विशिष्ठ चालकत्व _ मोलर चालकता _ सेल स्थिरांक

विशिष्ठ चालकत्व | मोलर चालकता | सेल स्थिरांक

विशिष्ठ चालकत्व क्या है – vishisht chalakta kise khte hai:

विशिष्ठ प्रतिरोध या प्रतिरोधकता के व्युत्क्रम को विशिष्ठ चालकत्व या चालकता कहते है।  इसे K से व्यक्त करते है।

अर्थात

K = 1/ρ

चूँकि 1/R = G

तथा

1/ρ = K

विशिष्ठ प्रतिरोध या प्रतिरोधकता सूत्र में ये दोनों मान रखने पर

G = KA /L

KA = GL

K = GL /A

चालकता को निम्न प्रकार से परिभाषित किया जाता है ,

यदि L = 1 cm तथा A =  1cm2 है तो K = G

अतः 1cm की दूरी पर स्थित दो समान्तर इलेक्ट्रोड जिनके अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल 1cm2 है तो उनके मध्य रखे गए विलयन के चालकत्व को ही चालकता (विशिष्ठ चालकत्व) कहते है।

या

एक घन सेंटीमीटर के चालकत्व को ही चालकता या  (विशिष्ठ चालकत्व) कहते है।

चालकता की इकाई: 

K = GL /A

या

vishisht chalakta ka matrak:

चालकता या  (विशिष्ठ चालकत्व) की इकाई  = Ω-1 cm-1 (Ohm -1 cm-1)

SI मात्रक में चालकता की इकाई Ω-1 m-1 या sm-1

 

सेल स्थिरांक क्या है:

किसी सेल में दो इलेक्ट्रोडो के बीच की दूरी तथा उनके अनुप्रस्थकाट के क्षेत्रफल के अनुपात को सेल स्थिरांक कहते है।  इसे G*से व्यक्त करते है।

अर्थात

G* = L/A

हम जानते है की

K = GL /A

G* का मान रखने पर
K = G G*
या
K = G* /R

मोलर चालकता क्या है :

1 सेन्टीमीटर की दूरी पर स्थित दो सामानांतर इलेक्ट्रॉड जिनके मध्य किसी विद्युत अपघट्य का 1mol घुला हुआ है तो उस सम्पूर्ण विलयन की चालकता को ही मोलर चालकता कहते है।  इसे Λm से व्यक्त करते है।
मोलर चालकता निम्न सूत्र से ज्ञात की जाती हैं।
Λm  = K * V (cm3  में )
यदि पदार्थ की सान्द्रता c मोल /लीटर
है तो
V = 1000/c   (cm3  में )
Λm  = (K 1000)/c मोलरता में
Λm की इकाई
Λm  = Ω-1 cm2mol-1
molar chalakta ka matrak:

 SI मात्रक में मोलर चालकता की इकाई S . m . 2 mol-1 या Ω-1 m2mol-1

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