RBSE Class 10 Hindi व्याकरण कारक

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Rajasthan Board RBSE Class 10 Hindi व्याकरण कारक

वाक्य में, संज्ञा या सर्वनाम का जो स्वरूप क्रिया तथा अन्य शब्दों के साथ उनका संबंध स्थापित करता है, उसे कारक कहते हैं। जैसे-संगीता गाती है।
इस वाक्य में ‘गाती’ क्रिया की कर्ता (करने वाली) होने से संगीता कारक है।

कारक के भेद-हिन्दी में कारकों की संख्या आठ मानी जाती है

  1. कर्ता-इससे क्रिया करने वाले का बोध होता है।
  2. कर्म-इससे क्रिया का फल भोगने वाले का बोध होता है।
  3. करण-इससे क्रिया के होने में सहायक साधन का बोध होता है।
  4. संप्रदान-इससे क्रिया के उद्देश्य या प्रयोजन का बोध होता है।
  5. अपादान-इससे क्रिया के स्थान परिवर्तन का बोध होता है।
  6. संबंध-इससे संज्ञाओं और सर्वनामों के परस्पर संबंधों का बोध होता है।
  7. अर्थिंकरण-इससे क्रिया के स्थान या समय का बोध होता है।
  8. संबोधन-इससे किसी संज्ञा को पुकारने का बोध होता है।

कारकों के सूचक चिह्न या परसर्ग
कर्ता कारक – ने।
कर्म कारक – को
करण कारक – से, के द्वारा
संप्रदान कारक – के लिए
अपादान कारक – से (अलग होने का सूचक)
संबंध कारक – का, की, के, रा, री, रे, ना, नी, ने।
अधिकरण कारक – में, पर
संबोधन कारक – हे, ओ, अरे।
उपर्युक्त कारक चिह्नों को ‘विभक्ति चिह्न’ भी कहा जाता है।

कारक कक्षा 10 कर्ता कारक
‘ने’ चिह्न का प्रयोग

कर्ता के साथ ‘ने’ उपसर्ग लगना क्रिया के प्रयोग पर निर्भर होता है। यदि क्रिया सकर्मक हो और उसका भूतकाल में प्रयोग हो ‘ने’ उपसर्ग अवश्य लगता है। जैसे

  1. वैभव ने गीत गाया। (सामान्य भूतकाल)
  2. वैभव ने गीत गाया है। (आसन्न भूतकाल)
  3. वैभव ने पुस्तक पढ़ी थी। (पूर्ण भूतकाल)
  4. वैभव ने पुस्तक पढ़ी होगी। (संदिग्ध भूतकाल)
  5. वैभव ने गीत गया होता तो बड़ा आनंद आया होता । (हेतुहेतुमद् भूतकाल)

इस प्रकार ‘ने’ का प्रयोग दो स्थितियों में ही होता है, क्रिया को सकर्मक होना तथा क्रिया का भूतकाल में होना।

विशेष – (1) यदि क्रिया अकर्मक है तो भूतकाल में होने पर भी ‘ने’ नहीं लगता। जैसे
(क) वह गया।
(ख) वह खाता रहा।
(ग) वह जा चुका है।
(घ) वह रोएगा।

(2) क्रिया सकर्मक हो तो भी ‘ने’ का प्रयोग नहीं होगा, यदि क्रिया अपूर्ण भूत, वर्तमान काल तथा भविष्यत् काल भी हो। जैसे
(क) वह पत्र लिख रहा था।
(ख) वह पत्र लिखता है।
(ग) वह पत्र लिखेगा।

(3) सकर्मक संयुक्त क्रिया के साथ (अपूर्ण भूत को छोड़कर) सभी प्रकार के भूतकाल कर्ता के साथ ‘ने’ लगता है। संयुक्त क्रिया का अंतिम खण्ड यदि सकर्मक होगा तो पूरी क्रिया सकर्मक मानी जाएगी। यदि अकर्मक हो तो संयुक्त क्रिया अकर्मक मानी जाएगी। जैसे
(क) उसने रो दिया।
(ख) उसने पत्र भेज दिया।
(ग) अनंत ने मुझे जाने दिया।
(घ) हमने उसे खेलने दिया।

(4) प्रेरणार्थक क्रियाओं के साथ कर्ता के साथ सदा ‘ने’ का प्रयोग होता है। जैसे
(क) मित्रों ने मुझे बहुत हँसाया।
(ख) एक चोर ने लोगों को तीन किलोमीटर दौड़ाया।

(5) अकर्मक क्रिया का सकर्मक की तरह प्रयोग किए जाने पर ‘ने’ का प्रयोग होता है। जैसे
(क) मैंने सोच-समझकर चाल चली।
(ख) राणा साँगा ने अनेक लड़ाइयाँ लड़ीं।

(6) वाक्य में कर्म उपस्थित न रहने पर भी सकर्मक क्रिया के साथ कर्ता के साथ ‘ने’ का प्रयोग होता है। जैसे
(क) उसने खाया।
(ख) लड़कों ने देखा।

Karak Class 10 कर्म कारक
‘को’ का प्रयोग

1. कर्म कारक में ‘को’ का प्रयोग प्रायः सजीव कर्म के साथ होता है। जैसे
(क) हमने वहाँ हरिणों को देखा।
(ख) प्रभात ने लड़के को पीटा।
(ग) मालिक ने नौकर को भेजा।
(घ) दुकानदार ने चोर को पकड़ा।

विशेष – कहना’ और ‘पूछना’ क्रिया के साथ कर्म में ‘को’ के स्थान पर ‘से’ प्रयोग होता है। जैसे
(क) अध्यापक ने लड़के से प्रश्न पूछा।
(ख) मैंने आनंद से कहा।

2. सकर्मक क्रिया के निर्जीव कर्म के साथ प्रायः ‘को’ का प्रयोग नहीं होता। जैसे
(क) वह खाना खा रहा है।
(ख) लड़कियाँ गाना गा रही हैं।
(ग) मैंने उसका मकान देखा।
(घ) एक लाठी लाओ।

विशेष – क्रिया पर बल देते समय निर्जीव कर्म के साथ भी ‘को’ का प्रयोग किया जाता है। जैसे
(क) मिस्त्री ने मशीन को ध्यान से देखा।
(ख) वह पेड़ को कसकर पकड़े रहा।

3. कुछ सकर्मक क्रियाओं के दो कर्म होते हैं, एक मुख्य कर्म और दूसरा गौण कर्म। ‘को’ का प्रयोग गौण कर्म के साथ होता है, मुख्य कर्म के साथ नहीं होता। जैसे
(क) पिता ने पुत्र को पचास रुपये दिए।
(ख) मैंने मित्र को मिठाई खिलाई।

4. समय और दिशा का बोध कराने के लिए संज्ञा के साथ ‘को’ का प्रयोग होता है परन्तु ‘स्थान’ का बोध कराते हुए ‘को’ नहीं लगाया जाता। जैसे
(क) वह रात को घर चला गया।
(ख) छात्र रविवार को आगरा जाएँगे।
(ग) प्रमोद दस तारीख को मुम्बई जाएगा।
(घ) शाम को गाएँ घर लौट आती हैं।

5. मानसिक आवेग (क्रोध, भूख, प्यास, शर्म, गर्मी, सर्दी) प्रकट करने के लिए संज्ञा के साथ जब ‘को’ का प्रयोग होता है तो वह कर्म न होकर कर्ता का कार्य करती है। बाद में आने वाली संज्ञा कर्म कारक में होती है। जैसे
(क) उसको बहुत क्रोध आया।
(ख) गोपियों को बड़ा दुख हुआ।
(ग) राम को सर्दी लग रही है।
(घ) मुझे (मुझको) प्यास लगी है।

(6) ‘को’ परसर्ग का प्रयोग कर्ता के रूप में भी होता है। जहाँ किसी काम की बाध्यता या आवश्यकता जताई जाती है वहाँ संज्ञा/सर्वनाम के साथ ‘को’ लगाया जाता है। जैसे
(क) तुमको कल आगरा जाना है।
(ख) गिरीश को अपने आचरण के लिए माफी माँगनी पड़ेगी।
(ग) अब तो उस को घर लौट जाना चाहिए।
विशेष – उपर्युक्त वाक्यों में ‘को’ से पहले आए संज्ञा तथा सर्वनाम कर्म कारक ही होते हैं।

(7) कभी-कभी ‘को’ का प्रयोग के लिए’ के रूप में होता है। जैसे
(क) भगवान ने काम करने को दो हाथ दिए हैं।
(ख) जीने को-कुछ सहारा तो चाहिए।
(ग) “मुट्ठी भर दाने को ……….. भूख मिटाने को’- (निराला) ।

Karak In Hindi Class 10 करण कारक
‘से’ का प्रयोग

(1) ‘से’ परसर्ग का प्रयोग के द्वारा’ अथवा ‘साधन’ के अर्थ में होता है। ये साधन सजीव या निर्जीव दोनों प्रकार के हो सकते हैं। जैसे
(क) हम हाथों से काम करते हैं।
(ख) सुधा पेन्सिल से चित्र बनाती है।
(ग) वे कार से मुम्बई जाएँगे।
(घ) मधुकर दर्जी से सूट सिलवाएगा।

(2) हाथ, पैर, आँख, भूख तथा जाड़ा आदि जब एकवचन में होते हैं तो ‘से’ साधन के अर्थ में प्रयुक्त होता है, परन्तु बहुवचन होने पर ‘से’ का लोप भी हो जाता है। जैसे
(क) पैर से चलो, हाथ से काम करो।
(ख) आँखों देखी पर विश्वास करना चाहिए।
(ग) प्रदेश में सैकड़ों लोग भूखों मर गए।
(घ) लोगों ने जाड़ों मरते लोगों को कंबल बाँटे।

(3) कुछ कथनों में से’ के स्थान पर के द्वारा’ का प्रयोग उपयुक्त नहीं लगता। जैसे
(क) वे कल गाड़ी के द्वारा आ रहे हैं।
(ख) छात्र कलमों के द्वारा लिख रहे हैं।

(4) अशक्ति या लाचारी व्यक्त करने के लिए कर्ता के साथ ‘से’ का प्रयोग होता है, पर शक्ति या सामर्थ्य प्रकट
करने के लिए ‘से’ का प्रयोग नहीं किया जाता। जैसे
(क) रोगी से चला नहीं जाता। (ख) मुझ से यह सब नहीं देखा जाता।
(क) रोगी चला जाता है। (ख) मुझसे यह सब देखा जाता है।

(5) कहना, पूछना, डरना, माँगना क्रियाओं के साथ कर्म में ‘से’ लगाया जाता है। जैसे
(क) मैंने मनोज से पूछा कि वह कहाँ जा रहा था?
(ख) अंशुल से पूछो टार्च कहाँ रखी है?
(ग) मुझे साँप से बहुत डर लगता है।
(घ) जरा प्राची से कलम माँग लो।

(6) दिशा का बोध कराने के लिए भी ‘से’ का प्रयोग होता है। जैसे
(क) लंदन भारत से दक्षिण में है।
(ख) यह हवा पूरब से आ रही है।

(7) ‘से’ चिह्न ‘कारण’ का भी बोध कराता है। जैसे
(क) किसान ठण्ड से मर गया।
(ख) लड़की भय से बेहोश हो गई।
उपर्युक्त सभी नियमों और उदाहरणों से यही स्पष्ट होता है कि जहाँ ‘से’ ‘के द्वारा’ या ‘साधन’ के अर्थ में प्रयुक्त होता है, वहीं ‘करण कारक’ मान्य होता है।

RBSE Solutions For Class 10 Hindi सम्प्रदान कारक
‘के लिए’ का प्रयोग

(1) सम्प्रदान कारक में ‘के लिए’ का प्रयोग ‘उद्देश्य’ या ‘प्रयोजन’ के अर्थ में होता है। जैसे
(क) पिताजी ने मेरे लिए साइकिल खरीदी।
(ख) मैंने संगीता के लिए सितार खरीदा।
(ग) वह व्यापार के लिए विदेश गया।
(घ) माँ छोटू के लिए खाना बना रही है।

(2) ‘के लिए’ का प्रयोग क्रिया अर्थ वाली संज्ञाओं के साथ भी होता है। जैसे
(क) उषा ने कपड़े सिलने के लिए मशीन खरीदी।
(ख) वे घूमने के लिए विदेश गए थे।
(ग) भैंसें पालने के लिए वह बाड़ा बनवा रहा है।

(3) अनेक बार क्रियार्थक संज्ञाओं के साथ ‘के लिए’ छिपा रहता है। जैसे
(क) कल कौशल के माँ बाप लड़की देखने जाएँगे।
(ख) रुपए जमा करने बैंक जाना है।
(ग) दावत खाने नहीं चलना है क्या?
(घ) सुनंदा तो कपड़े खरीदने गई है।

(4) के लिए’ के स्थान पर ‘को’ का भी प्रयोग किया जाता है। जैसे
(क) घर में बैठने को भी जगह नहीं है।
(ख) पैसा व्यर्थ फेंकने को नहीं है।
(ग) घर में नहीं खाने को बेटा चला लुटाने को।

उपर्युक्त उदाहरणों में ‘को’ का प्रयोग के लिए के अर्थ में हुआ है। अतः ये सभी सम्प्रदान कारक में हैं।

Hindi 10th Class RBSE अपादान कारक
‘से’ का प्रयोग
‘से’ परसर्ग का प्रयोग अपादान कारक में भी होता है। तब इससे स्थान परिवर्तन या अलगाव का भाव प्रकट होता है। जैसे
(क) वृक्ष से पत्ते गिर रहे हैं।
(ख) नौका घाट से उस पार जा रही है।
(ग) अपराधी जेल से भाग गया।
(घ) होली पर ब्रज में देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं।

(1) कुछ शब्दों के साथ से’ (अलगाव) का प्रयोग इस प्रकार होता है-से पहले, से बाहर, से अलग, से दूर, से आगे से………….तक आदि। जैसे

(क) वह दशहरे से पहले घर आया था।
(ख) चोर इस द्वार से बाहर निकल गया।
(ग) मेले में वह मुझसे अलग हो गया।
(घ) वह दो साल पहले गाँव से दूर चला गया।
(ङ) शहर यहाँ से दो किलोमीटर आगे है।
(च) यह सड़क आगरा से मथुरा तक जाती है।

(2) ‘से’ (अलगाव) के कुछ अन्य प्रयोग इस प्रकार भी प्रचलित हैं
(क) इन लड़कों में से रविशंकर को अलग कर दो।
(ख) फलों में से चार लाकर दो।
(ग) निम्नलिखित प्रश्नों में से पाँच के उत्तर लिखो।।

10th Class Hindi Passbook सम्बन्ध कारक
के, रे, ने तथा का, की, के,

(1) उपर्युक्त परसर्ग सम्बन्ध सूचक विभक्तियाँ हैं। इनके प्रयोग निम्न प्रकार से होते हैं

‘के’
(क) उसके एक भाई है।
(ख) रेशमा के दो भतीजे हैं।
(ग) सब के दो हाथ होते हैं।
(घ) रमा के एक पुत्री है।
(च) क्या लड़कियों के दिल नहीं होता?
(ङ) चौपायों के चार पैर होते हैं।

‘रे’
(क) मेरे दो बहिनें हैं।
(ख) तेरे कितने मित्र हैं।
(ग) हमारे कोई घर नहीं है।

‘ने’
(क) अपने कोई मित्र नहीं है।
(ख) अपने भी राम हैं।

(2) उपर्युक्त वाक्यों में ‘के’ का अर्थ के पास होता है। इन वाक्यों का प्रयोग सम्बन्ध, अधिकार, गुण अथवा स्वभाव व्यक्त करने के लिए होता है। इन वाक्यों में ‘के’ का प्रयोग संज्ञा के साथ तथा ‘ने’ और ‘रे’ का प्रयोग सर्वनाम के साथ होता है।

(3) ऐसे वाक्यों में ‘के’ के स्थान पर ‘को’ का प्रयोग करना सही नहीं है। जैसे
(क) जगदम्बा को दो बेटे हैं।
(ख) प्रभा को दो हाथ हैं।
(ग) हाथी को दो दाँत होते हैं।
उपर्युक्त सभी वाक्यों में ‘को’ के स्थान पर ‘के’ का ही प्रयोग होना चाहिए।

(4) जन्म का बोध कराने के लिए भी ‘के’, ‘रे’, ‘ने का प्रयोग होता है। जैसे
(क) उमा के एक लड़की हुई है।
(ख) विनोद के एक भाई आया है।

RBSE Class 10 Hindi Course-A ‘का’, ‘की’, ‘के’

(1) संज्ञा या सर्वनाम के बाद ‘का’, ‘की’ और फिर संज्ञा या विशेषण आता है तो ‘होना’ क्रिया का प्रयोग होता है। जैसे
(क) कावेरी की लड़की वहाँ है।
(ख) विश्वनाथ का भाई नेता है।
(ग) प्रताप का मित्र लम्बा है।
(घ) मोहन की बहिन खेल रही है।

(2) ‘का’, ‘के’, ‘रा’, ‘रे’ और ‘ना’, ‘ने’ प्रत्ययों से भिन्न-भिन्न प्रकार के सम्बन्ध के भाव प्रकट होते हैं। और इनका प्रयोग विशेषण की तरह संज्ञा का गुण बताने के लिए होता है। इन परसर्गों का प्रयोग तब किया जाता है जब इनके बाद आने वाली संज्ञा के विषय में कुछ कहना होता है। जैसे

(1) सम्बन्ध का भाव
(क) इस कक्षा के छात्र कुशाग्र-बुद्धि हैं।
(ख) करुणा की पुत्री नृत्य करती है।
(ग) भारत के नागरिक बहुत उदार हृदय हैं।
(घ) दोनों टीमों के खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं।

(2) अधिकार का भाव
(क) तुम्हारी पुस्तक बिल्कुल नई है।
(ख) उसका घर दो मंजिला है।
(ग) बाग का रक्षक बहुत सतर्क है।
(घ) बलराम की गाड़ी बाहर खड़ी है।

(3) निर्माण के द्रव्य या पदार्थ का बोध कराने को
(क) यह प्लास्टिक का संदूक है।
(ख) मेरी जंजीर चाँदी की है।
(ग) काँच की मूर्ति बड़ी सुन्दर है।

(4) वस्तु के उद्देश्य या प्रयोजन का भाव व्यक्त करने को
(क) नहाने का पानी किस बर्तन में है।
(ख) बुखार की दवा कहाँ रखी है।
(ग) सोने की अँगूठी तो बड़ी जम रही है।

(5) मूल्य बोध कराने को
(क) मुझे दो हजार रुपयों का सामान खरीदना है।
(ख) पाँच रुपये का बेसन दे दो।

(6) समय और स्थान का बोध कराने को
(क) दिन का खाना ताजा होना चाहिए।
(ख) राज्य की सारी सड़कें टूटी-फूटी हैं।

(7) ‘से बना हुआ’ या ‘से प्राप्त’ के अर्थ में
(क) मानव-शरीर पंचतत्वों का मेल है।
(ख) चोरी का माल ऐसे ही जाएगा।

(8) ‘कारण’ या ‘साधन’ का बोध कराने को
(क) दुर्भाग्य का मारा वहाँ जा. पहुँचा।।
(ख) कोल्हू का पेरा हुआ तेल शुद्ध होता है।

(9) ‘के’, ‘की’ का प्रयोग इस प्रकार भी होता है
(क) के कारण
(ख) के योग्य
(ग) के बराबर
(घ) की ओर
(ङ) की तरह आदि। जैसे

(क) जाम के कारण मुझे देर हो गई।
(ख) वर तो बिल्कुले कन्या के योग्य है।
(ग) राम के बराबर उदार और कौन है?
(घ) जंगल की ओर से डरावनी आवाजें आती हैं।
(ङ) मैं तेरी तरह बेशर्म नहीं बन सकता।

Class 10 Hindi Book RBSE अधिकरण कारक
‘में’ का प्रयोग

‘में’ परसर्ग का प्रयोग अधिकरण कारक में होता है। ‘में’ से स्थान (भीतर) का भाव व्यक्त होता है। जैसे

(क) घर में चार आदमी हैं।
(ख) सड़क में बहुत गड्ढे हैं।
(ग) बाजार में मिठाइयाँ नहीं बिक रही हैं।
(घ) शरीर में अनेक अंग हैं।
(ङ) भारत गाँवों में बसता है।

विशेष – (1) ‘में’ का निम्नलिखित रूप में प्रयोग अच्छा नहीं लगता

(क) उद्यान में के वृक्ष और पौधे सूख रहे हैं।
(ख) घर में का भोजन शुद्ध होता है।
(ग) ताँबे के पात्र में का जल लाभदायक है।
(घ) पर्वतीय प्रदेशों में के वासी दीर्घायु होते हैं।

उपर्युक्त उदाहरणों में परसर्ग ‘में’ का प्रयोग अनावश्यक है। इनका उपयुक्त रूप क्रमशः ‘उद्यान के वृक्ष’, घर का भोजन, ‘पात्र का जल’, ‘प्रदेशों के वासी’ होना चाहिए। ‘में’ परसर्ग इनमें अप्रत्यक्ष रूप से उपस्थित है। और ये सभी अधिकरण कारक में ही आते हैं।

(2) ‘में परसर्ग से कभी-कभी केवल सीमा या स्थान का ही बोध होता है, भीतर होने का नहीं। जैसे
(क) वह मैदान में है।
(ख) वह बाजार में है।
(ग) लड़के स्कूल में हैं।
(घ) चिड़ियाँ आकाश में हैं।

(3) में परसर्ग का प्रयोग भाववाचक संज्ञाओं के साथ भी होता है। जैसे
(क) मेरा मित्र संकट में है।
(ख) अरे भाई! किस विचार में डूबे हुए हो?
(ग) राधा कृष्ण के प्रेम में मग्न थी।
(घ) उसको लड़का चोरी में पकड़ा गया।

(4) ‘में’ से समय का बोध भी कराया जाता है। जैसे
(क) सभी प्राणी दिन में सक्रिय रहते हैं।
(ख) चोर रात में ही निकलते हैं।
(ग) चार से पाँच के बीच में स्टेशन पहुँच जाना।
(घ) ब्राह्ममुहूर्त में जागने वाला सदा स्वस्थ रहता है।

(5) ‘में’ का प्रयोग किसी वस्तु का मूल्य बताने या पूछने के लिए भी किया जाता है। जैसे
(क) यह कैमरा तुमने कितने रुपयों में खरीदा ?
(ख) नवीन ने यह घड़ी पाँच सौ रुपए में खरीदी है।
(ग) आलू बीस रुपए में चार किलोग्राम बिक रहा है।
(घ) शर्मा जी का मकान तीस लाख में बिका है।

(6) स्थिति बदलने का भाव भी ‘में’ द्वारा व्यक्त किया जाता है। जैसे
(क) मेरी सारी योजना मिट्टी में मिल गई।
(ख) यह मानव शरीर एक दिन धूल में मिल जाना है।
(ग) तनिक देर में सारा उल्लास गम में बदल गया।
(घ) प्रेमचन्द के साहित्य का अनेक भाषाओं में अनुवाद हुआ है।
(ङ) देवेश और प्रकाश का बैर, प्रेम में बदल गया।

(7) दो पक्षों के बीच ईष्र्या, द्वेष, प्रेम, घृणा तथा बैर आदि भावों को व्यक्त करने के लिए भी ‘में’ का प्रयोग होता है। जैसे
(क) भारत और पाक में बैर भाव समाप्त हो पाना कठिन है।
(ख) भूषण और विकास में बड़ा प्रेम है।
(ग) विश्वनाथ और संजीव में ईर्ष्या पनप रही है।

(8) के बीच से भी ‘में’ का भाव व्यक्त होता है। जैसे
(क) दोनों गाँवों के बीच में एक पहाड़ी है।
(ख) उन दोनों के बीच गहरा मन-मुटाव है।
(ग) धनी और निर्धन के बीच खाई बढ़ती जा रही है।

(9) आना, जाना, भेजना आदि गति सूचक क्रियाओं के साथ में’ का प्रयोग प्रायः नहीं किया जाता। जैसे
(क) लड़का कल घर (में) आ गया।
(ख) वह विद्यालय में गया है।
(ग) तुम अपने शहर में कब जा रहे हो?
(घ) शिवानी परसों बाजार में गई थी।
(ङ) मैंने उसे कल गाँव में भेज दिया।

(10) मिलना, पहुँचना आदि क्रियाओं के साथ में’ का प्रयोग होता है। जैसे
(क) प्रयाग में यमुना गंगा में मिलती है।
(ख) वह देर रात गाँव में जा पहुँचा।
(ग) पुस्तक सही हाथों में पहुँच गई।

Class 10 Hindi Passbook ‘पर’ का प्रयोग
अधिकरण कारक में ‘पर’ परसर्ग का भी प्रयोग होता है। ‘पर’ से ‘ऊपर’ होने का भाव व्यक्त होता है। जैसे

(क) छैल पर बहुत सारे बन्दर हैं।
(ख) नीम के पेड़ पर चिड़ियाँ चहक रही हैं।
(ग) मैं तुमसे घर पर मिलूंगा।
(घ) स्टेशन पर गाड़ी आ गई।
(ङ) वह सड़क पर दौड़ रहा है।

(1) ‘पर’ कहीं-कहीं ‘में’ का भाव प्रकट करता है। परन्तु इसका हर स्थान पर ‘में’ के स्थान में प्रयोग नहीं हो सकता। जैसे
वह घर पर है।” इस वाक्य में पर का अर्थ ‘ में है। परन्तु “वह कमरे पर घुसा”। यह प्रयोग गलत है।

(2) हिन्दी में ‘पर’ के स्थान पर ‘पै’ का भी प्रयोग बोलचाल में होता है किन्तु शिक्षित समाज में प्रायः ‘पर’ का ही। प्रयोग देखने में आता है।
(3) यहाँ, वहाँ, कहाँ, जहाँ के साथ ‘पर’ का प्रयोग उचित नहीं लगता क्योंकि इन शब्दों में ही ‘पर’ का भाव निहित है। जैसे
(क) वहाँ (पर) बड़ी भीड़ लगी है।
(ख) यहाँ (पर) कितने लोग बाहर से आए हैं?
(ग) कल कहाँ (पर) महफिल जमेगी?

इन वाक्यों का सही रूप होगा
(क) वहाँ बड़ी भीड़ लगी है।
(ख) यहाँ कितने लोग बाहर से आए हैं?
(ग) कल कहाँ महफिल जमेगी?

(4) समय का बोध कराने के लिए भी ‘पर’ का प्रयोग किया जाता है। जैसे
(क) गाड़ी समय पर नहीं आ रही है।
(ख) सुबह होने पर ही मैं घर से निकलूंगा।

(5) कहीं-कहीं ‘पर’ कारण बोधक भी होता है। जैसे
(क) तेज हवा चलने पर बादल छंट गए।
(ख) पुलिस के आने पर अपराधी भाग निकले।
(ग) प्रधानाचार्य की डॉट पर सब शान्त हो गए।

(6) कभी-कभी ‘पर’ के द्वारा अधिकता का बोध भी कराया जाता है। जैसे
(क) संकट पर संकट आते चले गए।
(ख) दिन पर दिन वह दुबला होता जा रहा है।

(7) ‘पर’ परसर्ग के कुछ अन्य प्रयोग
(क) कृपाशंकर ने अपनी हार का दोष मुझ पर मढ़ दिया।
(ख) बाज अचानक तोते पर टूट पड़ा।
(ग) ऑटो पर सवार हो जाओ।

RBSE Solution For Class 10 Hindi सम्बोधन कारक
हे, ए, ओ, अरे का प्रयोग

(1) जातिवाचक आकारान्त पुंल्लिंग संज्ञाएँ सम्बोधन कारक के एकवचन में एकारान्त हो जाती हैं। जैसे
(क) लड़का = लड़के लड़के! जरा इधर आओ।
(ख) लँगड़ा = लँगड़े लँगड़े! उधर ही रह, झपेट में आ जाएगा।
(ग) मोटा = मोटे मोटे ! एक धक्का पड़ा तो उठ नहीं पाएगा।

(2) सम्बोधन कारक में, जातिवाचक बहुवचन संज्ञाओं में ‘ओ’ तथा ‘यो’ विभक्ति चिह्न लग जाता है। जैसे
(क) मित्र = त्रो मित्रो! तनिक इधर भी देखो।
(ख) सज्जन = सज्जनो सज्जनो! आप सभी को मेरा सादर प्रणाम।
(ग) भाई = भाइयो भाइयो ! अब चुनाव में जुट जाना ही बुद्धिमानी है।
(घ) भक्त = भक्तो भक्तो ! आपकी आस्था प्रशंसनीय है।
विशेष – (1) ‘मित्रों’, ‘सज्जनों’ तथा ‘भाइयों’ लिखना अशुद्ध है।

(3) सम्बोधन कारक में संज्ञाओं से पहले हे, ए, ओ, अरे, अरी आदि का भी प्रयोग किया जाता है। जैसे
(क) हे प्रभु! कृपा करो।
(ख) ए लड़के! वहीं रुक जा।
(ग) ओ भाई! जरा बात सुनो!
(घ) अरे, मूर्ख! सारी पुस्तक का नाश कर डाला !
(ङ) अरी, पागल ! तुझे हो क्या गया है?
(च) अजी! सुनो तो यह लड़का क्या कह रहा है।

(4) कहीं-कहीं सम्बोधन कारक में, सम्बोधन क्रिया से भी प्रारम्भ हो जाता है। जैसे
(क) सुनो, मैं आज देर से लौटूगा।
(ख) कहिए, कहाँ चल दिए?
(ग) उठिए, गाड़ी आने का समय हो गया।
विशेष:
(1) उपर्युक्त वाक्यों में क्रियाओं से पहले तुम, आप, तू, हम आदि सर्वनाम तथा उपयुक्त संज्ञाएँ अप्रत्यक्ष रूप में उपस्थित रहती हैं। जैसे
सुनो = तुम सुनो, उठिए = आप उठिए आदि।

RBSE Class 10 Hindi व्याकरण कारक परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर

RBSE Class 10 Hindi Solutions प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों को कारक की दृष्टि से शुद्ध कीजिए।
(क) मैंने पत्र नहीं पढ़ पाया।
(ख) तुम इस साल परीक्षा पास किया है।
(ग) उसने क्या कर रहा था?
(घ) गोविन्द ने क्या पढ़ रहा था ?
उत्तर:
(क) मैं पत्र नहीं पढ़ पाया।
(ख) तुमने इस साल परीक्षा पास की है।
(ग) वह क्या कर रहा था ?
(घ) गोविन्द क्या पढ़ रहा था?

RBSE Hindi Solution Class 10 प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों के सामने ‘सही’ या ‘गलत’ लिखिए।
(क) आप यह पत्र लिखा या नहीं।
(ख) शोभा ने एक लेख लिखा।
(ग) तुषार ने ऐसा क्यों किया?
(घ) उसने कब नहाया?
उत्तर:
(क) गलत
(ख) सही
(ग) सही
(घ) गलत ।

Class 10 RBSE Hindi Solution प्रश्न 3.
निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध रूप में लिखिए
(क) मंत्री ने उस सड़क को बनवाया है।
(ख) श्रीकृष्ण ने राधा देखी।
(ग) विद्या ने एक पर्स को खरीदा।
(घ) गरीब तो नमक से रोटी को खाता है।
उत्तर:
(क) मंत्री ने वह सड़क बनवायी।
(ख) श्रीकृष्ण ने राधा को देखा।
(ग) विद्या ने एक पर्स खरीदा।
(घ) गरीब तो नमक से रोटी खाता है।

RBSE Solutions Class 10 Hindi प्रश्न 4.
निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए
(क) पेड़ द्वारा पके फल गिर रहे हैं।
(ख) सिंह के द्वारा इस पशु को मारा है।
(ग) मुझे साँप द्वारा बहुत डर लगता है।
(घ) रोगी से उठा जाता है।
उत्तर:
(क) पेड़ से पके फल गिर रहे हैं।
(ख) सिंह द्वारा उस पशु को मारा गया है।
(ग) मुझे साँप से बहुत डर लगता है।
(ङ) रोगी द्वारा उठा जाता है।

प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों में कारक बताइए
(क) वह पैरों से चलकर घर पहुँच पाया।
(ख) लड़का पिता के डाँटने पर घर से भाग गया।
(ग) सीमा शुक्रवार से बीमार है।
(घ) दादी से तो अब चला नहीं जाता।
उत्तर:
(क) करण कारक
(ख) अपादान कारक
(ग) करण कारक
(घ) करण कारक।

प्रश्न 6.
अपादान कारक के चार उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
(क) छत से बच्चा गिर गया।
(ख) माल्या भारत से भाग निकला।
(ग) आतंकवादी पाकिस्तान से आ रहे हैं।
(घ) मजदूर सुबह से शाम तक काम करते हैं।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित शब्दों में कारक बताइए
(क) श्रीलंका भारत से दक्षिण में है।
(ख) आज भारतीय टीम का मुकाबला बाँग्लादेश से होगा।
(ग) पूर्व से पश्चिम तक उसी की चर्चा है।
(घ) चार बर्तनों से कोई एक लाइए।
उत्तर:
(क) अपादान कारक
(ख) करण कारक
(ग) अपादान कारक
(घ) अपादान कारक।

प्रश्न 8.
सम्प्रदान कारक के चार उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
(क) मैं पिताजी के लिए दवा ले जा रहा हूँ।
(ख) धान के लिए बहुत सिंचाई चाहिए।
(ग) सिमरन आगे पढ़ने के लिए अमेरिका जाएगी।
(घ) इस साइकिल की मरम्मत के लिए मिस्त्री चाहिए।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित शब्दों में कारक का निर्देश कीजिए
(क) राणा प्रताप मुगलों से टक्कर लेने हल्दी घाटी में डट गए।
(ख) शिकार को जाने से पहले राइफल को जाँच लो।
(ग) इस रोग को कौन-सी दवा ठीक रहेगी?
(घ) जीने के लिए जीविका तो चाहिए।
उत्तर:
(क) सम्प्रदान कारक
(ख) सम्प्रदान कारक
(ग) सम्प्रदान कारक
(घ) सम्प्रदान कारक

प्रश्न 10.
निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित शब्दों के आधार पर कारक का नाम लिखिए
(क) बीमार नेताजी को देखने अनेक लोग आ रहे हैं।
(ख) हर काम को दाम चाहिए।
(ग) बन्दरों ने नाक में दम कर दिया है।
(घ) मुझको तो बस चार दिन का वक्त चाहिए।
उत्तर:
(क) सम्प्रदान कारक
(ख) सम्प्रदान कारक
(ग) कर्ता/करण कारक
(घ) सम्प्रदान कारक।

प्रश्न 11.
सम्बन्ध कारक के चार उदाहरण वाक्य लिखिए
उत्तर:
(क) तुम्हारे कितने लड़के हैं?
(ख) अपना तो केवल एक घर है।
(ग) मगर के कितने पैर होते हैं?
(घ) मधुसूदन के कितने भाई हैं?

प्रश्न 12.
“मेरा और आपका झगड़ा, श्रीकृष्ण के घर जाकर, चाचा जी की उपस्थिति में सुलझेगा।” इस वाक्य में रेखांकित शब्दों में कारक बताइए।
उत्तर:
मेरा – सम्बन्ध कारक
श्रीकृष्ण के – सम्बन्ध कारक
आपका – सम्बन्ध कारक
चाचा जी की – सम्बन्ध कारक।

प्रश्न 13.
निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित शब्दों में कारक का निर्देश कीजिए
(क) अपने तो जैसे दिल ही नहीं है।
(ख) मर्दो के दाढ़ी होती है, औरतों के नहीं।
(ग) किसका साहस है जो भारत को आँखें दिखाए।
(घ) सारा जहाँ हमारा घर ही तो है।
उत्तर:
(क) सम्बन्ध कारक
(ख) सम्बन्ध कारक
(ग) सम्बन्ध कारक
(घ) सम्बन्ध कारक।

प्रश्न 14.
निम्नलिखित वाक्यों में सही कारक का प्रयोग करके दोबारा लिखिए
(क) भारत की प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री यहाँ आए थे।
(ख) मयंका ने कहा, “मेरी छाता कल आ पाएगी।”
(ग), लड़के की दही फैल गई।
(घ) हाथी महावत को गिराकर भाग गई।
उत्तर:
(क) भारत के प्रधानमन्त्री लालबहादुर शास्त्री यहाँ आए थे।
(ख) मयंका ने कहा, “मेरा छाता कल आ पाएगा।”
(ग) लड़के का दही फैल गया।
(घ) हाथी महावत को गिराकर भाग गया।

प्रश्न 15.
निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित शब्दों में कारकों का उल्लेख कीजिए
(क) इस उत्सव में कितने कलाकार आ रहे हैं?
(ख) असली भारत है दिखलाता, नर कंकालों की शक्लों में।
(ग) उद्यान की लताएँ वृक्षों से लिपटी हैं।
(घ) वीनू इस समय बाजार में है।
उत्तर:
(क) अधिकरण कारक
(ख) अधिकरण कारक
(ग) अधिकरण कारक
(घ) अधिकरण कारक।

प्रश्न 16.
निम्नलिखित वाक्यों से अधिकरण कारक के उदाहरण छाँटकर लिखिए।
(क) भारतीय महिलाओं में साड़ी आज भी प्रिय परिधान है।
(ख) इस विषय में मेरी कोई राय नहीं है।
(ग) तुम रात में पढ़ते हो या दिन में ?
(घ) नेताजी आज ही बनारस आए हैं।
उत्तर:
(क) महिलाओं में
(ख) विषय में
(ग) रात में, दिन में
(घ) बनारस (में)।

प्रश्न 17.
रेखांकित शब्दों में कारक का उल्लेख कीजिए
(क) छत पर जाकर कबूतरों के लिए दाना डाल दो।
(ख) उत्तम प्रकृति के लोग जनता पर शासन करते हैं।
(ग) चीन ने सन् 1962 में भारत पर आक्रमण किया था।
(घ) घड़े में अब कितना पानी बचा है।
उत्तर:
(क) छत पर = अधिकरण कारक                   कबूतरों के लिए = सम्प्रदान कारक
(ख) प्रकृति के = सम्बन्ध कारक                      जनता पर = अधिकरण कारक
(ग) सन् 1962 में = अधिकरण कारक              भारत पर = अधिकरण कारक
(घ) घड़े में = अधिकरण कारक                         पानी = कर्म कारक

प्रश्न 18.
रेखांकित पदों में कारकों का उल्लेख कीजिए
(क) वह किस शहर जा रहा है।
(ख) गाड़ी ठीक समय पर आ गई।
(ग) इस बात पर उनमें मारपीट हो गई।
(घ) तुम्हारा नौकर क्या आज छुट्टी पर है।
उत्तर:
(क) वह = कर्ता कारक                                       शहर (में) = अधिकरण कारक
(ख) गाड़ी = कर्ता कारक                                    समय पर = अधिकरण कारक
(ग) बात पर = अधिकरण कारक                          उनमें = अधिकरण कारक               मारपीट = कर्म कारक
(घ) तुम्हारा = सम्बन्ध कारक                               नौकर = कर्ता कारक                     छुट्टी पर = अधिकरण कारक।

प्रश्न 19.
‘ने’ परसर्ग लगाकर चार वाक्य लिखिए।
उत्तर:
(क) प्रजा ने राजा का सत्कार किया।
(ख) हुवाओं ने फसल को नुकसान पहुँचाया।
(ग) अधिकारियों ने और कर्मचारियों ने अच्छा काम किया।
(घ) मैंने, तूने, इसने, उसने, सबने कष्ट उठाए हैं।

प्रश्न 20.
परसर्ग ‘को’, ‘से’, ‘के लिए’, ‘पर’ का प्रयोग करते हुए एक-एक वाक्य बनाइए।
उत्तर:
(क) क्या आपने चोर को देखा है?
(ख) हाथों से मेहनत करके कमाओ और खाओ।
(ग) वह सारा काला धन किसके लिए कमा रहे हो?
(घ) डाल-डाल पर, पात-पात पर और हवाओं में।

RBSE Class 10 Hindi व्याकरण कारक अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. कारक की परिभाषा और उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 2. कारक के भेद लिखिए और उनके परिचायक चिह्न लिखिए।
प्रश्न 3. ‘ने’ परसर्ग किस कारक के साथ लगती है? दो उदाहरण भी दीजिए।
प्रश्न 4. कर्ता के साथ ‘ने’ परसर्ग का प्रयोग किस काल में होता है? लिखिए।
प्रश्न 5. ‘ने’ परसर्ग का प्रयोग किन दो बातों पर निर्भर होता है? उदाहरणों से बताइए।
प्रश्न 6. ‘ने’ परसर्ग क्रिया के किस भेद के साथ लगता है? लिखिए।
प्रश्न 7. सकर्मक क्रिया होने पर भी किन-किन कालों में ‘ने’ का प्रयोग नहीं हो सकता है? उत्तर लिखिए।
प्रश्न 8. प्रेरणार्थक क्रियाओं के साथ ‘ने’ उपसर्ग का प्रयोग करते हुए, दो वाक्य लिखिए।
प्रश्न 9. नहाना, थूकना, छींकना तथा देखना क्रियाओं के साथ ‘ने’ उपसर्ग का प्रयोग करते हुए वाक्य लिखिए।
प्रश्न 10. निम्नलिखित वाक्यों को कारक की दृष्टि से शुद्ध कीजिए
(क) अध्यापक ने छात्र को नहीं समझा पाए।
(ख) ये कविताएँ आप कब लिखीं ?
प्रश्न 11. कर्म कारक का चिह्न क्या है? कर्म कारक युक्त दो उदाहरण वाक्य लिखिए।
प्रश्न 12. ‘अकबर ने राजपूतों को साधा, हिन्दू धर्म को स्वीकृति का संदेश दिया।’ इस वाक्य से कर्म कारक के उदाहरण छाँटिए।
प्रश्न 13. ‘कहना’ और ‘पूछना’ क्रियाओं के साथ कर्म कारक प्रयोग के दो उदाहरण दीजिए।
प्रश्न 14. ‘राजेश ने कहानी सुनाई।’ तथा ‘एक पीला फल लाओ’, वाक्यों में कर्म कारक के उदाहरण छाँटकर लिखिए।
प्रश्न 15. ‘राधेलाल ने रोटी को खाया।’ इस वाक्य को कारक की दृष्टि से शुद्ध करके लिखिए।
प्रश्न 16. समय और दिशा का बोध कराने के लिए कर्म कारक के प्रयोग के दो उदाहरण दीजिए।
प्रश्न 17. ‘कौए को बहुत प्यास लगी थी।’ तथा ‘शकुन्तला को दुष्यन्त से प्रेम हो गया।’ वाक्यों में कर्म कारक संज्ञाएँ। छाँटकर लिखिए।
प्रश्न 18. निम्नलिखित शब्दों को वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए ‘सभा को’, ‘भोजन को’, ‘योजना को’।
प्रश्न 19. ‘से’ (साधन अर्थ में) का प्रयोग किस कारक के साथ होता है? लिखिए।
प्रश्न 20. निम्नलिखित वाक्यों को पूरा कीजिए
(क) हम………..से देखते हैं।
(ख) वे गाड़ी……….आगरा गए।
(ग) सभी पत्र डाक………..भेजे गए।
(घ) कलम………….पत्र लिखता है।
प्रश्न 21. शुद्ध कीजिए
(क) वह गाड़ी के द्वारा मुम्बई जा रहा है।
(ख) बन्दर हाथों के द्वारा वृक्षों को हिला रहे हैं।
प्रश्न 22. ‘के लिए’ का प्रयोग किस कारक के साथ होता है? लिखिए।
प्रश्न 23. ‘छात्राएँ’ अध्ययन के लिए परिश्रम करती हैं।’ इस वाक्य में सम्प्रदान कारक किस शब्द में है?
प्रश्न 24. इन वाक्यों में कारकों के नाम लिखिए।
(क) वह मेला देखने जा रहा है।
(ख) मैं तो तथा पढ़ने जा रहा हूँ।
प्रश्न 25. ‘यह पुस्तक राम को दे दीजिए।’ इस वाक्य में रेखांकित शब्द में कौन-सा कारक है?
प्रश्न 26. ‘दुकान में की वस्तुएँ’ तथा ‘सड़क में के गड्ढे’ को अधिकरण कारक के अनुसार शुद्ध लिखिए।
प्रश्न 27. अधिकरण कारक के चार उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 28. शुद्ध कीजिए-‘यह जायदाद कितने पर बिकी’?
प्रश्न 29. सम्बन्ध कारक के चार उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 30. उनके परिवार में कौन-कौन हैं?’ वाक्य में उनके किस कारक में है?
प्रश्न 31. अपने पराए का भेद, संत का लक्षण नहीं।’ वाक्य में रेखांकित शब्दों में कारक बताइए।
प्रश्न 32. सम्बोधन कारक के दो उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 33. ‘मित्रों’, ‘भाइयों’ तथा ‘बहिनों’ शब्दों को शुद्ध सम्बोधन का रूप दीजिए।
प्रश्न 34. सम्बोधन कारक़ में कौन-से परसर्गों (चिह्नों) का प्रयोग होता है?
प्रश्न 35. कारक के भेद परिचायक चिह्नों के साथ लिखिए।
प्रश्न 36. ‘ने’ तथा ‘को’ परसर्गों का प्रयोग किन कारकों के साथ होता है? उदाहरण सहित लिखिए।
प्रश्न 37. ‘में’ तथा ‘पर’ किस कारक के साथ लगने वाले परसर्ग हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
प्रश्न 38. ‘से’ (साधन, के द्वारा) तथा ‘से’ (अलगाव) परसर्गों का प्रयोग उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
प्रश्न 39. हे, ए, ओ, अरे परसर्गों तथा संज्ञा शब्दों से आरम्भ होने वाले सम्बोधन कारक का एक-एक उदाहरण लिखिए।
प्रश्न 40. ‘ट्रेन में’, ‘ट्रेन पर’, ‘घर को’, ‘घर’, ‘हाथों से’, ‘शहर से’ इन शब्दों का प्रयोग करते हुए एक-एक वाक्य लिखिए।

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