Thrashing in Hindi | Operating System

हेलो स्टूडेंट्स, इस पोस्ट में हम आज Thrashing in Hindi के बारे में पढ़ेंगे | इंटरनेट में ऑपरेटिंग सिस्टम के नोट्स हिंदी में बहुत कम उपलब्ध है, लेकिन हम आपके लिए यह हिंदी में डिटेल्स नोट्स लाये है, जिससे आपको यह टॉपिक बहुत अच्छे से समझ आ जायेगा |

Thrashing in Hindi

Thrashing एक ऐसी condition (अवस्था) होती है जिसमें computer system अपने समय का एक बहुत बड़ा हिस्सा paging और swapping के कार्य में लगाता है जिसके कारण जो जरुरी operations  होते है वे बहुत ही कम कर पाता है.

दूसरे शब्दों में कहें तो, “Thrashing एक computer activity होती है जो बहुत कम या कोई भी progress नहीं करती है. आमतौर पर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि memory और दूसरे resources खत्म हो जाते हैं या फिर इनकी limit बहुत कम हो जाती है जिससे system अपने जरुरी कार्यों को कर नहीं पाता.”

इस condition के कारण computer की performance बहुत ही कम हो जाती है या फिर समाप्त हो जाती है. यह condition तब तक बनी रहती है जब तक कि यूजर system में run हो रहे applications या programs को close नहीं कर देता. applications को close करने से virtual memory खाली हो जाती है.

Causes of Thrashing – थ्रेशिंग का कारण

शुरुआत में जब CPU का utilization बहुत कम होता है तब process scheduling की कार्यविधि के कारण memory में एक ही समय में बहुत सारें processes को load कर दिया जाता है जिससे multi-programming की degree बढ़ जाती है.

  • Page fault :- जब किसी सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को निष्पादित करते समय वह किसी ऐसे Data या जानकारी को प्राप्त करने का प्रयास करता है जो की मुख्य memory device जैसे की RAM ( Random Access Memory ) में नहीं हो तो इस समस्या को Page fault कहते है।

  • Swapping :- जब ऑपरेटिंग सिस्टम ये देखता है कि कंप्यूटर में page fault की समस्या उत्पन्न हो गई है, मतलब की प्रोग्राम के द्वारा जिन जानकारियों की आवश्यकता है वह कंप्यूटर के प्राइमरी मेमोरी में उपलब्ध नहीं है, तब वह उन जानकारियों को secondary memory जैसे की HDD ( Hard Disk Drive ) में खोजता है और जानकारी या Data मिल जाये तो उन्हें RAM के पास भेजता है।
    कई बार RAM में इतना जगह नहीं होता की वह Hard Disk से जानकारी या Data को लेकर अपने पास जमा कर पाए ऐसे परिस्थित में ऑपरेटिंग सिस्टम RAM के किसी एक भाग के DATA को Hard Disk में भेज देता है इससे जो जगह खाली होती है उसमे नई जानकारी या Data को जमा किया जा सकता है। अगर संक्षेप में कहें तो ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा RAM के साथ Hard Disk के Data का अदला-बदली को ही Swapping कहते है।

Thrashing को Handle करने की Techniques

इसको handle करने की निम्नलिखित तकनीक होती हैं:-

Working Set Model

यह मॉडल locality पर आधारित होता है. locality का अर्थ है कि “ऐसे pages जो हाल ही में use किये गये है उन्हें दुबारा से use किया जा सकता है और ऐसे pages जो इन pages के नजदीक है उन्हें भी use किया जा सकता है.”

यह टॉपिक B.tech 1st year के सभी छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है |

हम आशा करते है कि यह Thrashing in Hindi operating system के हिंदी में नोट्स आपकी स्टडी में उपयोगी साबित हुए होंगे | अगर आप लोगो को इससे रिलेटेड कोई भी किसी भी प्रकार का डॉउट हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूंछ सकते है | आप इन्हे अपने Classmates & Friends के साथ शेयर करे |

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