Yamak Alankar in Hindi

Yamak Alankar in Hindi – यमक अलंकार क्या होता है?

Yamak Alankar in Hindi: हेलो स्टूडेंट्स, आज हम इस आर्टिकल में यमक अलंकार क्या होता है? (Yamak Alankar) के बारे में पढ़ेंगे | यह हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण टॉपिक है जिसे हर एक विद्यार्थी को जानना जरूरी है |

Yamak Alankar in Hindi

जिस प्रकार अनुप्रास अलंकार में किसी एक वर्ण की आवृति होती है उसी प्रकार यमक अलंकार में किसी काव्य का सौन्दर्य बढ़ाने के लिए एक शब्द की बार-बार आवृति होती है।

प्रयोग किए गए शब्द का अर्थ हर बार अलग होता है। शब्द की दो बार आवृति होना वाक्य का यमक अलंकार के अंतर्गत आने के लिए आवश्यक है।  जैसे :

यमक अलंकार के उदाहरण :

  • कनक कनक ते सौगुनी मादकता अधिकाय। या खाए बौरात नर या पा बौराय।।

इस पद्य में ‘कनक’ शब्द का प्रयोग दो बार हुआ है। प्रथम कनक का अर्थ ‘सोना’ और दुसरे कनक का अर्थ ‘धतूरा’ है। अतः ‘कनक’ शब्द का दो बार प्रयोग और भिन्नार्थ के कारण उक्त पंक्तियों में यमक अलंकार की छटा दिखती है।

  • माला फेरत जग गया, फिरा न मन का फेर। कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर।

ऊपर दिए गए पद्य में ‘मनका’ शब्द का दो बार प्रयोग किया गया है। पहली बार ‘मनका’ का आशय माला के मोती से है और दूसरी बार ‘मनका’ से आशय है मन की भावनाओ से।

अतः ‘मनका’ शब्द का दो बार प्रयोग और भिन्नार्थ के कारण उक्त पंक्तियों में यमक अलंकार की छटा दिखती है।

  • कहै कवि बेनी बेनी ब्याल की चुराई लीनी।।

जैसा की आप देख सकते हैं की ऊपर दिए गए वाक्य में ‘बेनी’ शब्द दो बार आया है। दोनों बार इस शब्द का अर्थ अलग है।

पहली बार ‘बेनी’ शब्द कवि की तरफ संकेत कर रहा है। दूसरी बार ‘बेनी’ शब्द चोटी के बारे में बता रहा है। अतः उक्त पंक्तियों में यमक अलंकार है।

  • काली घटा का घमंड घटा।।

ऊपर दिए गए वाक्य में आप देख सकते हैं की ‘घटा’ शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है। पहली बार ‘घटा’ शब्द का प्रयोग बादलों के काले रंग की और संकेत कर रहा है।

इसे भी पढ़े: जातिवाचक संज्ञा किसे कहते है? परिभाषा व उदाहरण

दूसरी बार ‘घटा’ शब्द बादलों के कम होने का वर्णन कर रहा है। अतः ‘घटा’ शब्द का दो बार प्रयोग और भिन्नार्थ के कारण उक्त पंक्तियों में यमक अलंकार की छटा दिखती है।

अन्य उदाहरण:-

कनक कनक ते सौगुनी, मादकता अधिकाय।

वा खाए बौराए जग, या पाए  बौराय।।

माला फेरत जुग गया, फिरा न मन का फेर।

कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर। ।

तीन बेर खाती थीं ते तीन बेर खाती हैं।

ऊँचे घोर मन्दर के अन्दर रहन वारी।

ऊँचे घोर मन्दर के अन्दर रहाती है।।

Yamak Alankar Video

Credit: DIVYAGYAN; Yamak Alankar

हम उम्मीद रखते है कि यह Yamak Alankar in Hindiआपकी स्टडी में उपयोगी साबित हुआ होगा | अगर आप लोगो को इससे रिलेटेड कोई भी किसी भी प्रकार का डॉउट हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूंछ सकते है | हमारे विषय अध्यापक उसका जवाब देंगे | HindiLearning.in को सोशल मीडिया में शेयर करे, जिससे हमारा मोटिवेशन बढ़ेगा और हम आप लोगो के लिए ऐसे ही और मैटेरियल अपलोड कर पाएंगे |

Leave a Comment

Your email address will not be published.