UP Board Solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन

यहां हमने यूपी बोर्ड कक्षा 8वीं की विज्ञान एनसीईआरटी सॉल्यूशंस को दिया हैं। यह solutions स्टूडेंट के परीक्षा में बहुत सहायक होंगे | Student up board solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन pdf Download करे| up board solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन notes will help you. NCERT Solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन pdf download, up board solutions for Class 8 Science.

यूपी बोर्ड कक्षा 8 science के सभी प्रश्न के उत्तर को विस्तार से समझाया गया है जिससे स्टूडेंट को आसानी से समझ आ जाये | सभी प्रश्न उत्तर Latest UP board Class 8 science syllabus के आधार पर बताये गए है | यह सोलूशन्स को हिंदी मेडिअम के स्टूडेंट्स को ध्यान में रख कर बनाये गए है |

फसल उत्पादन

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.
सहीं विकल्प का चुनाव करके लिखिये|
उत्तर
(क) निम्नलिखित में रबी की फसल है-
(अ) धान
(ब) मक्का
(स) मूंगफली
(द) गेहूँ

(ख) निम्नलिखित में खर पतवार नाशी है-
(अ) यूरिया
(ब) कम्पोस्ट
(स) मेटाक्लोर
(द) अमोनियम फास्फेट

(ग) यूरिया उर्वरक है-
(अ) नाइट्रोजनी
(ब) स्फुरी
(स) पोटेशिक
(द) संयुक्त

(घ) सहीवाल है-
(अ) गाय
(ब) भैंस
(स) मछली
(द) मुर्गी

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करो
उत्तर
(क) उगाये जाने वाले एक ही किस्म के पौधे फसल कहलाते हैं।
(ख) तरबूज, खरबूजा, मक्को आदि के लिए बलुई मिट्टी उपयुक्त है।
(ग) बुआई के लिए प्रयुक्त यंत्र डिबलर तथा बीज बेधक है।
(घ) सोनालिका गेहूँ की उन्नत किस्म है जो संकरण के फलस्वरूप प्राप्त हुई है।
(ङ) काटला रोहू अलवण जल में पायी जाने वाली मछली है।

प्रश्न 3.
सही जोड़े बनाइये-
उत्तर
UP Board Solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन 1

UP Board Solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन 1

प्रश्न 4.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिये-
(क) बलुई मिट्टी और चिकनी मिट्टी में क्या अन्तर है?
उत्तर
बलुई मिट्टी-जिस मिट्टी में बालू की मात्रा अधिक होती है, उसे बलुई मिट्टी कहते हैं।
चिकनी मिटूटी- जिस मिट्टी में बालू की मात्रा कम तथा मिट्टी के कण छोटे होते हैं, वह चिकनी मिट्टी कहलाती है।

(ख) जून से अक्टूबर माह में कौन-कौन सी फसलें बोयी जाती है?
उत्तर
खरीफ फसल

(ग) बुआई के लिए बीजवेधक का क्या महत्त्व है?
उत्तर
बीच बेधक का प्रयोग बीज की गहराई में बोये जाने के लिए होता है। इसके द्वारा बीज समान दूरी पर तथा निश्चित गहराई तक बोये जा सकते हैं। जिसकी वजह से पक्षियों द्वारा बीज की क्षति की सम्भावना नहीं होती है।

(घ) फसल चक्रण से क्या समझते हैं?
उत्तर
फसल की अच्छी पैदावार के लिए भूमि में सभी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा अति आवश्यक है। खेत में जब एक ही फसल वर्ष दर वर्ष लगायी जाती है तो भूमि की पोषकता प्रभावित होती है। इसके लिए एक फसल के बाद दूसरी विकल्पी फसल लगाने की प्रथा है जैसे- गेहूं की फसल के बाद दलहन की फसल लगायी जाती है, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहती है। इसे फसल चक्रण कहते हैं।

(ङ) हरित क्रान्ति पर प्रकाश डालिए? ।
उत्तर
कृषि में सुधार लाने के उद्देश्य के लिए प्रयास 1960 से शुरू किये गये हैं। इसे हरित क्रान्ति कहते हैं। हरित क्रान्ति के तहत कृषि तथा रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से फसल उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि हुई है।

(च) गाय और भैंस की दो-दो उन्नत किस्मों के नाम लिखिये।।
उत्तर
गाय-

  1. साहिवाल,
  2. होल्स्टीन

भैंस-

  1. मुर्रा,
  2. मेहसाना

(छ) ऊष्मायन काल किसे कहते हैं।
उत्तर
मुर्गी अण्डे पर बैठकर उसे 21 दिन तक सेती है। इस अवधि को ऊष्णायन काल कहते हैं। इससे अण्डे को नमी एवं ऊष्णता मिलती है। यह अण्डे में भ्रूण के विकास एवं अण्डों के स्फुटन में। सहायक है।

(ज) अण्डों की गुणवत्ता की जाँच कैसे करेंगे।
उत्तर
गर्म पानी से भरे पात्र में कुछ अण्डे डाल दीजिए। ध्यान से देखिए क्या यह तैरते रहते हैं । या पानी में डूब जाते हैं। जो अण्डे पानी में डूब जाते हैं, वह अच्छी गुणवत्ता वाले हैं तथा जो तैरते रहते हैं, वे खराब अण्डे हैं।

(झ) एक कुक्कुट फार्म में पक्षियों को दिये जाने वाले आहार का वर्णन कीजिए।
उत्तर
कुक्कुट आहार में दले हुये दाने, हरी खाद्य सामग्री होती है। गेहूँ, मक्का, बाजरा जैसे अनाजों को पीसकर इसमें कंकड़ बालू का चूरा या चूना पत्थर का चूरा मिलाते हैं। कंकड़, चूना पत्थर कैल्सियम कार्बोनेट का स्रोत होने के कारण अण्डे का कवंच बनाने में सहायक होता है। मुर्गी को जल की पर्याप्त मात्रा दी जाती है। जल की मात्रा कम होने पर अण्डे देने की क्षमता में कमी आती है।

UP Board Solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन 2

प्रश्न 5.
नाइट्रोजन चक्र को चित्र की सहायता से समझाइये।
उत्तर
नाइट्रोजन सभी खाद्य पदार्थों का एक आवश्यक अवयव है। हालाँकि यह वायु में प्रचुर मात्रा (लगभग 79%) में उपस्थित है फिर भी पौधे इसे सीधे वायुमण्डल से ग्रहण नहीं कर सकते हैं। वायुमण्डल की नाइट्रोजन को घुलनशील नाइट्रेट्स में बदलने की क्रिया नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहलाती है। पौधे नाइट्रोजन को नाइट्रेट्स के रूप में निम्नलिखित विधियों द्वारा प्राप्त कर सकते हैं।

UP Board Solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन 2

प्रश्न 6.
फसल की कटाई के लिए प्रयोग करने वाले हसियाँ का चित्र बनाइए।
उत्तर
UP Board Solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन 3

UP Board Solutions for Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन 3

प्रश्न 7.
फसलों का भण्डारण किस प्रकार किया जाता है।
उत्तर
उपरोक्त पद्धतियों द्वारा फसल उत्पादन के पश्चातू उपज का भण्डारण एक महत्वपूर्ण चरण है। चूहे, कीड़े तथा अन्य छोटे जीवों से उपज को बहुत नुकसान होता है। इसके लिए बड़े पैमाने पर अन्न के भण्डारण के लिए उन्नत भण्डारों धातु के बर्तनों तथा साइलों का उपयोग किया जाता है। भण्डारण में ताप का भी ध्यान रखा जाता हैं जिन खाद्यान्नों में पानी की मात्रा कम होती है जैसे- अनाज, दालें इत्यादि को कमरे के ताप पर सुरक्षित रखा जाता है। फल सब्जियों में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण इन्हें कम ताप 0°C से -1°C पर संरक्षित किया जाता है।

● नोट- प्रोजेक्ट कार्य छात्र स्वयं करें।

————————————————————

All Chapter UP Board Solutions For Class 8 science

All Subject UP Board Solutions For Class 8 Hindi Medium

Remark:

हम उम्मीद रखते है कि यह UP Board Class 8 science NCERT Solutions in Hindi आपकी स्टडी में उपयोगी साबित हुए होंगे | अगर आप लोगो को इससे रिलेटेड कोई भी किसी भी प्रकार का डॉउट हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूंछ सकते है |

यदि इन नोट्स से आपको हेल्प मिली हो तो आप इन्हे अपने Classmates & Friends के साथ शेयर कर सकते है और HindiLearning.in को सोशल मीडिया में शेयर कर सकते है, जिससे हमारा मोटिवेशन बढ़ेगा और हम आप लोगो के लिए ऐसे ही और मैटेरियल अपलोड कर पाएंगे |

आपके भविष्य के लिए शुभकामनाएं!!

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *