Mera Bharat Mahan Essay in Hindi

Mera Bharat Mahan Essay in Hindi – मेरा भारत महान पर निबंध

Mera Bharat Mahan Essay in Hindi: मेरे देश का नाम भारत है, मेरा भारत देश महान देश है। इसके बहुत से नाम है इसे हम हिंद, हिंदुस्तान, इंडिया आदि नामों से पुकारते हैं। भारत देश एक बड़ा देश होने के नाते सभी देशों से महान इसलिए है, क्योंकि यहां पर रहने वाले लोग एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रहते हैं।

Mera Bharat Mahan Essay in Hindi

हमारे देश पर यानी कि भारत देश पर आने वाली किसी भी आपदा का सभी लोग मिलकर सामना करते हैं। किसी भी व्यक्ति पर अगर कोई आपदा आती है, तो सभी लोग उसकी सहायता के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

प्रस्तावना

मेरे देश “भारत” का नाम संपूर्ण विश्व में गर्व की बात है मेरा देश परंपरा वीरता संस्कृति या यू कहे भौगोलिक सभी परिस्थिति में महान है। जहाँ ऐसे पुरातन काल में आर्यवत नाम से पुकारा जाता था वही महाप्रतापी राजा दुष्यंत के पुत्र भारत के नाम पर ही मेरे देश का नाम भारत देश पड़ा है मेरा भारत देश ने भले ही कितने संकटो और युद्ध युद्ध को झेला हो परंतु हर क्षेत्र में मेरा भारत हर युग में अग्रणी रहा। और इन युद्धो का उसके गौरव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा . मेरे देश की महानता उसके इतिहास और पारंपरिक रीति रिवाजों की वजह से भी है।

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मेरा भारत देश कृषि प्रधान देश

मेरा भारत देश कृषि प्रधान देश है यहां पर हर तरह के अनाजौ की पैदावार होती है जेसे मक्का ,ज्वार ,गेंहू ,बाजरा ,इत्यादि ,मेरा भारत में कृषि सिंधु घाटी सभ्यता के समय से ही कि जा रही है मेरा भारत में लगभग 51% भाग पर कृषि की जाती है ,कुल 52 फ़ीसदी लोग कृषि से अपनी आजीविका चलाते हैं हरित क्रांति के बाद और अधिक अनाजों की पैदावार होने लगी है मेरा भारत देश कृषि प्रधान होने के साथ अन्य देशों में भी अग्रणी है.

मेरे भारत की संस्कृति

 मेरे भारत की संस्कृति अनेकता में एकता पर आधारित है यह अनेकता में एकता एक शब्द ही नहीं बल्कि यह भारत देश की संस्कृति और विरासत में पूरी तरह लागू होता है मेरा भारत देश विश्व के नक्शे में अपने रंगारंग और अनूठी संस्कृति की छाप छोड़े हुए हैं मेरा भारत देश मर्या ,चोल ,मुगलकाल और ब्रिटिश साम्राज्य तक मेरे भारत ने अपनी परंपरा और अतिथि के लिए मशहूर रहा मेरे भारत देश ने उन ब्रिटिशो का भी स्वागत किया जिन्होंने मेरे भारत पर कई सालो तक राज किया परंतु उसके कूटनीतिज्ञ की वजह से ही मेरे भारत अनेकता में एकता दिखाकर उनको मेरे देश से जाने के लिए मजबूर कर दिया। मेरे भारत की संस्कृति और उसकी कला शिल्प नृत्य और संगीत की वजह से भी है मेरे भारत की संस्कृति अन्य देशों की अपेक्षा अत्यंत आकर्षित है।

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मेरे भारत का कानून

मेरे भारत में रहने वाले सभी व्यक्तियों के लिए सामान्य आचरण का पालन करें इसके लिए कुछ नियम बनाए गए है ,जिसका पालन करना मेरे भारत के हर नागरिक को के लिए आवश्यक है जो इसका पालन नहीं करता उसके लिए मेरे भारत में न्यायपालिका द्वारा दंड निर्धारित किया गया है ,मेरे देश में लोकतंत्र है। मेरे देश में सभी के लिए समान कानून लागू होता है और उसका पालन करना मेरे देश के हर नागरिक को के लिए आवश्यक है।

मेरे भारत का विज्ञान और प्रौद्योगिकी में स्थान

मेरे भारत का नाम विज्ञान और प्रौद्योगिकी में बहुत विकसित हो चुका है सभी देशों में विज्ञान प्रौद्योगिकी में नई-नई खोजे हो रही है परंतु इस दौड में मेरा भारत भी पीछे नहीं है मेरे भारत में वैज्ञानिक खोजों के लिए कई वैज्ञानिक शामिल है जिसमें सी.वी. रमण ,जगदीश चंद्र बसु, श्रीनिवास रामानुजन ,और भी कई वैज्ञानिक हुए। इन्होने भौतिकी विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, खगोलीय विज्ञान ,सभी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और मेरे देश का नाम रोशन किया है।

मेरा भारत कंप्यूटर युक्त भारत

मेरा भारत एक ‘माइक्रोप्रोसेसर ,का ,युग है क्योंकि यह मनुष्य के मस्तिष्क का प्रतिरूप है इस मस्तिष्क रूपी माइक्रोप्रोसेसर में कुछ अंग जोड़े जाते हैं जिससे एक कंप्यूटर बनता है ,मेरा भारत में आज हर काम पहले की अपेक्षा और जल्दी होने लगा है हर क्षेत्र में चाहे वह कोई भी क्षेत्र हो वह इस कंप्यूटर ने ले लिया है और इसकी वजह से मेरे भारत देश का नाम कई क्षेत्रो में अग्रणी हो रहा है और अपना नाम कमा रहा है।

मेरे भारत की नदियां और राज्य

मेरे भारत में हिमालय से निकली शुद्ध निर्मल जल की धाराएं है , मेरा भारत में कई नदियां हैं जैसे गंगा ,यमुना ,सतलज,गोदावरी ,और अन्य कई है मेरे भारत की नदिया पूजनीय है , मेरे भारत में कुछ ऐसे राज्य हैं जिन्होंने कई खनिजों को अपनी गोद में समेटे हुए हैं, कश्मीर, नैनीताल, शिमला ,कुल्लू मनाली ,जैसे ऐसे राज्य जिनकी प्राकृतिक सुंदरता किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

मेरे भारत की कुछ खास बातें

 मेरे भारत में महात्मा गांधी जी जैसे राष्ट्रपिता ने जन्म लिया जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपने
प्राणों के बलिदान दे दिया.मेरे भारत ने करोड़ों संतानों को अपने कलेजे से लगाया हुआ है मेरे भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी है, वंदे मातरम राष्ट्रगीत है ,जन गण मन राष्ट्रीय गान है, मेरे भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है ,मेरे भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है, राष्ट्रीय चिन्ह तुला है ,जो न्याय का प्रतीक है और मेरे भारत का भविष्य और भी उज्जवल था और आगे भी उज्जवल रहेगा।

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उपसंहार

मेरे भारत के बारे में लिखना चाहे तो शब्द कम पड़ जाएंगे इसने ना जाने कितने दर्द और लहू सहकर स्वतंत्रता हासिल की है परंतु फिर भी इसने हार नहीं मानी आज मेरा भारत देश जिसे एक सोने की चिड़िया कहा जाता था उस सोने की चिड़िया को अंग्रेज चुरा कर ले गए थे ,परंतु आज मेरे भारत ने अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी से वही स्थान प्राप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी मुझे मेरे देश पर गर्व है।

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अनेकताओं में एकता का देश है भारत। देश का नाम भारत पड़ने पर वैसे तो कई मान्यतायें हैं लेकिन एक मुख्य मान्यता के अनुसार भारत देश का नाम राजा दुष्यंत के पुत्र भरत के नाम पर पड़ा था। भारत देश कोई नया देश नहीं है बल्कि यह इतना पुराना है कि हड़प्पा और मोहनजोदाड़ो जैसी प्राचीन सभ्यताओं की शुरूआत भी यहीं से हुई है। इसी कारण इसे विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं वाले देश में गिना जाता है। भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर जाति एवं धर्म के लोग रहते हैं।

यहाँ की संस्कृति एवं परम्पराएं पूरे विश्व में विख्यात हैं। विदेशी हमारी संस्कृति का बहुत सम्मान करते हैं और उसे देखने एवं समझने के लिए भारत आते हैं। भारत देश में सिर्फ देवी-देवताओं की ही नहीं अपितु पशु, पक्षी, पेड़-पौधों, नदियों, पर्वतों आदि की भी पूजा की जाती है यह माध्यम है यह समझाने का कि इन संसाधनों के बिना कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता एवं महान नहीं बन सकता।

आज भारत की जनसंख्या 100 करोड़ से अधिक है। इस देश में 25 राज्य और 6 केन्द्र शासित क्षेत्र हैं। जहाँ कई धर्म और समाज के लोग भाईचारे के साथ रहते हैं। भारत देश की राष्ट्रीय भाषा हिन्दी है। यहाँ का राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् है। भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर तथा राष्ट्रीय पशु बाघ है।

यदि आप विभिन्न मौसमों और भोगोलिक परिस्थितियों का आनन्द उठाना चाहते हैं तो आपको विदेश की यात्रा से पहले अपने देश की यात्रा पर जरूर जाना चाहिये। वे सब यहाँ उपस्थित हैं चाहे वह पर्वतीय और बर्फीला स्थल हो दक्षिण की सुंदरता, मरू भूमि हो या घने जंगल, गंगा के मैदान हों या पठारी भाग, समुद्र हो या कलकल करती नदियाँ। क्या नहीं है यहाँ ? प्रकृति की कोई ऐसी सौगात नहीं जो भारत देश में न हो।

पूर्व समय में भारत को सोने की चिड़िया भी कहा जाता था और वह इसलिए कि यह देश विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर था। इसी कारण कई अन्य देश भारत आकर यहाँ से अपना व्यापार करते थे और वह भी तब जब व्यवस्थित मार्ग उपलब्ध नहीं थे। वे अपने साथ अपने देश की वस्तुएं लाकर यहाँ बेचते तथा यहाँ की वस्तुएं अपने देश लेकर जाते थे।

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भारत भूमि में राम, कृष्ण, महावीर, बुद्ध जैसे कई महापुरूषों को जन्म दिया है। यह वीर योद्धाओं का देश है जिनमें महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, भगतसिंह, सुभाष चन्द्र बोस, महात्मा गांधी, चाचा नेहरू, लाला लाजपत राय, लाल बहादुर शास्त्री और न जाने कितने वीर योद्धा शामिल हैं जिन्होंने अपनी जान पर दाव पर रखकर देश को गुलामी से मुक्त कराया और इसकी रक्षा की। भारत देश अपने साहित्य के लिए भी उतना ही प्रसिद्द है। इस भूमि पर न तुलसी, कबीर, रविन्द्र नाथ टैगोर, प्रेमचन्द, और न जाने कितने साहित्यकारों एवं कवियों ने जन्म लेकर इसे महान बनाने में अपना योगदान दिया है।

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