path dhatu roop in sanskrit

Path Dhatu Roop in Sanskrit – पठ् धातु के रूप संस्कृत में

Path Dhatu Roop in Sanskrit: हेलो स्टूडेंट्स, आज हम इस आर्टिकल में पठ् धातु के रूप संस्कृत में ( Path Dhatu Roop) के बारे में पढ़ेंगे | यह हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण टॉपिक है जिसे हर एक विद्यार्थी को जानना जरूरी है |

Path Dhatu Roop in Sanskrit

पठ् धातु का अर्थ: पठ् धातु रूप जानने से पहले पठ धातु का अर्थ समझ लीजिए। पठ् धातु- हिंदी में पढने के लिए प्रयोग की जाती है। पठ् धातु का अर्थ होता है- पढना। पठ व्यक्तायां वाचि।

 उदाहरण के लिए- रामः पुस्तकं पठति- राम पुस्तक पढता है आदि वाक्य।

पठ् धातु के 6 लकार

  1. लट् लकार – वर्तमान काल
  2. लोट् लकार – आदेशवाचक
  3. लङ् लकार – भूतकाल
  4. विधिलिङ् लकार – चाहिए के अर्थ में
  5. लृट् लकार – भविष्यत् काल
  6. लृट् लकार (सामान्य भविष्यत्काल)

लट् लकार (वर्तमानकाल)

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पठति पठतः पठन्ति
मध्यम पुरुष पठसि पठथः पठथ
उत्तम पुरुष पठामि पठावः पठामः

लृट् लकार (सामान्य भविष्यत्काल)

पुरुष एकवचन द्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुष पठिष्यति पठिष्यतः पठिष्यन्ति
मध्यम पुरुष पठिष्यसि पठिष्यथः पठिष्यथ
उत्तम पुरुष पठिष्यामि पठिष्यावः पठिष्यामः

लुङ् लकार (हतुहेतुमद् भविष्यत्काल)

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अपठिष्यत् अपठिष्यताम् अपठिष्यन्
मध्यम पुरुष अपठिष्यः अपठिष्यतम् अपठिष्यत
उत्तम पुरुष अपठिष्यम् अपठिष्याव अपठिष्याम

लङ् लकार (अनद्यतन भूतकाल)

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष अपठत् अपठताम् अपठन्
मध्यम पुरुष अपठः अपठतम् अपठत
उत्तम पुरुष अपठम् अपठाव अपठाम

लोट् लकार (आदेशवाचक)

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पठतु पठताम् पठन्तु
मध्यम पुरुष पठ पठतम् पठत
उत्तम पुरुष पठानि पठाव पठाम

विधिलिङ् लकार (अनुज्ञावाचक)

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पठेत् पठेताम् पठेयुः
मध्यम पुरुष पठेः पठेतम् पठेत
उत्तम पुरुष पठेयम् पठेव पठेम

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Credit: MANI GURUKUL an elearning platform

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