UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 21 पिता का पत्र पुत्री के नाम

यहां हमने यूपी बोर्ड कक्षा 4वीं की हिंदी एनसीईआरटी सॉल्यूशंस को दिया हैं। यह solutions स्टूडेंट के परीक्षा में बहुत सहायक होंगे | Student up board solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 21 पिता का पत्र पुत्री के नाम pdf Download करे| up board solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 21 पिता का पत्र पुत्री के नाम notes will help you. NCERT Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 21 पिता का पत्र पुत्री के नाम pdf download, up board solutions for Class 4 Hindi.

यूपी बोर्ड कक्षा 4 Hindi के सभी प्रश्न के उत्तर को विस्तार से समझाया गया है जिससे स्टूडेंट को आसानी से समझ आ जाये | सभी प्रश्न उत्तर Latest UP board Class 4 Hindi syllabus के आधार पर बताये गए है | यह सोलूशन्स को हिंदी मेडिअम के स्टूडेंट्स को ध्यान में रख कर बनाये गए है |

UP Board Solutions for Class 4 Hindi Kalrav Chapter 21 पिता का पत्र पुत्री के

नाम

पिता का पत्र पुत्री के नाम शब्दार्थ

उपहार = भेंट
वीरांगनाएँ = वीर नारियाँ
शुभकामनाएँ = मंगल कामनाएँ
उद्देश्य = लक्ष्य
असीम = जिसकी सीमा न हो
लज्जित = शर्मिंदा।

पिता का पत्र पुत्री के नाम पाठ का सारांश

यह पत्र नेहरू जी ने नैनी जेल से सन १९३० में अपनी पुत्री इंदिरा के नाम लिखा था। नेहरू जी ने याद दिलाई कि ‘जोन आफ आर्क’ की कहानी इंदिरा को अच्छी लगी थी। वह भी वैसा बनना चाहती थी। यद्यपि साधारण आदमी इतने साहसी नहीं होते परंतु एक समय ऐसा आता है; जब महान उद्देश्य की पूर्ति के लिए साधारण पुरुष वीर बन जाते हैं और स्त्रियाँ वीरांगनाएँ।।

नेहरू जी ने गांधी जी के असहयोग आंदोलन को, जो उस समय चल रहा था, महान उद्देश्य की पूर्ति के लिए जरूरी बताया। नेहरू जी ने बताया कि इस आंदोलन में कैसे भाग लिया जाए। नेहरू जी ने संदेह होने पर निर्णय करने के लिए एक उपाय बताया। कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिसे दूसरों से छिपाने की इच्छा हो; इसलिए उन्होंने इंदिरा को बहादुर बनने की सलाह दी। बहादुर बनने पर ऐसी बात संभव नहीं थी; जिससे इंदिरा को डरना पड़ता या लज्जित होना पड़ता। अंत में नेहरू जी ने स्पष्ट शब्दों में इंदिरा को गांधी जी के स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने की सलाह दी।

पिता का पत्र पुत्री के नाम अभ्यास प्रश्न

शब्दों का खेल

(क) नीचे दिए गए शब्दों के बहुवचन रूप लिखो; जैसे- वीरांगना-वीरांगनाएँ (लिखकर)
शुभकामना – शुभकामनाएँ
बालिका – बालिकाएँ
स्त्री – स्त्रियाँ
लड़की – लड़कियाँ
चिंता – चिंताएँ
शंका – शंकाएँ
देवी – देवियाँ
खिड़की – खिड़कियाँ

(ख) उदाहरण को समझकर संज्ञा से विशेषण शब्द बनाओ (विशेषण शब्द बनाकर)
भाग्य – भाग्यशाली
शक्ति – शक्तिशाली
बल – बलशाली
प्रभाव – प्रभावशाली
प्रतिभा – प्रतिभाशाली
वैभव – वैभवशाली
गौरव – गौरवशाली
ऐश्वर्य – ऐश्वर्यशाली

(ग) इस अनुच्छेद में उचित स्थान पर विराम-चिह्नों का प्रयोग करो (विराम-चिह्नों का प्रयोग करके)-
बच्चे खामोश हो गए, उनकी चहल-पहल रुक गई। बूढे के शब्दों को मन में लिए हुए सब अपने-अपने घर चले गए। बच्चों ने सोच रखा था कि थोड़ी देर और खेलेंगे; पर वे वहाँ रुक न सके।

बोध प्रश्न

प्रश्न १. उत्तर दो
(क) यह पत्र किसने, किसको लिखा है?
उत्तर:
यह पत्र नेहरू जी ने अपनी पुत्री इंदिरा को लिखा है।

(ख) पुत्री के जन्मदिन पर नेहरू जी उपहार क्यों नहीं भेज सके?
उत्तर:
क्योंकि वह नैनी जेल में थे।

(ग) साधारण पुरुष और स्त्रियाँ कब वीर और वीरांगनाएँ बन जाती हैं?
उत्तर:
महान उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक ऐसा महत्त्वपूर्ण समय आता है, जब साधारण पुरुष वीर और स्त्रियाँ वीरांगनाएँ बन जाती हैं।

(घ) किसी कार्य के करने या न करने के संबंध में निर्णय करने के लिए पिता ने पुत्री को क्या सलाह दी?
उत्तर:
पिता ने सलाह दी कि कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए, जिसके कारण लोगों से छिपना पड़े।

(ङ) स्वतन्त्रता आंदोलन किसके नेतृत्व में चलाया गया?
उत्तर:
स्वतन्त्रता आंदोलन गांधी जी के नेतृत्व में चलाया गया था।

प्रश्न २.
सही वाक्यों के सामने सही (✓) तथा गलत वाक्यों के सामने (✗) का चिहन लगाओ।
(क) साधारण स्त्री-पुरुष प्रतिदिन के कार्यों, बाल-बच्चों की चिंताओं में ही फँसे रहते हैं। (✓)
(ख) अच्छे काम को दूसरों से छिपाने की इच्छा होती है।          (✗)
(ग) इंदिरा गांधी देश की पहली प्रधानमंत्री बनीं।   (✗)
(घ) महान उद्देश्य के लिए जब साधारण स्त्री-पुरुष असीम उत्साह से भर जाते हैं। तो वे ही वीर पुरुष और वीरांगनाएँ बन जाते हैं। (✓)

तुम्हारी कलम से

(क) अपने साथी/सहेली को अपने गाँव के बारे में पत्र लिखो।
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

अब करने की बारी

(क) अपने गुरु जी/बहिन जी ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका के लिए प्रार्थना-पत्र लिखना सीखो।
(ख) अपने घर पर आने वाले पत्रों को एकत्र करो और जानो कि किसको कैसे पत्र लिखा जाता है।
(ग) तुम्हारे इलाके में भी बहुत-सी बहादुर लड़कियों ने अपने देश का नाम रोशन किया होगा। उनके बारे में जानो।
नोट – विद्यार्थी स्वयं करके देखें।

कितना सीखा – ५

प्रश्न १.
निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दो
(क) पंचतन्त्र की कथा से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर:
पंचतन्त्र की कथा से मनुष्यों व पशु-पक्षियों के आचरण के माध्यम से अनेक बातों की शिक्षा दी गई है।

(ख) तुम्हारी क्या राय है-बालक करन अपने सारे पैसे हार गया। इस घटना में उसकी किस्मत खराब थी अथवा कोई और बात थी?
उत्तर:
बालक करन दुकानदार द्वारा ठगा गया था। इसमें किस्मत खराब की कोई बात नहीं थी।

(ग) महात्मा गांधी पर ‘श्रवण कुमार’ की कथा तथा ‘सत्यवादी हरिश्चन्द्र’ नाटक का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
महात्मा गांधी ने श्रवण कुमार जैसा आज्ञाकारी और हरिश्चन्द्र जैसा सत्यनिष्ठ बनने का निश्चय किया।

(घ) महात्मा गांधी की ‘आत्मकथा’ की चार बातें लिखो, जो तुम्हें अच्छी लगीं?
उत्तर:
गांधी जी की आत्मकथा की चार अच्छी बातें-
(१) गांधी जी झूठ नहीं बोलते थे।
(२) वे सादा-जीवन और उच्च-विचार पर विश्वास रखते थे।
(३) वे जो कहते थे, वही पहले स्वयं करते भी थे।
(४) वे संकोची स्वभाव के थे। वे ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहते थे, जिससे किसी के मन को ठेस पहुंचे।

(ङ) प्रकृति से भी हमें कुछ प्रेरणाएँ मिलती हैं। कुछ का उल्लेख करो।
उत्तर:
प्रकृति से हमें ऊँचा (महान), गंभीर और उत्साही बनने की प्रेरणा मिलती है।

(च) “हाँ में हाँ’ पाठ में लोककथा में किस बुराई की ओर संकेत किया गया है? इस विषय में अपनी राय बताओ।
उत्तर:
‘हाँ में हाँ’ पाठ में चापलूसी का वर्णन हैं। इससे हमें बचना चाहिए और खुला व सीधा-सच्चा व्यवहार करना चाहिए।

(छ) ‘मलेथा की गूल’ किस बात का जीता-जागता उदाहरण है?
उत्तर:
‘मलेथा की गूल’ माधो सिंह की हिम्मत और परिश्रम का जीता-जागता उदाहरण है।

प्रश्न २.
सुनाओ
(क) तिलक और लालबहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध कथन।
उत्तर:
“स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा!”-तिलक
‘जय जवान, जय किसान’-लाल बहादुर शास्त्री

(ख) बालक सोहना की कहानी संक्षेप में।
उत्तर:
बालक सोहना की कहानी संक्षेप में सुनाने हेतु  पाठ-१९ का सारांश पढ़ें।

(ग) पाठ्यपुस्तक की कोई कविता हाव-भाव के साथ।
नोट – पाठ्यपुस्तक की कोई कविता विद्यार्थी स्वयं सुनाएँ।

प्रश्न ३.
नीचे लिखी पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो
(क) पाया जग …………………………………….. दे जाऊँ।
नोट – विद्यार्थी इसके अर्थ हेतु पाठ-१ के अंतिम भाग का भावार्थ पढ़ें।

(ख) समझ …………………………………………… मृदुल उमंग॥
नोट – विद्यार्थी इसके अर्थ हेतु पाठ-५ का भावार्थ पढ़ें।

(ग) “परमारथ के कारने साधुन धरा शरीर।”
उत्तर:
सज्जन दूसरों की भलाई करने के लिए ही जन्म लेते हैं।

(घ) “मीरा प्रभु संतन सुखदाई, भगत बछल गोपाल।”
उत्तर:
मीरा कहती है कि भगवान कृष्ण संतों को सुख देने वाले, भक्तों की रक्षा करने वाले और गायों के पालक हैं।

प्रश्न ४.
(क) निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखो (तत्सम रूप लिखकर)
सपना – स्वप्न
अमोल – अनमोल
धौरी – धवल
परलै – प्रलय
चरन्ह – चरण
वृच्छ – वृक्ष

(ख) संज्ञा शब्दों को विशेषण शब्दों में बदलकर लिखो (विशेषण शब्दों में बदलकर)
सरलता – सरल
सुख – सुखी
कठोर – कठोरता
रोग – रोगी
कल्पना – काल्पनिक

(ग) विशेषण शब्दों को संज्ञा शब्दों में बदलकर लिखो (बदलकर)
अनुकरणीय – अनुकरण
भला – भलाई
कठोर – कठोरता
दयालु – दया
स्वतन्त्र – स्वतन्त्रता

(घ) नीचे लिखे अव्यय शब्दों का प्रयोग करते हुए एक-एक वाक्य बनाओ
उत्तर:
और – मैं और तुम दिल्ली जाएँगे।
अबअब वर्षा होने वाली है।
वहाँवहाँ कोई नहीं जा सकता।
किंतु – खेलो किंतु झगड़ो मत।
रंतु – हाथी शक्तिशाली जानवर है, परंतु इसकी चाल धीमी होती है।

(ङ) नीचे लिखे मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो (प्रयोग करके)
हक्का-बक्का रह जाना – शेर को रास्ते में देखकर मैं हक्का-बक्का रह गया।
घी के दीए जलाना – राम, सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने पर सबने घी के दीए जलाए।
पानी-पानी होना – चोरी करते हुए पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया।
दाँत खट्टे करना – अभिमन्यु ने कौरवों के दाँत खट्टे कर दिए।

प्रश्न ५.
नीचे दिए गए उपसर्गों से बनने वाले शब्द लिखो (बने शब्द लिखकर)
प्र – प्रचार, प्रकार, प्रवेश
वि – विवेचन, विकार
आ – आमूल, आमरण
अनु – अनुकूल, अनुपस्थित
सु – सुहावना, सुनहरा

प्रश्न ६.
एक-एक वाक्य बनाओ, जिसमें
(क) विशेषण शब्द का प्रयोग हो।
काला घोड़ा दौड़ता है।

(ख) क्रिया-विशेषण शब्द का प्रयोग हो।
खरगोश धीरे-धीरे चला।

(ग) सर्वनाम शब्द का प्रयोग हो।
उसने अपना पाठ याद कर लिया है।

(घ) अव्यय शब्द का प्रयोग हो।
मैं और तुम घर-घर जाएँगे।

प्रश्न ७.
ऐसे वाक्यों की रचना करो, जिनमें
(क) प्रश्नवाचक चिह्न का प्रयोग हो।         क्या तुम पढ़ोगे?
(ख) विस्मयबोधक चिह्न का प्रयोग हो।           अहा! काला हिरन कितना सुंदर है।
(ग) अल्पविराम तथा पूर्णविराम चिह्नों का प्रयोग हो।     रुको, सुनो और जाओ।
(घ) जिसमें दोहरा अवतरण चिह्न का प्रयोग हो। शिक्षक ने पूछा, “तुम्हारा नाम क्या है?”

प्रश्न ८.
नीचे लिखे वाक्यों को शुद्ध करो (वाक्यों को शुद्ध करके)
(क) शुद्ध वाक्य – हिमालय की तलहटी में एक राजा बसता था।
(ख) शुद्ध वाक्य – मेरी विनती है कि आप यह विचार त्याग दें।
(ग) शुद्ध वाक्य – बच्चे कल शाम खेलेंगे
(घ) शुद्ध वाक्य – बेर का फूल बहुत छोटा होता है।

प्रश्न ९.
अपने मित्र को उत्सव में सम्मिलित होने के लिए पत्र लिखो।
नोट – विद्यार्थी स्वयं देखें।

प्रश्न १०.
आठ पंक्तियों की कोई कविता लिखो जो इस पाठ्य-पुस्तक में न हो।
उत्तर:
सीमित हो अंबर की सीमा,
मिल जाए भले ही दिग-दिगंत,
माँ की ममता का कभी नहीं,
पा सकता कोई ओर अंत।
हूँ दृढ़-प्रतिज्ञ कि बार-बार,
मैं इसी कुक्षि में आऊँगा,
मिल जाए भले सुरलोक मगर,
शतबार उसे ठुकराऊँगा।

प्रश्न ११.
संक्षेप में वर्णन करो, जब तुम
(क) किसी मेले में गए थे।
(ख) विद्यालय के किसी उत्सव में सम्मिलित हुए।
(ग) किसी रिश्तेदार के घर गए थे।
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

प्रश्न १२.
निम्नलिखित अंश में उचित विराम-चिहून लगाओ (चिह्न लगाकर )
उत्तर:
सरोज ने मामा से पूछा, “मामा, हम कहाँ आए हैं?” मामा ने कहा, “यह सारनाथ है।” सरोज आश्चर्यचकित होकर बोली, “वाह! कितनी सुंदर जगह है। यहाँ का पार्क स्तूप, भगवान गौतम बुद्ध की मूर्ति तथा सादगी देखने लायक है।”

प्रश्न १३.
पर्यावरण की रक्षा में आज तक तुमने क्या सहयोग दिया है? संक्षेप में लिखो।
नोट – विद्यार्थी स्वयं लिखें।

————————————————————

All Chapter UP Board Solutions For Class 4 Hindi

All Subject UP Board Solutions For Class 4 Hindi Medium

Remark:

हम उम्मीद रखते है कि यह UP Board Class 4 Hindi NCERT Solutions in Hindi आपकी स्टडी में उपयोगी साबित हुए होंगे | अगर आप लोगो को इससे रिलेटेड कोई भी किसी भी प्रकार का डॉउट हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूंछ सकते है |

यदि इन नोट्स से आपको हेल्प मिली हो तो आप इन्हे अपने Classmates & Friends के साथ शेयर कर सकते है और HindiLearning.in को सोशल मीडिया में शेयर कर सकते है, जिससे हमारा मोटिवेशन बढ़ेगा और हम आप लोगो के लिए ऐसे ही और मैटेरियल अपलोड कर पाएंगे |

आपके भविष्य के लिए शुभकामनाएं!!

Leave a Comment

Your email address will not be published.