RBSE Solutions for Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते

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Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 बहुचयनात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संयुक्त साहस के व्यापारिक स्वरूप का नाम है
(अ) साझेदारी संस्था
(ब) सहकारी समिति
(स) व्यक्तियों का समूह
(द) एकाकी व्यापारी
उत्तर-
(स)

प्रश्न 2.
संयुक्त साहस में सम्मिलित होने वाले सदस्य को कहते हैं
(अ) प्रबन्धक
(ब) सह-साहसी
(स) साझेदार
(द) अंशधारी
उत्तर-
(ब)

प्रश्न 3.
संयुक्त साहस खाता उदाहरण है
(अ) व्यक्तिगत खाते को
(ब) वास्तविक खाते को
(स) नाम मात्र खाते को
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर-
(स

प्रश्न 4.
संयुक्त साहस में सदस्यों की अधिकतम संख्या होती है
(अ) 2
(ब) 20
(स) 10
(द) कोई सीमा नहीं
उत्तर-
(द)

प्रश्न 5.
सह-साहसी द्वारा प्राप्य बिल बैंक से भुनाने पर दिये जाने वाले बट्टे को नामे किया जाता है
(अ) बट्टे खाते में
(ब) संयुक्त साहस खाते में
(स) बैंक खाते में।
(द) सह-साहसी के खाते में।
उत्तर-
(ब)

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संयुक्त साहस और साझेदारी में दो अन्तर बताइये।
उत्तर-
दो अन्तर निम्न हैं

  • पंजीयन की आवश्यकता संयुक्त साहस में पंजीयन आवश्यक नहीं है। जबकि साझेदारी में पंजीयन कराना आवश्यक है।
  • नाम–संयुक्त साहस में प्रायः कोई नाम नहीं होता जबकि साझेदारी संस्था का एक निश्चित नाम होता है।

प्रश्न 2.
संयुक्त साहस में साहसियों की अधिकतम व न्यूनतम संख्या बताइये।
उत्तर-
संयुक्त साहस में न्यूनतम सदस्य 2 व अधिकतम सदस्य संख्या पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होता है।

प्रश्न 3.
संयुक्त साहस में लेखों के लिए अलग से पुस्तकें रखना कब ठीक रहता है ?
उतर-
जब सभी साहसी एक ही स्थान पर रहते हों तथा संयुक्त साहस का कार्य बड़े पैमाने पर होता हो तब ही संयुक्त साहस में लेखों के लिये पृथक् पुस्तकें रखना उचित रहता है।

प्रश्न 4.
संयुक्त साहस में लाभ-हानि का विभाजन किस अनुपात में किया जाता है।
उत्तर-
संयुक्त साहस में लाभ-हानि का विभाजन समझौते द्वारा तय अनुपात में किया जाता है। यदि प्रश्न में लाभ-हानि विभाजन अनुपात नहीं दिया गया है तो बराबर-बराबर लाभ-हानि का विभाजन किया जाता है।

प्रश्न 5.
स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाते की प्रकृति किस प्रकार की होती है।
उत्तर-
स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाते की प्रकृति व्यापारिक एवं लाभ-हानि खाते की होती है।

प्रश्न 6.
जब प्रत्येक सह साहसी अपनी पुस्तकों में केवल स्वयं द्वारा किये गये व्यवहारों का लेखा करता है तो जो खाते वह तैयार करता है उनके नाम लिखिये।
उत्तर-
निम्न खाते खोले जाते हैं

  • Joint Venture with……A/c
  • Memorandum Joint Venture A/c

प्रश्न 7.
संयुक्त साहस को समापन कब होता है ?
उत्तर-
विशेष कार्य/अवधि समाप्त हो जाने पर संयुक्त साहस भी समाप्त हो जाता है।

प्रश्न 8.
संयुक्त साहस किस प्रकार के उपक्रम के लिए ठीक रहता है ?
उतर-
संयुक्त साहस किसी विशेष वस्तु के व्यापार, आयात-निर्यात, भवन निर्माण, अंश एवं ऋणपत्रों के अधिगोपन, जमीन खरीद कर भूखण्ड विकसित करके या मकान बना कर बेचने आदि निश्चित अवधि के उपक्रम के लिए ठीक रहता है।

प्रश्न 9.
संयुक्त साहस के लिये उधार माल क्रय करने पर किस खाते को क्रेडिट किया जाता है ?
उत्तर-
संयुक्त साहस के लिये उधार माल क्रय करने पर Supplier के खाते को क्रेडिट (Cr.) किया जाता है ।

प्रश्न 10.
जब संयुक्त साहस की पृथक्-पृथक पुस्तकें रखी जाती हैं तो कौन-कौन से खाते खोले जाते हैं। नाम बताइये।
उत्तर-

  • Joint Venture A/c (संयुक्त साहस खाता)
  • Joint Bank A/c (संयुक्त बैंक खाता)
  • Co-venturer’s Capital/Personal Account (प्रत्येक साहसी का पूँजी/व्यक्तिगत खाता) ये तीन खाते खोले जाते हैं।

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संयुक्त साहस किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जब दो या दो से अधिक व्यक्ति, फर्म, कम्पनियाँ या अन्य संस्थाएँ संयुक्त साहस जोखिम पर अस्थायी रूप से किसी कार्य को करने के लिये या माल क्रय विक्रय करने और इसके लाभ को समझौते के अनुसार बाँटने पर सहमत हो जाते हैं तो इस प्रकार के साहस को संयुक्त साहस कहते हैं।

प्रश्न 2.
स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाता क्या है ? यह क्यों बनाया जाता है ?
उत्तर-
जब केवल स्वयं के लेन-देनों का लेखा संयुक्त साहसी द्वारा किया जाता है तो संयुक्त साहस कार्य समाप्त होने पर एक दूसरे साहसी को अपने लेन-देनों की नकल भेज दी जाती है । तब प्रत्येक साहसी अपनी पुस्तकों में एक खाता बनाता है जिसे स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाता कहते हैं।

समस्त साहसियों द्वारा किये गये व्यवहारों का लेखा करने के उपरान्त ही संयुक्त साहस का लाभ-हानि विवरणं का पता लगाने के लिए व शुद्ध देय/लेय राशि की जानकारी के लिए स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाता बनाया जाता है।

प्रश्न 3.
संयुक्त साहस व प्रेषण में अन्तर बताइये।
उत्तर-
संयुक्त साहस व प्रेषण में अन्तर

अन्तर का आधार संयुक्त साहस (Joint Venture) प्रेषण (Consignment)
1. सम्बन्धइसमें सह साहसियों के सम्बन्ध साझेदारों की तरह होते हैं।इसमें प्रेषक व प्रेषणी के मध्य प्रधान व एजेन्ट का सम्बन्ध होता है।
2. स्वामित्वइसमें सभी साहसी माल के स्वामी होते हैं।इसमें प्रधान माल का स्वामी होता है।
3. पूँजीइसमें सभी साहसी पूँजी लगाते हैं।इसमें पूँजी प्रधान ही लगाता है।
4. अधिनियमइसमें आपसी समझौते के नियम लागू होते हैं।इसमें एजेन्सी सम्बन्धी नियम लागू होते हैं।
5. लाभ-हानि का बँटवारा।अनुबन्ध के अनुसार लाभ हानि का बँटवारा किया जाता है।एजेन्ट को कमीशन मिलता है लाभ प्रधान ही पाने का अधिकारी होता है।
6. दायित्वसंयुक्त साहस का कार्य समाप्त होते ही दायित्व समाप्त हो जाता है।एजेन्ट व प्रधान का सम्बन्ध बना रहता है। क्योंकि प्रेषण की अवधि दीर्घ होती है।
7. हिसाब रखना।लेखा रखने की तीन विधियाँ हैं। मुख्यतः दो काम में ली जाती हैं।इसमें केवल एक विधि है।
8. विवरण भेजनासह साहसी अपने लेन-देनों की सूचना एक-दूसरे को भेजते हैं।एजेन्ट अपने प्रधान को विक्रय विवरण भेजता हैं।

प्रश्न 4.
संयुक्त साहस सम्बन्धी व्यवहारों का लेखा रखने की विधियाँ बताइए।
उत्तर-
संयुक्त साहस सम्बन्धी व्यवहारों का लेखा रखने की तीन विधियाँ होती हैं परन्तु मुख्य रूप से प्रचलन में दो ही विधियाँ हैं जो निम्न हैं

  1.  संयुक्त साहस के लिये पृथक से लेखा पुस्तकें रखना।
  2. संयुक्त साहस के लिये पृथक से लेखा पुस्तकें नहीं रखना ।।
  • प्रत्येक साहसी द्वारा केवल स्वयं के लेन-देन का लेखा रखना।
  • स्वयं के लेन-देन के साथ ही अन्य साहसियों के लेन-देनों का भी लेखा करना।

प्रश्न 5.
संयुक्त साहस की विशेषताएँ बताइये।
उत्तर-
संयुक्त साहस की निम्न विशेषताएँ होती हैं

  • संयुक्त साहस किसी विशेष कार्य या व्यवसाय को करने के लिए अथवा एक निश्चित समय तक किसी विशेष कार्य को करने के लिए किया जाता है।
  • विशेष कार्य/अवधि समाप्त होने पर संयुक्त साहस भी समाप्त हो जाता है।
  • संयुक्त साहस की समाप्ति के साथ ही लाभ-हानि का विभाजन एवं हिसाब-किताब का निपटारा कर लिया जाता है।
  • संयुक्त साहस प्रायः अल्पकालीन होता है।
  • संयुक्त साहस का कोई विशेष कार्य नहीं होता । सह साहसी इसके साथ ही निजी व्यवसाय भी कर सकते हैं।

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संयुक्त साहस का अर्थ बताते हुए संयुक्त साहस व साझेदारी में अन्तर बताइये।
उत्तर-
जब दो या दो से अधिक व्यक्ति, फर्म, कम्पनियाँ या अन्य संस्थाएँ संयुक्त जोखिम पर अस्थायी रूप से किसी कार्य को करने के लिए या माल क्रय-विक्रय करने व इसके लाभ को अपने समझौते के अनुसार बाँटने को सहमत हो जाते हैं तो इस प्रकार के साहस को संयुक्त साहस कहते हैं। संयुक्त साहस का कार्य पूरा हो जाने पर यह समाप्त हो जाता है।

अन्य शब्दों में, संयुक्त साहस एक अस्थायी या अल्पकालीन साझेदारी होती है जिसका निर्माण किसी विशेष व्यापारिक कार्य या उद्देश्य के लिए किया जाता है तथा ऐसे कार्य या उद्देश्य के पूर्ण हो जाने पर यह साझेदारी समाप्त हो जाती है।

संयुक्त साहस एवं साझेदारी में अन्तर (Difference Between Joint Venture and Partnership)

अन्तर का आधार संयुक्त साहस साझेदारी
1. नामसंयुक्त साहस में प्रायः कोई नाम नहीं होता है।साझेदारी संस्था का एक निश्चित नाम होता है।
2. उद्देश्यसंयुक्त साहस का उद्देश्य एक निश्चित समय या कार्य तक व्यवसाय करना है।साझेदारी का निर्माण निरन्तर चलते रहने के लिये किया जाता है।
3. पंजीयनसंयुक्त साहस का पंजीयन अनिवार्य नहीं है।साझेदारी का पंजीयन आवश्यक है।
4. अधिनियमइसमें अलग से कोई अधिनियम नहीं बनाया जाता ।इसमें भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 लागू होता है।
5. प्रबन्ध का हिस्सासभी सह-साहसी कार्य संचालन में हिस्सा लेते है।इसमें सभी का संचालन में भाग लेना सम्भव नहीं होता ।
6. स्थापनाइसमें फर्म की स्थापना/नाम तय नहीं किया जाता ।इसमें फर्म की स्थापना व नाम तय किया जाता है।
7. सदस्य संख्याइसमें कम से कम दो व अधिकतम संख्या पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है।इसमें न्यूनतम संख्या 02 व अधिकत संख्या 20 है जबकि बैंकिंग व्यवसाय हेतु अधिकतम संख्या 10 हो सकती है।
8. खातेइसमें संयुक्त साहस खाता व अन्य खाते बनाकर लाभ-हानि ज्ञात की जाती है।साझेदारी में विस्तृत व पूर्ण लेखे रखे जाते हैं।
9. सम्बन्धसंयुक्त साहस में साहसियों में परस्पर समझ होती हैं।साझेदारी में साझेदारों में आपसी सम्बन्ध होता हैं।
10. सदस्य नामसंयुक्त साहस में भाग लेने वालों को सह साहसी कहते हैं।साझेदारी में भाग लेने वाले को साझेदार कहते हैं।

प्रश्न 2.
संयुक्त साहस लेखा करने की विथियों को सोदाहरण समझाइये।
उत्तर-
संयुक्त साहस सम्बन्धी लेखा विधियाँ (Accounting Methods for Joint Venture)
संयुक्त साहस सम्बन्धी लेखा करने की मुख्य रूप से दो लेखा विधियाँ प्रचलन में हैं

  1. संयुक्त साहस के लिये पृथक् से लेखा पुस्तकें रखना।
  2. संयुक्त साहस के लिये पृथक से लेखा पुस्तकें नहीं रखना ।।

(अ) प्रत्येक साहसी द्वारा केवल स्वयं के लेनदेनों का लेखा रखना।
(ब) स्वयं के लेनदेनों के साथ ही अन्य साहसियों के लेनदेनों का भी लेखा करना।

(1) संयुक्त साहस के लिये पृथक् लेखा पुस्तकें रखना-
जब सभी साहसी प्रायः एक ही स्थान पर रहते हों और संयुक्त साहस का कारोबार भी बड़ा हो अथवा साहसियों द्वारा आपसी निर्णय लिया गया हो, तो संयुक्त साहस के लिये पृथक्-पृथक् लेखा पुस्तकें रखी जा सकती हैं। ऐसी स्थिति में लेखा पुस्तकों में निम्नानुसार तीन मुख्य खाते खोले जाते हैं

  • संयुक्त साहसे खाता (Joint Venture Account)
  • संयुक्त बैंक खाता (Joint Bank Account) ।।
  • प्रत्येक साहसी का पूँजी खाता/व्यक्तिगत खाता (Co-venturer’s Capital/Personal Account)

इसके अन्तर्गत साहसियों द्वारा अपने अपने हिस्से की पूँजी की रकम लाकर संयुक्त बैंक खाते में जमा करायी जाती है। संयुक्त साहस के सभी भुगतान प्रायः इसी खाते से किये जाते हैं एवं बिक्री आदि से प्राप्त रकम भी इसी खाते में जमा करायी जाती है। संयुक्त साहस खाता, व्यापारिक एवं लाभ-हानि खाते की तरह का होता है इसमें सभी क्रय एवं खचें नाम पक्ष में लिखे जाते हैं तथा बिक्री एवं अन्य आय को जमा पक्ष में लिखा जाता है। इस खाते का अन्तर संयुक्त साहस के लाभ हानि को प्रकट करता है जिसे साहसियों में बाँट दिया जाता है। संयुक्त साहस की समाप्ति पर व्यक्तिगत खातों में शेष राशि को भुगतान कर लेखा पुस्तकें बन्द कर दी जाती हैं।

उदाहरण-
जयपुर के महेश एवं सुरेश ने जमीन खरीदकर उसे विकसित कर भूखण्डों के रूप में बेचने के लिये संयुक्त साहस में काम कले का निश्चय किया। उन्होंने 1 जनवरी, 2015 को एक संयुक्त बैंक खाता खोलकर उसमें क्रमशः Rs 5,00,000 एवं Rs 3,00,000 जमा कराये। लाभ-हानि अनुपात 5:3 था। उन्होंने Rs 6,00,000 में जमीन का एक टुकड़ा ख़रीदा, पंजीयन शुल्क Rs 65,000 का भुगतान किया। जमीन को विकसित करने पर Rs 90,000 व्यय किये गये। कुल 40 भूखण्ड बनाये। 25 भूखण्डों का विक्रय Rs 35,000 प्रति भूखण्ड की दर से एवं 7 भूखण्डों का विक्रय Rs 31,000 प्रति भूखण्ड की दर से किया गया। इस हेतु दलाली का Rs 40,000 भुगतान किया। शेष रहे भूखण्डों को महेश एवं सुरेश ने बराबर Rs 22,000 प्रति भूखण्ड की दर से ले लिया। संयुक्त साहस की पुस्तकों में आवश्यक खाते तैयार कीजिये।

Mahesh and Suresh of Jaipur entered in a joint venture for a land development scheme. They opened a Bank Account in the joint name by depositing Rs 5,00,000 and Rs 3,00,000 on 1 Jan., 2015 respectively. They decided to share of profit and loss in the ratio 5 : 3.
A part of Land purchased for Rs 6,00,000 and Rs 65,000 was paid for its registration charges, Rs 90,000 were paid for the expenses of development of land. The land was divided in 40 plots.
The plots were sold as under : 25 plots at Rs 35,000 each, 07 Plots at Rs 31,000 each, brokerage were paid Rs 40,000. The remaining plots were taken at a price Rs 22,000 by both equally.
Prepare Necessary account in the books of Joint Venture.
उत्तर:
Joint Venture Account
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
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संयुक्त साहस के लिए पृथक से लेखा पुस्तकें नहीं रखना (When Separate Books are not Maintained for Joint Venture)
जब सभी साहसी एक ही स्थान पर नहीं रहते हों एवं संयुक्त साहस का कारोबार भी अधिक बड़ा नहीं हो तो संयुक्त साहस के लिये अलग से लेखा पुस्तकें नहीं रखी जा सकती हैं। ऐसी दशा में साहसी गण अपनी ही पुस्तकों में संयुक्तं साहस के लेनदेन का लेखा रख सकते हैं। इस स्थिति में संयुक्त साहस के लेखांकन हेतु निम्न में से किसी एक विधि का उपयोग किया जा सकता है

(अ) प्रत्येक साहसी द्वारा केवल स्वयं के लेनदेनों का लेखा रखना :

(1) लेखांकन की इस विधि के अन्तर्गत प्रत्येक साहसी अपनी-अपनी लेखा पुस्तकों में Joint Venture with……….Account के नाम से एक खाता खोलता है। इस खाते की प्रकृति व्यक्तिगत खाते की होती है। संयुक्त साहस की समाप्ति पर इस खाते का शेष अन्य साहसी से बाकी लेना अथवा बाकी देना बताता है।

(2) साहसी द्वारा संयुक्त साहस के लिये किये जाने वाले भुगतानों, माल के क्रय अथवा अन्य किसी प्रकार के खर्चे के लिये Joint Venture with……Account को Debit (नाम) किया जाता है एवं संयुक्त साहस के लिये माल की बिक्री से प्राप्त रकम के लिये इस खाते को Credit किया जाता है।

(3) साहसी द्वारा अन्य साहसी को रकम भेजने पर इस खाते को Debit तथा अन्य साहसी से रकम प्राप्त होने पर इस खाते को Credit किया जाता है। लेकिन यह ध्यान रखना चाहिये कि इस विधि में एक-दूसरे सह साहसी के पास माल भेजने तथा प्राप्त करने का कोई लेखा नहीं होता है।

(4) संयुक्त साहस की समाप्ति पर प्रत्येक साहसी अपने यहाँ रखे गये Joint Venture with……Account की एक नकल दूसरे साहसी को भेज देता है। ऐसी नकल प्राप्त होने पर साहसी अपनी पुस्तकों में स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाता खोलते हैं। यह स्मरणार्थ खाता एक व्यापारिक एवं लाभ-हानि खाते की प्रकृति का होता है।

(5) स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाते के Debit में माल का क्रय मूल्य एवं सभी प्रकार के खर्चे लिखे जाते हैं जबकि Credit में विक्रय मूल्य एवं अन्य आय (यदि कोई हो) लिखी जाती है। इस खाते का नाम (Debit) शेष हानि एवं जमा (Credit) शेष संयुक्त साहस का लाभ प्रकट करता है।

(6) स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाते द्वारा लाभ प्रकट किये जाने पर लाभ विभाजन के लिये Joint Venture with …….Account को Debit एवं Profit & Loss Account को Credit किया जाता है। हानि होने की दशा में विपरीत प्रविष्टि की जाती है।’

उदाहरण –
दिल्ली के भरत और भीलवाड़ा के अनिल पुरानी मशीनों का क्रय विक्रय करने के लिये संयुक्त साहस में शामिल होते हैं। भरत को मशीनों का क्रय करना था व अनिल को बेचना था । लाभ-हानि बराबर बाँटे जाते हैं। अनिल ने भरत को Rs 40,000 भेजे। भरत ने Rs 45,000 में पुरानी मशीनें खरीदी तथा 2 प्रतिशत क्रय कमीशन एवं इनकी मरम्मत के RS 10,000 व अन्य विविध व्यय के Rs 600 चुकाये। उसने इन मशीनों को भीलवाड़ा भेज दिया।

अनिल ने Rs 2,000 किराया भाड़ा व Rs 1,000 चुंगी चुकाकर मशीनों की सुपुर्दगी ले ली। उसने कुछ मशीनों को Rs 85,000 में बेच दिया तथा बची हुई मशीनों को Rs 7,200 में रख लिया। उसके Rs 400 गोदाम किराया Rs 1,800 विज्ञापन और बिक्री व्यय के थे। संयुक्त साहस का निपटारा किया गया।

स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाता बनाइये तथा भरत की पुस्तकों में अनिल का खाता व अनिल की पुस्तकों में भरत का खाता बनाइये।

Bharat of Delhi and Anil of Bhilwara entered into Joint Venture to purchase and sale of old machines. It was decided to share profit or losses equally.

Anil remitted Rs 40,000 to Bharat. Bharat purchased old machines worth Rs 45,000 and paid 2% purchases commission, Rs 10,000 for its repairs and Rs 600 for other sundry expenses. Then he dispatched machines to Bhilwara.

Anil took the delivery of the machinery paying Rs 2,000 freight, Rs 1,000 octroi. He sold to some machines for Rs 85,000 and kept remaining one for himself at an agreed value of Rs 7,200. His other expenses were godown rent Rs 400 and Rs 1,800 advertisement and selling expenses. Final settlement was made on joint venture.

Prepare Memorandum Joint Venture Account and Anil’s Account in the books of Bharat and Bharat Account in the books of Anil.
उत्तर:
Memorandum Joint Venture A/c
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(ब) स्वयं के लेनदेनों के साथ ही अन्य साहसियों के लेनदेनों का लेखा करना

संयुक्त साहस के व्यवहारों का लेखा रखने की इस विधि के अन्तर्गत सभी साहसी अपनी-अपनी लेखा पुस्तकों में संयुक्त साहस के समस्त व्यवहारों का लेखा रखते हैं। इसके लिये उनकी पुस्तकों में दो खाते संयुक्त साहस खाता एवं अन्य साहसी का व्यक्तिगत खाता खोले जाते हैं। इस दशा में संयुक्त साहस खाता व्यापारिक एवं लाभ-हानि खाते की प्रकृति का होता है और यह संयुक्त साहस का लाभ/हानि प्रकट करता है। प्रत्येक साहसी अपने लेनदेनों का विवरण समय-समय पर अन्य साहसी को भेजता है ताकि अन्य साहसी भी अपनी पुस्तकों में उन लेनदेनों का लेखा कर सके। संयुक्त साहस की समाप्ति के साथ ही हिसाब किताब भी निपटा दिया जाता है।

उदाहरण-
रवि और कवि कपड़े का क्रय विक्रय करने हेतु संयुक्त साहस में प्रवेश करते हैं और लाभ-हानि 3:2 के अनुपात में बांटने का निश्चय करते हैं। रवि ने Rs 1,00,000 के कपड़े खरीदे तथार Rs 1,000 किराया, Rs 200 बीमा व्यय, Rs 800 गाड़ी भाड़ा तथा Rs 300 विविध व्यय के चुकाये। कवि ने Rs 60,000 के कपड़े खरीदे, Rs 400 गोदाम किराया के Rs 100 बीमा, Rs 100 गाड़ी भाड़ा के चुकाये। रवि ने Rs 1,20,000 का कपड़ा तथा कवि ने Rs 76,000 का कपड़ा बेच दिया। दोनों साहसियों की पुस्तकों में आवश्यक खाते बनाइये।

Ravi and Kavi entered in joint venture to purchase and sales of cloth and decide to distribute profit or loss in 3: 2 ratios. Ravi purchased cloth Rs 1,00,000 and paid Rs 1,000 freight, Rs 200 insurance expenses, Rs 800 carriage and Rs 300 sundry expenses. Kavi purchased cloth Rs 60,000 and paid Rs 400 go down rent, Rs 100 insurance premium and Rs 100 carriage. Ravi sold the cloths worth Rs 1,20,000 and Kavi sold cloths for Rs 76,000. Prepare necessary accounts in the books of both conventurers.
उत्तर:
In the Books of Ravi
Joint Venture Account
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RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 आंकिक प्रश्न

प्रश्न 1.
दीपक एवं मुकेश ने लकड़ी के फर्नीचर का क्रय विक्रय करने के लिए संयुक्त साहस प्रारम्भ किया। दीपक ने Rs 80,000 तथा मुकेश ने Rs 50,000 साहस के लिए देकर संयुक्त साहस बैंक खाता खोला। उन्होंने लाभ हानि 2:3 अनुपात में विभाजित करना तय किया। उन्होंने Rs 1,00,000 का माल क्रय किया तथा दलाली के Rs 1,000, भाड़े के Rs 5,000 एवं विविध व्यय के Rs 10,000 चुकाये एवं तीन माह का विक्रय Rs 1,40,000 था। वर्ष के अन्त में शेष माल को मुकेश ने Rs 5,000 में ले लिया। आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ देते हुए संयुक्त साहस, संयुक्त बैंक एवं सह-साहसियों के खाते बनाइये।

Deepak and Mukesh entered into Joint Venture for purchase and sale of furniture. They opened a separate bank account contributing Deepak Rs 80,000 and Mukesh Rs 50,000. It as also decided to share profit and losses in 2 : 3 ratio. They purchase goods for Rs 1,00,000; paid brokerage Rs 1,000 and freight Rs 5,000 and paid sundry expenses Rs 10,000. Three months sales Rs 1,40,000. Remaining stock was taken by Mukesh for Rs 5,000. Give necessary journal entries and prepare Joint Venture, Joint Bank and Co-ventures Account.
उत्तर:
Journal Entries
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प्रश्न 2.
‘अ’, ‘ब’ एवं ‘स’ बराबर लाभ विभाजन करते हुए संयुक्त साहस में सम्मिलित होते हैं । 1 जनवरी, 2015 को वे स्टेट बैंक में अलग से संयुक्त बैंक खाता खोलते हैं जिसमें ‘अ’ Rs 30,000 ‘ब’ Rs 40,000 एवं ‘स’ Rs 90,000 जमा कराते हैं। यह भी निश्चय किया कि इन जमाओं पर 3 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज दिया जायेगा। ‘डी’ से Rs 1,50,000 का माल खरीदा। ‘अ’ से Rs 20,000 का स्टॉक प्राप्त किया। उन्होंने ‘डी’ को चेक द्वारा भुगतान कर दिया तथा गाड़ी भाड़ा व अन्य खर्चे के लिये Rs 7,600 चुकाये। ‘अ’ ने कुछ माल Rs 80,000 पर नकद बेचा तथा शेष मालई को Rs 1,60,000 में उधार बेचा। ‘ई’ ने समान राशि का बिल स्वीकार किया जिसे बैंक से Rs 1,57,000 में भुना लिया। 30 जून 2015 को संयुक्त साहसियों की प्रारम्भिक पूँजी लौटा दी। ‘अ’ को उसकी सेवाओं के लिये बिक्री पर 5 प्रतिशत कमीशन देने का निर्णय किया गया। संयुक्त साहस की पुस्तकों में जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिये तथा आवश्यक खाते खोलिये। यह मानते हुए कि 31 जुलाई 2015 को अन्तिम निपटारा कर दिया।

A, B and C entered into a Joint Venture sharing profit equally. They opened a separate Bank account in State Bank on 1st January, 2015. They deposited Rs 30,000, Rs 40,000 and Rs 90,000 respectively. It is also decided to allow interest on such deposits @ 3% p.a., Goods purchased from D worth Rs 1,50,000. Stock took from A worth Rs 20,000. They paid to D by cheque and paid for carriage and other expenses Rs 7,600. A sold some goods for Rs 80,000 in cash and remaining goods sold to E at credit for Rs 1,60,000. E accepted the bill for same amount. It was discounted from bank for Rs 1,57,000. Initial capital of Co-venture’s returned on 30th June, 2015. It is decided to allow the commission on sales @ 5 percent to A for his services.

Give the Journal entries in the books of Joint Venture and also prepare necessary accounts. It is assumed that final settlement has made on 31st July, 2015.
उत्तर:
Journal Entries
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Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
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प्रश्न 3.
राम और श्याम जो अलग-अलग भवन निर्माण के ठेकेदार हैं। एक नवनिर्मित कम्पनी के भवन निर्माण का कार्य संयुक्त रूप से Rs 2,00,000 के ठेको मूल्य पर लेते हैं जो Rs 1,60,000 नकद और Rs 40,000 कम्पनी के पूर्ण चुकता अंशों के रूप में देय थे। उन्होंने संयुक्त नाम से एक बैंक खाता खोला जिसमें राम ने Rs 50,000 तथा श्याम ने Rs 30,000 बैंक में जमा करा दिये, वे लाभ-हानि 2:1 के अनुपात में बांटते हैं। इनके व्यवहार निम्नलिखित हैं-सामग्री क्रय की गई Rs 1,40,000, मजदूरी भुगतान की Rs 60,000, राम ने अपने स्टॉक से माल दिया Rs 10,000, श्याम ने अपने स्टॉक से माल दिया Rs 8,000, शिल्पकार का शुल्क राम ने चुकाया Rs 4,000.

ठेका कार्य पूर्ण हो गया और ठेका मूल्य प्राप्त हो गया। राम ने कम्पनी के सभी अंश Rs 32,000 में तथा श्याम ने शेष सामग्री को Rs 6,000 के स्वीकृत मूल्य पर रख लिया। हिसाब का निपटारा कर दिया गया। ‘संयुक्त साहस की पुस्तकों में आवश्यक खाते खोलिये।’

Ram and Shyam doing business separately as a building contractors. They under take jointly to construct a building for newly started joint stock company for a contract price of Rs 2,00,000 payable Rs 1,60,000 by installment in a cash and Rs 40,000 in fully paid share of the company. A Joint Bank account is opened. Ram and Shyam deposited Rs 50,000 and Rs 30,000 in the Bank respectively. They will distribute profit or losses in the proportion of 2:1. The transactions of Joint Venture were as follows : Purchases of Material Rs 1,40,000, Wages paid Rs 60,000, Ram gave material from his stock Rs 10,000, Shyam gave material from his stock Rs 8,000, Architect’s fees paid by Ram Rs 4,000. Accounts are settled.

The contract was completed and contract price was received. Ram took all the shares for Rs 32,000 and Shyam took remaining stock for Rs 6,000. Open the necessary accounts in the books of joint venture.
उत्तर:
Joint Venture Account
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते

प्रश्न 4.
कपिल ठेकेदार और भरत इंजीनियर दोनों ने मिलकर एक नगर विकास योजना के लिए संयुक्त साहस किया। उन्होंने क्रमशः Rs 1,25,000 व Rs 75,000 बैंक में जमा कराकर उनके संयुक्त नाम पर संयुक्त बैंक खाता खोला। लाभ-हानि 2:1 के अनुपात में लेना निश्चय किया। Rs 1,50,000 में भूमि का एक भाग खरीदा। इसके कानूनी पंजीयन के Rs 10,000 दिये गये। भूमि के विकास सम्बन्धी खर्चे Rs 40,000 भुगतान किये। भू-भाग को 20 भूखण्डों में विभाजित किया गया। भूखण्डों को निम्न प्रकार बेचा गया—8 भूखण्ड Rs 20,000 प्रति भूखण्ड 10 भूखण्ड Rs 15,000 प्रति भूखण्ड शेष 2 भूखण्डों को लागत मूल्य पर दोनों ने एक-एक रख लिया।
संयुक्त साहस के लिये आवश्यक खाते खोलिये।

Contractor Kapil and Engineer Bharat started joint venture for a Urban Development Project. They opened Joint Bank account separately. Kapil deposited Rs 1,25,000 and Bharat deposited Rs 75,000 and they share profit-losses in 2: 1 ratio. They purchased a piece of land for Rs 1,50,000 and paid legal expenses Rs 10,000. Land Development expenses paid Rs 40,000. The land was divided in 20 plots. The plots were sold as under-08 plots at Rs 20,000 each; 10 plots at Rs 15,000 each, The remaining 2 plots were taken at cost price by both Kapil and Bharat equally. Open necessary accounts in the books of Joint Venture.
उत्तर:
Joint Venture Account
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते

प्रश्न 5.
‘ए’, ‘बी’ एवं ‘सी’ भवन बनाने के ठेकेदार हैं। इन्होंने मिलकर संयुक्त साहस में एक कम्पनी के लिये Rs 25,00,000 में एक भवन बनाने का अनुबन्ध किया। इस कीमत का भुगतानर Rs 20,00,000 नकद व Rs 5,00,000 के ऋण पत्रों में किया जाना था। वे लाभ हानि को बराबर में बाँटते हैं। संयुक्त साहस में साहसियों ने संयुक्त बैंक खाता खोला जिसमें ए, बी एवं सी ने क्रमशः Rs 3,00,000, Rs 3,75,000, Rs 2,00,000 जमा कराये। संयुक्त साहस के निम्नलिखित व्यवहार हुए–सामग्री का नकद क्रय Rs 12,00,000, मजदूरी का भुगतान Rs 9,75,000, प्लान्ट क्रय किया Rs 1,20,000, ए ने शिल्पकार की फीस दी Rs 35,000, बी द्वारा Rs 1,25,000 के मूल्य का एक कंक्रीट मिक्सर तथा सी द्वारा Rs 1,00,000 के मूल्य की मोटर ट्रक संयुक्त साहस के लिये लाई गई।

भवन बनाने के बाद ए ने बिना प्रयोग की गई Rs 70,000 की सामग्री और बी ने Rs 60,000 में बचे कंक्रीट मिक्सर को रख लिया। प्लान्ट Rs 30,000 में बेच दिया गया। सी ने मोटर ट्रक Rs 40,000 में ली । जब ठेके की पूरी राशि प्राप्त हो गई तो ए ने ऋण पत्रों को 20 प्रतिशत कम मूल्य पर ले लिया। संयुक्त साहस समाप्त हो गया। संयुक्त साहस की पुस्तकों में आवश्यक खाते बनाइये।

‘A’, ‘B’ & ‘C’ are doing business as a building contractor. They under take jointly for the construction of building for newly started Joint Stock Company for a contract price of Rs 25,00,000, payable Rs 20,00,000 in cash and Rs 5,00,000 in debentures of company. Their profit sharing ratio is 1:1:1. They opened a separate Joint Bank account and amount deposited into Bank by ‘A’ Rs 3,00,000, ‘B’ Rs 3,75,000 and ‘C’ Rs 2,00,000. The transactions of joint venture were as follows-Purchases of material Rs 12,00,000, wages paid Rs 9,75,000, Purchase of plant Rs 1,20,000, Architect fees paid by ‘A’ Rs 35,000, Concrete mixer by B Rs 1,25,000 and a Motor Truck is given by C worth Rs 1,00,000. A took material for Rs 70,000, B took concrete mixer for Rs 60,000 and C took Motor Trucks for Rs 40,000 after construction work is completed Plant sold for Rs 30,000, contract price received and A took debentures 20% less then cost price. Joint venture is completed. Prepare necessary accounts in the books of Joint venture.
उत्तर:
Joint Venture A/c
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
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प्रश्न 6.
पवन एवं प्रत्युष एक संयुक्त साहस में भाग लेते हैं। लाभ-हानि बराबर बाँटते हुए संयुक्त साहस में प्रवेश किया। पवन ने Rs 3,00,000 की लागत का माल संयुक्त साहस के लिये प्रेषित किया एवं उसके भाड़ा Rs 10,000 से अन्य व्यय के Rs 4,000 हुए। प्रत्युष द्वारा भेजे गये माल की लागत Rs 2,40,000 थी। उसके प्रेषण सम्बन्धी खर्चे Rs 15,000, गोदाम किराया Rs 5,000 हुए। माल का विक्रय पवन द्वारा किया जाना है जिस पर 2 प्रतिशत कमीशन (विक्रय मूल्य पर) देय है। पवन ने समस्त माल Rs 6,84,000 में बेच दिया। स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाता बनाइये तथा पवन की पुस्तकों में प्रत्युष के साथ संयुक्त साहस खाता एवं प्रत्युष की पुस्तकों में पवन के साथ संयुक्त साहस खाता बनाइये।

Pavan and Pratush entered in joint venture with sharing profit and losses equally. Pavan sent to goods worth Rs 3,00,000 and paid carriage & freight Rs 10,000 and other expenses Rs 4,000. Pratush sent goods worth Rs 2,40,000 and paid consignment expenses and sundry expenses Rs 15,000 and go down rent Rs 5,000. Goods to be sold by Pavan. They decided 2% commission on sales. Pavan sold all the goods for Rs 16,84,000. Prepare Memorandum joint Venture Account and Joint Venture with Pavan Account in the books of Pratush and Joint Venture with Pratush Account in the books of Pavan, Final payment is made through bank draft.
उत्तर:
Memorandum Joint Venture A/C
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
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प्रश्न 7.
प्रदीप और प्रवीण एक संयुक्त साहस में पुराने स्कूटरों के क्रय विक्रय के लिए सहमत होते हैं। वे लाभ हानि बराबर बाँटते हैं। प्रवीण ने प्रदीप द्वारा लिखे गये Rs 20,000 का बिल स्वीकार किया, जिसे प्रदीप ने Rs 19,600 में बैंक से भुना लिया। प्रदीप ने स्कूटर Rs 35,000 में खरीदे। उसने इनकी मरम्मत के लिये Rs 5,000 चुकाये। स्कूटर बेचने के लिए प्रवीण को भेज दिये। प्रवीण ने स्कूटर प्राप्त करने पर Rs 600 किराया भाग्न एवं Rs 400 चुंगी के चुकाये । प्रवीण ने सभी स्कूटर एजेन्ट के द्वारा Rs 60,000 में बेच दिये। एजेन्ट ने कमीशन व विक्री व्यय के Rs 4,200 वसूल किये। दोनों पक्षों के बीच अन्तिम भुगतान पूर्ण हो गया। प्रदीप की पुस्तकों में स्मरणार्थ संयुक्त साहस तथा प्रवीण के साथ संयुक्त साहस खाती बनाइये।

Pradeep and Praveen agreed to purchase and sale of old scooter in a joint venture. They decided to share profit or losses equally. Praveen accepted bill of Rs 20,000 drawn by Pradeep, which was discounted by Pradeep for Rs 19,600 from bank. Pradeep purchased scooters for Rs 36,000. He paid Rs 5,000 for repairs of the scooter and were dispatched to Praveen for sale. Praveen paid Rs 600 freight and Rs 400 octroi on the receipt of scooters. Praveen sold all the scooters through an agent for Rs 60,000. The agent charges for commission and sales expenses Rs 4,200. Final settlement was completed between both parties. Prepare Memorandum Joint Venture Account and Joint Venture with Praveen Account in the books of Pradeep.
उत्तर:
Memorandum Joint Venture A/c
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
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प्रश्न 8.
महेन्द्र एवं ललित टी. वी. सेट खरीदने तथा बेचने के लिये एक संयुक्त साहस में सम्मिलित हुए। वे लाभ हानि बराबर बाँटते हैं। महेन्द्र ने Rs 2,50,000 का एक ड्राफ्ट ललित के पक्ष में भेजा तथा ललित ने Rs 20,000 प्रति सेट की दर से 20 सेट क्रय किये। Rs 2,000 भाड़ा के चुकाते हुए यह सेट महेन्द्र के पास भेज दिये गये और महेन्द्र ने इनकी सुपुर्दगी ले ली और बिक्री निम्न प्रकार की-

सेट की संख्याप्रति सेट बिक्री मूल्य (Rs) बिक्री मूल्य पर छूट
0230,00010 प्रतिशत
1028,000__
0827,0005 प्रतिशत

महेन्द्र ने देय रकम का ड्राफ्ट ललित को भेज दिया। महेन्द्र की पुस्तकों में निम्नांकित प्रदर्शित कीजिये

  1. ललित के साथ संयुक्त उपक्रम खाता ।
  2. स्मरणार्थ संयुक्त साहस खाता।

Mahendra and Lalit agreed to purchase and sale of T.V.sets.They decided to share profit or loss equally. Mahendra sent to a Bank Draft of Rs 2,50,000 in favor of Lalit. Lalit purchased 20 T.V. set @ Rs 20,000 each, and paid freight Rs 2,000 it sent to Mahendera, Mahendra received all sets and sold T.V. set as follows-

No. of SetPer Set sale Value RsDiscount on sales
0230,00010
1028,000__
0827,0005

Mahendra sent draft for remaining balance to Lalit. In the books of Mahendra, prepare Joint Venture with Lalit’s Account and Memorandum Joint Venture Account.
उत्तर:
Memorandum Joint Venture Account
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते

प्रश्न 9.
शालू और बन्टी ने माल को आयात कर बेचने हेतु संयुक्त साहस किया। शालू ने माल मंगाने तथा बंटी ने बेचने की जिम्मेदारी ली। यह निश्चय किया गया कि शालू को माल खरीद मूल्य पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ब्याज मिलेगा और बन्टी को Rs 500 मासिक वेतन मिलेगा। शालू ने बन्टी पर तीन माह का Rs 20,000 का एक बिल लिखा जिसे बन्टी ने स्वीकार किया। शालू ने Rs 90,000 के माल का आयात किया और बन्टी को भेज दिया। शालू ने माल भेजने के Rs 4,000 खर्च किये। बन्टी ने भाड़े के Rs 1,600 तथा विक्रय व्यय Rs 1,400 चुकाये । बन्टी ने सारा माल Rs 1,30,000 में बेच दिया। इस सारे कार्य में 3 माह लगे। दोनों पक्षों की पुस्तकों में आवश्यक खाते बनाइये। लाभ का बंटवारा बराबर-बराबर होगा।

Shalu and Bunti entered in Joint venture to purchase and sales of imported goods. Shalu take the responsibility for purchase and Bunti for sale. It was decided that Shalu will get interest @ 12% p.a. on the purchase price of goods and Bunti get salary of Rs 500 per month. Shalu draw a bill of Rs 20,000 on Bunti for 3 months which was accepted by Bunti. Shalu imported goods worth Rs 90,000 and sent to Bunti. Shalu paid carriage expenses Rs 4,000 in dispatching goods. Bunti paid Rs 1,600 freight and Rs 1,400 for selling expenses. Bunti sold all the goods for Rs 1,30,000. Whole process completed in three months. Prepare necessary ledger accounts in the books of both parties. The profit was distributed equally.
उत्तर:
Memorandum Joint Venture Account
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 7 संयुक्त साहस खाते
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प्रश्न 10.
रवि और विमल ने कम्बल बेचने का उपक्रम किया। रवि को क्रय करना था और विमल को बेचना था। रवि को विनियोजित राशि पर 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज देना था और उसको प्राप्त राशि पर उसी दर से ब्याज चुकाना था। विमल को बिक्री पर 4 प्रतिशत कमीशन दिया जाना था। लाभ-हानि बराबर बांटे जाते हैं। 1 जनवरी, 2015 को रवि ने Rs 60 प्रति कम्बल के हिसाब से 2000 कम्बल ख़रीदे। उसने पैकिंग तथा अन्य व्यय के Rs 4,000 चुकाये। विमल ने भाड़े के Rs 6,000 खर्च किये। उसने कम्बलों को निम्न प्रकार से बेची-1 फरवरी, 2015 को 300 कम्बल Rs 90 प्रति कम्बल। 1 जुलाई 2015 को 1000 कम्बल Rs 100 प्रति कम्बल। 1 अक्टूबर, 2015 को 500 कम्बल Rs 84 प्रति कम्बले ।

उसने रवि को Rs 20,000 1 मार्च को तथा Rs 56,000 1 अगस्त, 2015 को भेजे। शेष कम्बल विमल ने लागत मूल्य में 25 प्रतिशत जोड़कर ले लिये। 1 अक्टूबर, 2015 को हिसाब का निपटारा हो गया। यह मानते हुए कि प्रत्येक पक्ष सभी व्यवहारों का लेखा करता है, दोनों पक्षों की पुस्तकों में आवश्यक खाते तैयार कीजिए।

Ravi and Vimal entered in Joint Venture for purchase and sales of blankets. Ravi will purchase goods and Vimal under took the sales. They decided to pay 5% interest p.a. to Ravi on his investment and also charge interest at same rate on amount received by him. Vimal will get 4% commission on sales. Profit and losses are shared equally. Ravi purchased on 1 Jan., 2015 2000 blanket Rs 60 per blanket. He paid packing charges and other expenses Rs 4,000. Vimal paid freight Rs 6,000 and sold to blanket as follows on 1 Feb., 2015, 300 blanket @ 90 each, on 1 July, 2015 1000 blanket @ Rs 100 each, on 1 Oct., 2015, 500 blanket @ Rs 84 each.

Vimal sent to Ravi Rs 20,000 on 1 March, 2015 and Rs 56,000 on 1 August, 2015. Remaining blanket took by Vimal on cost plus 25% above. On 1 Oct., 2015 final settlement was made.
Assume that each party record all transactions, prepare necessary accounts in the books of both parties.
उत्तर:
In the Books of Ravi Joint Venture Account
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प्रश्न 11.
सचिन एवं जोनी माल को खरीदने एवं बेचने के लिए संयुक्त साहस में प्रविष्ट होते हैं। लाभ-हानि 3:2 के अनुपात में बांटा जाता है। कार्य प्रारम्भ करने हेतु जोनी द्वारा सचिन को Rs 8,00,000 की राशि बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से भेजी गई। सचिन ने Rs 10,00,000 की सामग्री खरीदी। माल को विक्रय योग्य बनाने के लिये सचिन ने Rs 2,35,000 खर्च किये। यह सारा माल विक्रय हेतु सचिन द्वारा जोनी को भेज दिया। सचिन के द्वारा खर्चे इस प्रकार हुए-कुल कमीशन 2.5 प्रतिशत व विविध खर्चे Rs 35,000 । जोनी ने माल प्राप्त किया और भाड़ा Rs 72,000 एवं चुंगी Rs 27,500 चुकाये तथा बीमा Rs 15,000, गोदाम किराया Rs 25,000 एवं दलाली के Rs 52,000 चुकाये गये । जोनी ने अधिकांश माल Rs 17,25,000 में बेच दिया। कुछ माल बचा जिसे जोनी ने Rs 2,05,000 के मूल्य पर स्वयं रखना स्वीकार किया। आप दोनों पक्षों की पुस्तकों में आवश्यक खाते यह मानते हुए बनाइये कि सभी साहसी समस्त व्यवहारों का लेखा रखते हैं।

Sachin and Joni entered in Joint Venture for purchase and sale of goods. They share profit and loss in the ratio of 3 : 2. For starting the work Joni sent bank draft to Sachin for Rs 8,00,000. Sachin purchased goods worth Rs 10,00,000 and make expenses to convert into salable form Rs 2,35,000. Sachin make expenses as follows-total commission 2.5 percent and sundry expenses Rs 35,000. Joni took the delivery and paid carriage Rs 72,000, Octroi Rs 27,500, insurance Rs 15,000, godown rent Rs 25,000 and brokerage Rs 52,000. Joni sold most of the goods for Rs 17,25,000. Remaining goods kept by him self for Rs 2,05,000. Prepare necessary ledger accounts in the books of both parties, assuming that all transactions are entered by both parties.
उत्तर:
In the Books of Sachin
Joint Venture Account
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