स्विच

प्रश्न 6.
4R सिद्धान्त क्या है?
उत्तर:
4R सिद्धान्त मनुष्य में पर्यावरण हितैषी आदतें विकसित करने के लिए बनाया गया सिद्धान्त है। यह निम्न प्रकार है

  1. R – (Reduce)- उपयोग कम करिए
  2. R – (Reuse)- पुनः उपयोग करिए।
  3. R – (Recycle)- पुन:चक्रित करिए।
  4. R – (Recover)- पुनः प्राप्त करिए।

प्रश्न 7.
क्या आप मानते हैं कि ”संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक हो रहा है।” टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक हो रहा है क्योंकि इसके लिए न तो पेड़ काटने पड़ते हैं और न ही जानवरों का शिकार करना पड़ता है। संश्लेषित रेशे रसायनों से बनाये जाते हैं। और ये रसायन वनों से प्राप्त नहीं होते हैं, इन्हें कृत्रिम रूप से तैयार करते हैं।

प्रश्न 8.
उदाहरण देकर प्रदर्शित कीजिए कि प्लास्टिक की प्रकृति अक्रियाशील होती है।
उत्तर:
प्लास्टिक जल और वायु से अभिक्रिया नहीं करते। उनका संक्षारण आसानी से नहीं होता। अतः प्लास्टिक की प्रकृति अक्रियाशील है।
उदाहरण-

  1. विभिन्न रसायन प्लास्टिक की बोतलों में संचयित किए जाते हैं।
  2. इसका उपयोग सभी प्रकार के भोजन के भण्डारण में किया जाता है क्योंकि यह रखे हुए भोजन से कोई अभिक्रिया नहीं करता है।
  3. अचार एवं पानी प्लास्टिक पात्रों में भंडारित किए। जाते हैं।

प्रश्न 9.
प्लास्टिक कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक प्रकार के प्लास्टिक के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
प्लास्टिक दो प्रकार के होते हैं

  • थर्मोप्लास्टिक
  • थर्मोसैटिंग प्लास्टिक

थर्मोप्लास्टिक के उदाहरण हैं

  • पॉलीथीन तथा
  • पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC)

थर्मोसैटिंग प्लास्टिक के उदाहरण हैं

  • बैकलाइट तथा
  • मैलामाइन

प्रश्न 10.
डेकरॉन अथवा पॉलीएस्टर के विशिष्ट गुण लिखिए।
उत्तर:
डेकरॉन अथवा पॉलिएस्टर के विशिष्ट गुण

  1. इनसे बने कपड़ों में आसानी से सिलवटें नहीं पड़ती हैं ।
  2. यह सपाट रहता है तथा आसानी से धुल जाता है।
  3. पॉलिएस्टर रेशे बहुत मजबूत होते हैं इसलिए पॉलिएस्टर से बने वस्त्र अत्यधिक टिकाऊ होते हैं जो लम्बे समय तक चलते हैं।
  4. पॉलिएस्टर रेशे बहुत कम पानी सोखते हैं इसलिए पॉलिएस्टर से बने कपड़े धोने के पश्चात् जल्दी ही सूख जाते हैं।
  5. पॉलिएस्टर रेशों पर कपड़ों में लगने वाले कीड़ों (शलभ) तथा साधारण रसायनों का कोई असर नहीं होता।

प्रश्न 11.
प्लास्टिक के विशिष्ट गुण-धर्म बतलाइए।
उत्तर:
प्लास्टिक के विशिष्ट गुण-धर्म-प्लास्टिक विद्युत एवं ऊष्मा का कुचालक, अक्रियाशील तथा अत्यधिक ताप को सहने की क्षमता वाला होता है। यह धातुओं की तुलना में अधिक सस्ता होता है। यही कारण है कि वर्तमान में प्लास्टिक का उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

प्रश्न 12.
थर्मोसेटिंग या ताप दृढ़ प्लास्टिक किसे कहते हैं? समझाइये। थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:
थर्मोसेटिंग प्लास्टिक-ऐसे प्लास्टिक जिन्हें एक बार साँचे में ढाल दिया जाता है तो इन्हें ऊष्मा देकर नर्म नहीं किया जा सकता है, थर्मोसेटिंग प्लास्टिक कहलाते हैं। उपयोग

  1. बिजली के स्विच बनाने में
  2. गाड़ियों की बैटरियाँ बनाने में।

प्रश्न 13.
कपड़ों की कतरनों तथा पुराने ऊनी धागों से बनने गली एक उपयोगी वस्तु का चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 1

प्रश्न 14.
बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतल से आपके द्वारा निर्मित सजावट की वस्तु का चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 2

प्रश्न 15.
बेकार पड़ी प्लास्टिक की चम्मचों से आपके द्वारा निर्मित सजावट की वस्तु का चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 3

प्रश्न 16.
प्लास्टिक की दो बेकार बोतलों के द्वारा निर्मित किसी उपयोगी वस्तु का चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 4

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संश्लेषित रेशों के प्रमुख गुणों एवं अवगुणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशों के गुण-
(1) संश्लेषित रेशों से बने कपड़े, सूती कपड़ों की अपेक्षा जल्दी सूख जाते हैं, क्योंकि ये जल को कम सोखते हैं।
(2) संश्लेषित धागा अधिक चमकदार एवं मुलायम होता
(3) इन धागों से बने कपड़ों में कीड़ा नहीं लगता है।
(4) संश्लेषित रेशों का उपयोग सरल एवं कम खर्चीला है।
(5) इनकी देखभाल कम करनी पड़ती है।

संश्लेषित रेशों की कमियाँ/अवगुण-
(1) संश्लेषित रेशे जल्दी आग पकड़ लेते हैं। यदि इन वस्त्रों में आग लग जाती है तो ये पिघलकर शरीर से चिपक जाते हैं।
(2) संश्लेषित रेशों से बने कपड़े प्राकृतिक रेशों की तरह पसीना नहीं सोखते हैं।
(3) ये गर्मियों में शरीर से चिपकते हैं।

प्रश्न 2.
विभिन्न क्षेत्रों में प्लास्टिक के अनुप्रयोग बतलाइए।
अथवा
प्लास्टिक के कोई चार अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर:
विभिन्न क्षेत्रों में प्लास्टिक के अनुप्रयोग

  1. प्लास्टिक विद्युतरोधी होता है अतः बिजली के तारों पर प्लास्टिक का आवरण लगाकर उन्हें विद्युतरोधी बनाते हैं जिससे विद्युत करंट से सुरक्षा रहती है।
  2. खाना बनाने के अनेक पात्रों, जैसे प्रेशर कुकर, फ्राई पेन तथा विद्युत उपकरण जैसे विद्युत इस्तरी, विद्युत केटली के हत्थे बैकलाइट प्लास्टिक के बने होते हैं।
  3. घर एवं दुकान में विभिन्न प्रकार के रसायन, अचार, मसाले, तेल के जरीकेन, अम्ल (तेजाब) के संग्रहण या संचयन हेतु प्लास्टिक के पात्रों का उपयोग किया जाता है।
  4. कृषि के क्षेत्र में सिंचाई हेतु उपयोग में लाए जाने वाले पाइप प्लास्टिक के बने होते हैं।
  5. चिकित्सा क्षेत्र में दवाई की गोलियों के रैपर तथा पीने की दवाई हेतु बोतल, सिरिंज, दस्ताने, ऑपरेशन में प्रयुक्त धागे एवं चिकित्सकीय यंत्र भी प्लास्टिक के बने होते हैं।
  6. माइक्रोवेव ओवन में खाद्य सामग्री को पकाने हेतु विशिष्ट प्लास्टिक पात्रों का उपयोग किया जाता है।
  7. नॉनस्टिक (न चिपकने वाले) तवा एवं कड़ाही पर एक विशिष्ट प्लास्टिक टेफ्लॉन की परत चढ़ी होती है।
  8. एक विशिष्ट प्लास्टिक मेलेमाइन की परत चढ़ाकर आग बुझाने वाले कर्मचारियों के परिधान अग्निरोधक बनाये जाते हैं।

प्रश्न 3.
आपके विचार में प्राकृतिक रेशों तथा संश्लेषित रेशों में क्या अन्तर हो सकते हैं?
उत्तर:

प्राकृतिक रेशे (रुई, ऊन तथा रेशम)संश्लिष्ट रेशे (नाइलॉन तथा पॉलिएस्टर)
1. प्राकृतिक रेशे कम मजबूत होते हैं इसलिए प्राकृतिक रेशों से बने कपड़े कम टिकाऊ होते हैं और जल्दी फट जाते हैं।1. संश्लेषित रेशे बहुत अधिक मजबूत होते हैं। संश्लेषित रेशों से बने कपड़े अत्यन्त टिकाऊ होते हैं।जो लम्बे समय तक चलते हैं।
2. प्राकृतिक रेशे बहुत अधिक पानी सोखते हैं जिस कारण प्राकृतिक रेशों से बने कपड़े धोने के पश्चात् जल्दी नहीं सूखते2. संश्लेषित रेशे बहुत कम पानी सोखते हैं, इसलिए संश्लेषित रेशों से बने कपड़े धोने के पश्चात् जल्दी सूख जाते हैं।
3. प्राकृतिक रेशे, कपड़ों के कीडों (शलभ) तथा साधारण रसायनों के प्रभाव से खराब हो जाते हैं।3. संश्लेषित रेशों पर कपड़ों के कीड़ों (शलभ) तथा साधारण रसायनों का कोई असर नहीं होता।

All Chapter RBSE Solutions For Class 8 Science Hindi Medium

All Subject RBSE Solutions For Class 8 Hindi Medium

Remark:

हम उम्मीद रखते है कि यह RBSE Class 8 Science Solutions chapter 3 in Hindi आपकी स्टडी में उपयोगी साबित हुए होंगे | अगर आप लोगो को इससे रिलेटेड कोई भी किसी भी प्रकार का डॉउट हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूंछ सकते है |

यदि इन solutions से आपको हेल्प मिली हो तो आप इन्हे अपने Classmates & Friends के साथ शेयर कर सकते है और HindiLearning.in को सोशल मीडिया में शेयर कर सकते है, जिससे हमारा मोटिवेशन बढ़ेगा और हम आप लोगो के लिए ऐसे ही और मैटेरियल अपलोड कर पाएंगे |

आपके भविष्य के लिए शुभकामनाएं!!

Leave a Comment

Your email address will not be published.