RBSE Solutions for Class 11 Physical Geography Chapter 20 महासागरीय संसाधन

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Rajasthan Board RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 महासागरीय संसाधन

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 पाठ्य पुस्तक के अभ्यास प्रश्न

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
विश्व का सबसे बड़ा महासागर कौन-सा है?
(अ) प्रशान्त महासागर
(ब) हिन्द महासागर
(स) आर्कटिक महासागर
(द) अटलांटिक महासागर
उत्तर:
(अ) प्रशान्त महासागर

प्रश्न 2.
किस महासागर को प्रायः समुद्र कहा जाता है?
(अ) हिन्द महासागर
(ब) प्रशान्त महासागर
(स) आर्कटिक महासागर
(द) अटलांटिक महासागर
उत्तर:
(स) आर्कटिक महासागर

प्रश्न 3.
महासागरीय नितल में विश्व का कितना प्रतिशत तेल के भण्डार है?
(अ) 20 प्रतिशत
(ब) 30 प्रतिशत
(स) 40 प्रतिशत
(द) 50 प्रतिशत
उत्तर:
(स) 40 प्रतिशत

प्रश्न 4.
ज्वार-भाटा से प्राप्त ऊर्जा क्या कहलाती है?
(अ) भू-तापीय ऊर्जा
(ब) ज्वारीय ऊर्जा
(स) पवन ऊर्जा
(द) सौर ऊर्जा
उत्तर:
(ब) ज्वारीय ऊर्जा

प्रश्न 5.
भारत में समुद्र में किस स्थान पर खनिज तेल निकाला जाता है?
(अ) कच्छ की खाड़ी
(ब) खम्भात की खाड़ी
(स) बोम्बे हाई
(द) केरल तट
उत्तर:
(स) बोम्बे हाई

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 6.
समुद्र से प्राप्त होने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण खनिज कौन-सा है?
उत्तर:
समुद्र से प्राप्त होने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण खनिज, खनिज तेल है।

प्रश्न 7.
समुद्र में गाँठों के रूप में प्राप्त होने वाला खनिज कौन-सा है?
उत्तर:
फास्फेट नामक खनिज समुद्र में सामान्यत: गाँठों के रूप में मिलता है।

प्रश्न 8.
समुद्र से प्राप्त होने वाली ऊर्जा के दो नाम लिखो।
उत्तर:
समुद्र से प्राप्त होने वाली ऊर्जा में ज्वारीय ऊर्जा एवं सागरीय ताप ऊर्जा प्रमुख हैं।

प्रश्न 9.
भू-तापीय ऊर्जा किससे प्राप्त होती है?
उत्तर:
ज्वालामुखी के विस्फोट से भूतापीय ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।

प्रश्न 10.
महासागरों से प्राप्त खाद्य पदार्थों के नाम बताओ।
उत्तर:
महासागरों से प्राप्त होने वाले खाद्य पदार्थों में मछली, अनेक प्रकार के शैवाल, पादप, प्लवक, मोलस्क व अनेक जीव समुद्र से प्राप्त होते हैं।

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 11.
महासागरों से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष लाभ बतायें।
उत्तर:
महासागर हमें अनेक प्रकार के संसाधन उपलब्ध कराते हैं। महासागरों से जलवायु प्रभावित होती है। महासागर परिवहन के सबसे सस्ते साधन होते हैं। समुद्री खजिन, भोजन, ऊर्जा तथा महासागरीय परिवहन महासागर के प्रत्यक्ष लाभ हैं जबकि महासागरों से जलवायु पर प्रभाव परोक्ष लाभ है। स्थल से प्राप्त संसाधन समाप्त प्राय हैं। ऐसी स्थिति में महसागर ही भविष्य के भण्डार हैं। महासागरों की समीपता मानव के लिए अनुकूल होती है।

प्रश्न 12.
महासागरों का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
महासागरों का अत्यधिक महत्त्व होता है। इनके द्वारा मनोरंजन, दृश्यावलोकन, खेल, तैराकी, नौकायन आदि होता है। महासागरों का मानव सभ्यता पर गहरा प्रभाव पड़ता है। महाद्वीपों पर वर्षा का मूल स्रोत महासागर ही हैं। महासागर हमें अनेक प्रकार के संसाधन उपलब्ध करवाते हैं तथा ये परिवहन के सबसे सस्ते साधन हैं। इन सब के साथ-साथ महासागर हमारी जलवायु के भी नियन्त्रक होते हैं। सागरों को भविष्य का खाद्य भंडार कहा गया है जो इसके महत्त्व को दर्शाता है।

प्रश्न 13.
महासागरों से किन-किन आवश्यकताओं की पूर्ति होगी?
उत्तर:
महासागर भविष्य में मानव जाति को अनेक आवश्यकताओं की पूर्ति करेंगे जिनमें निम्न आवश्यकताएँ प्रमुख हैं-

  1. महासागर व खाद्य आपूर्ति,
  2. महासागर व मत्स्य उत्पादन,
  3. विभिन्न प्रकार के खनिजों की आपूर्ति,
  4. ऊर्जा के रूप में अनेक प्रकार के शक्ति स्रोतों की प्राप्ति,
  5. पेयजल की आपूर्ति,
  6. विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य एवं मनोरंजन सुविधाओं की प्राप्ति तथा नौ परिवहन हेतु आदर्श दशाओं की प्राप्ति आदि।

प्रश्न 14.
महासागरीय संसाधनों के नाम लिखिए।
उत्तर:
महासागरीय भाग संसाधनों के दृष्टिकोण से प्रचुरता वाले क्षेत्र हैं इनसे अनेक प्रकार के संसाधनों की प्राप्ति होती है। इन महासागरीय संसाधनों में निम्न संसाधन मुख्य रूप से प्राप्त होते हैं-

  1. महासागर व खनिज संसाधन,
  2. महासागर व खाद्य संसाधन,
  3. महासागर व ऊर्जा संसाधन,
  4. महासागर व पेयजल संसाधन,
  5. महासागर व यातायात तथा व्यापार,
  6. महासागर एवं सामरिक महत्त्व।

प्रश्न 15.
महासागरों से प्राप्त प्रमुख खनिज संसाधनों का उल्लेख करें।
उत्तर:
महासागर की तली एवं उसके जल में अनेक प्रकार के खनिज संसाधने मौजूद हैं परन्तु इनका विदोहन बहुत सीमित है। सामुद्रिक जल में मुख्यत: सोना, ताँबा, मैगनीज, जिंक व सीसा, यूरेनियम, पौटेशियम, सल्फेट, मैग्नीशियम क्लोराइड, खनिज तेल, फास्फेट, नमक, रेत, बजरी, प्लेटिनम, टिन, मैग्नेटाइट, लोहा, टंग्स्टन, थोरियम व मोनोजाइट नामक खजिन मुख्य रूप से प्राप्त होते हैं।

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 16.
महासागरों के महत्त्व को समझाते हुए मानव के लिये उनकी उपयोगिता का वर्णन करें।
उत्तर:
महासागर हमें अनेक प्रकार के संसाधन उपलब्ध कराते हैं। साथ ही महासागर जलवायु पर प्रभाव डालते हैं तथा परिवहन के सबसे सस्ते साधन हैं। समुद्री खनिज, भोजन, ऊर्जा तथा महासागरीय परिवहन महासागर के प्रत्यक्ष लाभ हैं जबकि महासागरों से जलवायु पर प्रभाव परोक्ष लाभ है। स्थल से प्राप्त संसाधन समाप्त प्रायः हैं। ऐसी स्थिति में महासागर ही भविष्य के संसाधनों भण्डार हैं। महासागरों की समीपता मानव के स्वास्थ्य के लिए अनुकूल है। सागरों द्वारा मनोरंजन, दृश्यावलोकन, खेल, तैराकी, नौकायन आदि होता है। महासागरों का मानव सभ्यता का पर गहरा प्रभाव पड़ता है। महाद्वीपों पर वर्षा का मूल स्रोत महासागर ही हैं। अतः महासागरों का मनुष्य के लिए अपार मेहत्त्व है।

महासागरों की उपयोगिता – विश्व में जनसंख्या की तीव्र वृद्धि से खाद्यान्न तथा प्राकृतिक संसाधनों के अभाव का संकट उत्पन्न होना निश्चित है। अत: महासागर मानव जाति को इस भयावह संकट से निकालने में सक्षम हैं। भविष्य में मानव जाति को महासागरों से निम्न आवश्यकताओं की पूर्ति होगी

  1. महासागर एवं खाद्य आपूर्ति,
  2. महासागर एवं मत्स्य उत्पादन,
  3. महासागर एवं खनिज संसाधन,
  4. महासागर एवं शक्ति संसाधन,
  5. महासागर पेयजल स्रोत के रूप में,
  6. महासागरों का जलवायु पर प्रभावे,
  7. मानव स्वास्थ्य और मनोरंजन,
  8. महासागरीय नौ परिवहन।

प्रश्न 17.
महासागरीय संसाधनों को कितने भागों में बांटा गया है? विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
महासागरीय संसाधनों को निम्न भागों में बांटा गया है-

  1. खनिज संसाधन
  2. खाद्य संसाधन
  3. ऊर्जा संसाधन
  4. पेयजल संसाधन
  5. यातायात, व्यापार
  6. सामरिक महत्त्व

1. खनिज संसाधन-सागर की तली एवं उसके जल में अनेक प्रकार के खनिज संसाधन मौजूद हैं परन्तु उनका विदोहन बहुत सीमित है। एक अनुमान के अनुसार एक घन किलोमीटर समुद्री जल में 50 टन चॉदी, 25 टन सोना, 11 से 35 टन ताँबा, मैगनीज, जिंक तथा सीसा, 8 टन यूरेनियम, 42 टन पौटेशियम सल्फेट, 185 लाख टन मैग्नीशियम क्लोराइड तथा अनेक खजिन व रासायनिक तत्त्व विद्यमान हैं। इसके अलावा खजिन तेल, फास्फेट, मैगनीज, नमक, रेत, बजरी, सोना, प्लेटिनम, टिन, मैग्नेटाइट, लोहा, टंगस्टन व थोरियम आदि खनिज भी मिलते हैं।

2. खाद्य संसाधन – विश्व में कुल खाद्य पदार्थों का लगभग 10 प्रतिशत महासागरों से प्राप्त किया जाता है। मछली एक उत्तम प्रोटीनयुक्त आहार है जो महासागरीय संसाथन है। मत्स्य उत्पादन विश्व का प्रमुख व्यवसाय है। विश्व के अनेक समुद्रतटीय देश इस व्यवसाय से प्रमुख रूप से जुड़े हैं। उनकी आजीविका का प्रमुख साधन मत्स्य संसाधन है। मछली के अलावा अनेक प्रकार के शैवाल, पादप, प्लवक, मोलस्क, अनेक समुदी जीव भी समुद्री से प्राप्त किये जाते हैं। महासागरों में पाये जाने वाले कोरल (मूंगा/प्रवाल) जीवों को आश्रय एवं खाद्य पदार्थ प्रदान करते हैं। बढ़ते प्रदूषण के कारण कोरले भण्डार को अस्तित्व खतरे में है। रासायनिक प्रदूषण के कारण इनका प्राकृतिक रंग बदल रहा है।

3. ऊर्जा संसाधन – महासागर पृथ्वी द्वारा प्राप्त सूर्यातप का लगभग तीन-चौथाई भाग अवशोषित करते हैं। इस ऊर्जा से पवनें एवं समुद्री धाराएँ चलती हैं तथा समुद्री जल के तापमान में वृद्धि करती हैं। इससे ऊर्जा प्राप्त होती है। महासागरों से प्राप्त ऊर्जा में ज्वारीय ऊर्जा, सागरीय ताप ऊर्जा तथा भू-तापीय ऊर्जा प्रमुख है। ज्वार-भाटा से ज्वारीय ऊर्जा प्राप्त कर विद्युत उत्पादन किया जाता हैं। भारत में खम्भात की खाड़ी, कच्छ की खाड़ी से विद्युत उत्पादन किया जा सकता है। समुद्र से उठने वाली तरंगों से भी विश्व के अनेक देशों में ऊर्जा प्राप्त की जा रही है। ज्वालामुखी के विस्फोट से भूतापीय ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।

4. पेयजल संसाधन – महासागरों का जल पीने योग्य नहीं होता, किन्तु भविष्य में इसका उपयोग पीने व घरेलू कार्यों के अतिरिक्त उद्योगों आदि में भी किया जा सकेगा। इसके लिए विश्व में लगभग 500 संयंत्र लगाये जा चुके हैं। खाड़ी देशों में इस प्रकार के संयत्र बड़ी संख्या में लगाये गये हैं।

5. यातायात व व्यापार – प्राचीनकाल में महासागर दो भू-भागों के मध्य बाधक माने जाते थे परन्तु अब ये सबसे सरल और सस्ते यातायात की सुविधा प्रदान करते हैं। ये प्रकृति द्वारा प्रदत्त हाई-वे हैं। जल की सतह समतल होती है। अत: इस पर प्रवर्तक बेल कम खर्च करना पड़ता है। महासागर ऐसे आवागमन के मार्ग प्रस्तुत करते हैं, जिनका स्वतन्त्रतापूर्वक उपयोग किया जा सकता हैं क्योंकि इन पर किसी देश का अधिकार नहीं होता। विश्व में कई प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्गों में उत्तरी अटलाण्टिक जलमार्ग सबसे प्रमुख है। यह जलमार्ग उत्तरी अमेरिका को पश्चिमी यूरोपीय देशों से जोड़ता है। भार के अनुसार। विश्व में किये गये कुल सामुद्रिक व्यापार का चौथाई व्यापार केवल इसी जलमार्ग पर होता है। इस सामुद्रिक व्यापार का सर्वोच्च महत्त्व इसलिए भी है। कि यह दो उद्योग प्रधान क्षेत्रों को परस्पर जोड़ता है। विश्व का प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग स्वेज जलमार्ग है। जो लन्दन को टोकियो से जोड़ता हैं। आशा अन्तरीप से होकर यह जल मार्ग काफी लम्बा पड़ता है।

6. सामरिक महत्त्व-महासागर विभिन्न महाद्वीपों के मध्य सम्पर्क में अवरोध माने जाते थे, किन्तु नौसंचालन के विकास के साथ-साथ इनके व्यापारिक एवं सामरिक महत्त्व में वृद्धि हुई है। इसके कई कारण हैं – विभिन्न देश महासागरों में खनिजों के दोहन के लिए अपना प्रभुत्व बढ़ाना चाहते हैं। आज के युग में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों एवं प्रतिस्पर्धाओं के कारण नौसेना के महत्त्व में काफी वृद्धि हुई है। अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत हिन्द महासागर को नौसैनिक प्रतिस्पर्धाओं से स्वतन्त्र रखने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान में बढ़ते अन्तर्राष्ट्रीय तनावों के कारण नौसैनिक गतिविधियों का काफी विस्तार हुआ है। पाकिस्तान को मोहरा बनाकर कई बड़े देश विशेषकर अमेरिका, चीन व रूस हिन्द महासागर में अपना प्रभुत्त्व बढ़ाने में लगे हुए है। इन बाहरी एवं दूरस्थ देशों का हिन्द महासागर में अनावश्यक रूप से बढ़ता प्रभुत्व हमारे देश के लिए संकटपूर्ण व चुनौतीपूर्ण हो सकता हैं तथा इस क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर सकता है, ताकि हमारे देश की प्रगति बाधित हो सके। हमारे देश को इस प्रकार की बदनीयत के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

प्रश्न 18.
“महासागर पृथ्वी के अस्तित्व के लिए महत्त्वपूर्ण कड़ी हैं।” इस कथन का परीक्षण कीजिए।
उत्तर:
धरातल पर अगाध जलराशि वाले विस्तृत लगभग खुले जलीय भाग को महासागर कहते हैं। महासागर पृथ्वी के अस्तित्त्व के लिए कड़ी के रूप में-महसागर पृथ्वी के लिए महत्त्वपूर्ण कड़ी साबित होते हैं। इनके स्वरूप को निम्न बिन्दुओं के द्वारा स्पष्ट किया गया है-

  1. पृथ्वी पर वर्तमान में तीव्र गति से जनसंख्या में वृद्धि हुई है तथा मानव के सामने खाद्यान्न की समस्या निरन्तर बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में महासागरों में मिलने वाले मत्स्य संसाधन पृथ्वी पर निवास करने वाले मानव समुदाय के लिए वरदान सिद्ध हो रहे है।
  2. महासागरों में मिलने वाली विशाल जलराशि के परिणामस्वरूप ही सूर्यातप के प्रभाव से वाष्पीकरण की प्रक्रिया सम्पन्न हो पाती है। इसी प्रक्रिया के कारण वर्षण जैसी स्थिति सम्पन्न होती है।
  3. जल की उपलब्धता पृथ्वी को एक आकर्षक ग्रह बनाती है।
  4. जल की उपलब्धता महासागरों में होने के कारण महासागरों की स्थिति से ही जैवमण्डल रूपी वातावरण उत्पन्न हो पाया है।
  5. महासागर पृथ्वी तल पर जल स्तर को बनाये रखने में सहायक सिद्ध होते हैं।
  6. महासागरीय जल की विशाल स्थिति पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित रखती है। यदि महासागर नहीं होते तो पृथ्वी पर तापमान अत्यधिक हो जाता जिससे जीवन सम्भव नहीं हो पाता।
  7. महासागरीय स्थिति के कारण ही ताप व वायुदाब की भिन्नता वाली स्थिति उत्पन्न होती है। यदि ऐसा नहीं होता तो पवनों की स्थिति सदैव एक सी होती।
  8. महासागरों में ही सबसे पहले ऑक्सीजन की उत्पत्ति हुई थी जिसके कारण जीवों की उत्पत्ति का आधार महासागरों ने ही प्रदान किया।
  9. महासागरों से विभिन्न प्रकार के खनिजों की प्राप्ति होती है जो पृथ्वी पर निवास करने वाले मानव समुदाय की आर्थिक सुदृढ़ता का आधार होते हैं।
  10. महासागरों ने प्राचीनकाल से वर्तमान काल तक नवीन क्षेत्रों की खोज एवं यातायात तथा परिवहन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई वस्तार है?
    उपर्युक्त सभी तथ्यों से स्पष्ट हो जाता है कि महासागर पृथ्वी पर मिलने वाले जैविक समुदाय का आधार हैं। यदि महासागर नहीं होते तो पृथ्वी एक वीरान ग्रह होता।

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
पृथ्वी के,धरातल के कुल क्षेत्रफल के कितने भाग पर जल का विस्तार है?
(अ) 19 प्रतिशत
(ब) 52 प्रतिशत
(स) 71 प्रतिशत
(द) 86 प्रतिशत
उत्तर:
(स) 71 प्रतिशत

प्रश्न 2.
विश्व का सर्वाधिक गहरा महासागर कौन-सा है?
(अ) प्रशान्त
(ब) अटलांटिक
(स) हिन्द
(द) आर्कटिक
उत्तर:
(अ) प्रशान्त

प्रश्न 3.
सर्वाधिक मैगनीज किस महासागर में मिलता है?
(अ) आर्कटिक
(ब) अटलांटिक
(स) प्रशान्त
(द) हिन्द
उत्तर:
(स) प्रशान्त

प्रश्न 4.
सामुद्रिक लवणों में सर्वाधिक मात्रा में कौन-सा लवण मिलता है?
(अ) कैल्शियम
(ब) मैग्नेशियम
(स) सल्फेट
(द) सोडियम क्लोराइड
उत्तर:
(द) सोडियम क्लोराइड

प्रश्न 5.
महासागर पृथ्वी द्वारा प्राप्त ताप का कितना भाग अवशोषित करते हैं?
(अ) एक-चौथाई
(ब) आधा
(स) तीन-चौथाई
(द) एक-तिहाई
उत्तर:
(स) तीन-चौथाई

प्रश्न 6.
सबसे प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग कौन-सा है?
(अ) उत्तरी-अटलांटिक
(ब) प्रशान्त
(स) उत्तमाशा मार्ग
(द) राइन जलमार्ग
उत्तर:
(अ) उत्तरी-अटलांटिक

प्रश्न 7.
स्वेज जलमार्ग जोड़ता है?
(अ) पनाया से कोलोन को
(ब) लंदन से टोकियो को
(स) रूस से अमेरिकाको
(द) भारत से आस्ट्रेलिया को
उत्तर:
(ब) लंदन से टोकियो को

सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्न में स्तम्भ अ को स्तम्भ ब से सुमेलित कीजिए

स्तम्भ – अ
(बादलों के प्रकार)
स्तम्भ – ब
(ऊँचाई)
(i) मैगनीज(अ) खाद्य संसाधन
(ii) मत्स्य(ब) ऊर्जा संसाधन
(iii) ज्वारीय ऊर्जा(स) यातायात का एक सागरीय मार्ग।
(iv) स्वेज नहर(द) खनिज संसाधन

उत्तर:
(i) द, (ii) अ, (ii) ब, (iv) स।

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
पृथ्वी के धरातल पर कितने भाग पर पानी व कितने पर स्थल मिलता है?
उत्तर:
पृथ्वी के धरातल के कुल क्षेत्रफल के लगभग 71 प्रतिशल भाग पर जल के रूप में महासागर एवं 29 प्रतिशत भाग पर स्थल का विस्तार मिलता है।

प्रश्न 2.
विश्व में कौन-कौन से महासागर हैं?
उत्तर:
विश्व में तीन मुख्य महासागर – प्रशान्त महासागर, अटलांटिक महासागर व हिन्द महासागर हैं जबकि गौण महासागर के रूप में आर्कटिक महासागर मिलता है।

प्रश्न 3.
आर्कटिक महासागर को समुद्र की संज्ञा क्यों दी गई है?
उत्तर:
आर्कटिक महासागर की गहराई तथा क्षेत्रफल अन्य महासागरों की अपेक्षा बहुत कम है। इसी कारण महासागर को प्रायः समुद्र कहा जाता है।

प्रश्न 4.
महासागरों को भविष्य का भंडार घर क्यों कहा गया है?
उत्तर:
स्थल से प्राप्त संसाधन समाप्त प्राय: है। ऐसी स्थिति में महासागरों के अन्दर मिलने वाले जीव-जन्तु, वनस्पति व सागरीय संसाधन अपनी सागरीय स्थिति के कारण महासागरों को भविष्य का भंडार-घर कहा गया है?

प्रश्न 5.
प्राकृतिक संसाधनों के अभाव का संकट उत्पन्न होना क्यों निश्चित है?
उत्तर:
विश्व में निरन्तर जनसंख्या की तीव्र वृद्धि के कारण तथा संसाधनों के निरन्तर विदोहन के कारण इनके अभाव का संकट उत्पन्न होना निश्चित है।

प्रश्न 6.
एक घन किलोमीटर समुद्री जल में कितने रासायनिक तत्त्व मिलते हैं?
उत्तर:
एक घन किलोमीटर समुद्री जल में 50 टन चाँदी, 25 टन सोना, 11 से 35 टन ताँबा मैगनीज, जिंक तथा सीसा, 8 टन यूरेनियम, 42 टन पौटेशियम सल्फेट, 185 टन मैग्नीशियम क्लोराइड मिलते हैं।

प्रश्न 7.
फास्फोराइट किसे कहते हैं?
उत्तर:
खनिज से युक्त असंगठित तलछटी निक्षेप को फास्फोराइट कहते हैं।

प्रश्न 8.
नमक (खाने का) किस प्रकार बनाया जाता है।
उत्तर:
सागरों के अन्दर मिलने वाले लवणों में 78 प्रतिशत सोडियम क्लोराइड मिलता है। इसे वाष्पीकृत करके खाने का नमक बनाया जाता है।

प्रश्न 9.
सागरों से कौन-कौन से खाद्य संसाधन प्राप्त होते हैं?
उत्तर:
सागरों से मत्स्य संसाधन के अलावा शैवाल, पादप, प्लवक, मोलस्क तथा अनेक समुद्री जीव मिलते हैं।

प्रश्न 10.
प्रवाल भंडार का अस्तित्त्व खतरे में क्यों है?
उत्तर:
विश्व के अन्दर निरन्तर बढ़ते हुए प्रदूषण के कारण प्रवालों का अस्तित्त्व खतरे में है।

प्रश्न 11.
सूर्यातप किसे कहते हैं?
उत्तर:
सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊष्मा या ऊर्जा को ही सूर्यातप कहते हैं।

प्रश्न 12.
भारत में ज्वार-भाटा से ऊर्जा कहाँ-कहाँ उत्पन्न की जा सकती है?
उत्तर:
भारत में ज्वार-भाटा से ऊर्जा खम्भात की खाड़ी, कच्छ की खाड़ी से विद्युत उत्पन्न की जा सकती है।

प्रश्न 13.
सागर परिवहन के सरलतम मार्ग क्यों होते हैं?
उत्तर:
सागरीय जल की सतह समतल होती है, अत: इस पर प्रवर्तक बल कम खर्च करना पड़ता है। इसी कारण कम खर्च की स्थिति से ये सरलतम मार्ग होते हैं।

प्रश्न 14.
सबसे प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग कौन-सा है?
उत्तर:
विश्व का सबसे प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग उत्तरी अटलांटिक जलमार्ग है। विश्व के कुल सामुद्रिक व्यापार का एक चौथाई व्यापार केवल इसी जलमार्ग से होता है।

प्रश्न 15.
उत्तरी अटलांटिक जलमार्ग का महत्त्व अधिक क्यों है?
उत्तर:
इस सामुद्रिक जलमार्ग का महत्त्व इसलिए अधिक है क्योंकि इस महासागर के दोनों किनारों पर विश्व के दो उद्योग प्रधान क्षेत्र स्थित हैं। यह अमेरिका व यूरोप के विकसित क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है।

प्रश्न 16.
महासागरों का सामरिक महत्त्व क्यों है?
उत्तर:
विभिन्न देश महासागरों में खजिनों के दोहन हेतु अपना प्रभुत्व जमाने, बढ़ती आर्थिक गतिविधियों एवं प्रतिस्पर्धा के कारण नौसेना के महत्त्व में वृद्धि हुई है। जिससे महासागरों का सामरिक महत्त्व बढ़ गया है।

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 लघुत्तरात्मक प्रश्न Type I

प्रश्न 1.
सागरीय जल में मिलने वाले नमक खनिज को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
समुद्रों से प्राप्त होने वाला नमक एक महत्त्वपूर्ण खनिज है। महासागरीय जल खारा होता है। इसमें घुले लवणों की मात्रा 3.5 प्रतिशत होती है। कुल लवणों का 78 प्रतिशत सोडियम क्लोराइड (खाने योग्य नमक) होता है जिसे वाष्पीकरण करके खाने का नमक बनाया जाता है। विश्व में प्रतिवर्ष 200 मिलियन डॉलर मूल्य का नमक बनाया जाता है।

प्रश्न 2.
महासागर व पेयजल संसाधन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
महासागरों का जल पीने योग्य नहीं होता, किन्तु भविष्य में इसका उपयोग पीने व घरेलू कार्यों के अतिरिक्त उद्योगों आदि में भी किया जा सकता है। इस खारे जल को पीने योग्य बनाया जाना आवश्यक होगा। इसके लिए विश्व में लगभग 500 संयंत्र लगाये जा चुके हैं। खाड़ी देशों में इस प्रकार के संयंत्र बड़ी संख्या में लगाये गये हैं।

प्रश्न 3.
हिन्द महासागर सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण क्यों हो गया है?
उत्तर:
वर्तमान में बढ़ते अन्तर्राष्ट्रीय तनावों के कारण नौसैनिक गतिविधियों का काफी विस्तार हुआ है। पाकिस्तान को मोहरा बनाकर कई बड़े देश विशेषकर अमेरिका, चीन व रूस हिन्द महासागर में अपना प्रभुत्व बढ़ाने में लगे हुए हैं। इन बाहरी एव दूरस्थ देशों का हिन्द महासागर में अनावश्यक रूप से बढ़ता प्रभुत्त्व हिन्द महासागर को सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बनाता है।

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 लघूत्तात्मक प्रश्न Type II

प्रश्न 1.
महासागरों में मिलने वाले खनिज तेल, फास्फेट व मैगनीज तथा समुद्री जल के रासायनिक पदार्थों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
महासागरीय भागों में मिलने वाले इन सभी पदार्थों का विवरण निम्नानुसार है-

  1. खनिज तेल – यह महासागरों से प्राप्त होने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण संसाधन है। विश्व के 40 प्रतिशत खनिज तेल भंडार समुद्री नितल में हैं। विश्व के अनेक देश समुद्रों से तेल प्राप्त कर रहे हैं। भारत में भी समुद्र तट से 150 किमी दूर बोम्बे हाई पर 2000 मीटर की गहराई पर खनिज तेल निकाला जा रहा है।
  2. फास्फेट – खनिज से युक्त असंगठित तलछटी निक्षेप को फास्फेट कहते हैं। महासागरों में यह सामान्यतः गाँठों के रूप में मिलता है।
  3. मैगनीज – इसकी गाँठों से उतना ही निकिल तथा ताँबा प्राप्त होता है जितना की स्थलीय संसाधनों से प्राप्त हो सकता है। यह प्रशान्त महासागर में सबसे अधिक मिलता है। सामान्यतः एक घन किलोमीटर जल में 50 टन चाँदी, 25 टन सोना, 11 से 35 टन ताँबा मैगनीज, जिंक, तथा सीसा, 8 टन यूरेनियम, 42 टन पौटेशियम सल्फेट, 185 लाख टन मैगनीशियम क्लोराइड व अन्य रासायनिक तत्त्व मिलते हैं।

प्रश्न 2.
महासागरों का व्यापार में क्या योगदान होता है?
उत्तर:
महासागरों के व्यापार में योगदान को निम्न बिन्दुओं के रूप में स्पष्ट किया गया है-

  1. महासागर सबसे सरल और सस्ते संसाधन की सुविधा प्रदान करते हैं।
  2. महासागर प्रकृति प्रदत्त हाई-वे होते हैं।
  3. जल की सतह समतल होती है, अत: इस पर प्रवर्तक बल कम खर्च करना पड़ता है।
  4. महासागर ऐसे आवागमन के मार्ग प्रस्तुत करते हैं, जिनका स्वतंत्रतापूर्वक उपयोग किया जा सकता है।
  5. महासागरों में अनेक अन्तर्राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित हुए हैं।
  6. महासागर विश्व के विभिन्न देशों को आपस में जोड़ते हैं।
  7. महासागर विश्व के उद्योग प्रधान राष्ट्रों को आपस में जोड़ते हैं।
  8. महासागरों में मिलने वाले संसाधनों का विभिन्न देशों में आदान-प्रदान होता है।

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 20 निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
महासागरों में मिलने वाले खनिजों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
महासागरों में मिलने वाले प्रमुख खनिज निम्नलिखित हैं-

खनिज तेल – यह महासागरों से प्राप्त होने वाला सबसे महत्त्वपूर्ण संसाधन है। विश्व के 40 प्रतिशत खनिज तेल भण्डार समुद्री नितल में हैं। विश्व के अनेक देश समुद्रों से तेल प्राप्त कर रहे हैं। भारत में भी समुद्र तट से 150 किमी दूर बोम्बे हाई पर 2000 मीटर की गहराई से तेल निकाला जा रहा है।

फास्फेट – खनिज से युक्त असंगठित तलछटी निक्षेप को फास्फेट कहते हैं। महीसागरों में यह सामान्यतः गाँठों के रूप में मिलता है।

मैंगनीज – इसकी गाँठों से उतना ही निकिल तथा ताँबा प्राप्त होता है जितना ही स्थलीय संसाधनों से प्राप्त हो सकता है। यह प्रशान्त महासागर में सबसे अधिक पाया जाता है।

नमक – समुद्रों से प्राप्त होने वाला एक महत्त्वूपर्ण खनिज है। महासागरीय जल खारा होता है। इसमें घुले लवणों की मात्रा 3.5 प्रतिशत होती है। कुल लवणों का 78 प्रतिशत सोडियम क्लोराइड (खाने योग्य नमक) होता है। जिसे वाष्पीकृत करके खाने का नमक बनाया जाता है। विश्व में प्रतिवर्ष 200 मिलियन डॉलर मूल्य का नमक बनाया जाता है।

अन्य खनिज – अन्य खनिज संसाधनों में रेत, बजरी, सोना, प्लेटिनम, टिन, मैग्नेटाइट, लोहा, टंग्स्टन, थोरियम महत्त्वपूर्ण हैं।

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