x.509 Authentication Certificate in Hindi

हेलो स्टूडेंट्स, इस पोस्ट में हम आज x.509 Authentication Certificate in Hindi के बारे में पढ़ेंगे | इंटरनेट में नेटवर्क सुरक्षा और क्रिप्टोग्राफी के नोट्स हिंदी में बहुत कम उपलब्ध है, लेकिन हम आपके लिए यह हिंदी में डिटेल्स नोट्स लाये है, जिससे आपको यह टॉपिक बहुत अच्छे से समझ आ जायेगा |

x.509 Authentication Certificate in Hindi

x.509 जो है वह public key certificates के लिए एक standard format है. x.509 certificate एक डिजिटल सर्टिफिकेट है जो कि x.509 public key infrastructure (PKI) का प्रयोग करता है और यह users को सुरक्षित connection की पहचान करने में मदद करता है.

इसको सबसे पहले 1988 में बनाया गया था और इसका प्रयोग digital networking directories को navigate करने में किया जाता था.

आजकल इन certificates का प्रयोग बहुत सारें internet protocols में किया जाता है जैसे कि – TLS/SSL. और इनका प्रयोग offline applications जैसे कि – electronic signatures में भी किया जाता है.

एक x.509 certificate में एक public key और एक identity होती है, और यह किसी certificate authority या स्वयं के द्वारा sign किया गया होता है.

एक x.509 certificate में उसके बारें में जानकारी होती है जिसके लिए certificate जारी (issue) किया गया है और उसके बारें में जानकारी होती है जिसने certificate जारी किया है. इस सर्टिफिकेट में निम्नलिखित information होती है:-

  • Version – इसमें x.509 version के बारें में जानकारी होती है.
  • Serial number – इसमें serial number होता है जो कि दूसरे certificates से इसे अलग बनाता हो.
  • algorithm information – इसमें issuer के द्वारा सर्टिफिकेट को sign करने में प्रयोग की गयी algorithm होती है.
  • Issuer distinguished name – इसमें सर्टिफिकेट को जारी करने वाली authority का नाम होता है.
  • इसमें सर्टिफिकेट की validity होती है, अर्थात् इस पर start date और end date होती है.
  • Subject distinguished name इसमें उसका नाम होता है जिसके लिए certificate जारी किया गया है.
  • Subject public key information इसमें identity के साथ जुडी हुई public key होती है.

कई certificates जिन्हें लोग secure socket layer (SSL) certificates कहते हैं, वास्तव में वे X.509 certificates होते हैं।

Applications of X.509 certificate (इसके अनुप्रयोग)

इसका प्रयोग निम्नलिखित जगहों पर किया जाता है:-

  • इसका प्रयोग web browsing को encrypt और authenticate करने के लिए SSL/TLS और HTTPS में किया जाता है.
  • S/MIME protocol के द्वारा ईमेल को encrypt और sign करने के लिए किया जाता है.
  • code signing के लिए.
  • document signing के लिए.
  • client authentication के लिए.
  • government के द्वारा electronic ID को issue करने में.

हम आशा करते है कि यह Network Security & Cryptography के हिंदी में नोट्स आपकी स्टडी में उपयोगी साबित हुए होंगे | अगर आप लोगो को इससे रिलेटेड कोई भी किसी भी प्रकार का डॉउट हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूंछ सकते है | आप इन्हे अपने Classmates & Friends के साथ शेयर करे |

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