Gulzar Shayari

Gulzar Shayari in Hindi

Gulzar Shayari in Hindi: आज हम आपको इस आर्टिकल में Gulzar Shayari in Hindi सुनाएंगे की आप इन्हें अपने व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर कर सकते हैं | Gulzar Shayari in Hindi यहां पर आपको एक से बढ़कर एक शायरी सुनने को मिलेगी इनसे आपके दिल को राहत महसूस होगी और यह शायरी आप अपने दिल की बात को शब्दों में बयां कर सकते हैं|

Gulzar Shayari in Hindi

इश्क़ की तलाश में
क्यों निकलते हो तुम,
इश्क़ खुद तलाश लेता है
जिसे बर्बाद करना होता है।

तुझ से बिछड़ कर
कब ये हुआ कि मर गए,
तेरे दिन भी गुजर गए
और मेरे दिन भी गुजर गए.

आऊं तो सुबह,
जाऊं तो मेरा नाम शबा लिखना,
बर्फ पड़े तो
बर्फ पे मेरा नाम दुआ लिखना

वो शख़्स जो कभी
मेरा था ही नही,
उसने मुझे किसी और का भी
नही होने दिया.

सालों बाद मिले वो
गले लगाकर रोने लगे,
जाते वक्त जिसने कहा था
तुम्हारे जैसे हज़ार मिलेंगे.

Beautiful Gulzar Shayari lyrics

जब भी आंखों में अश्क भर आए
लोग कुछ डूबते नजर आए
चांद जितने भी गुम हुए शब के
सब के इल्ज़ाम मेरे सर आए

जिन दिनों आप रहते थे,
आंख में धूप रहती थी
अब तो जाले ही जाले हैं,
ये भी जाने ही वाले हैं.

जबसे तुम्हारे नाम की
मिसरी होंठ लगाई है
मीठा सा गम है,
और मीठी सी तन्हाई है.

वक्त कटता भी नही
वक्त रुकता भी नही
दिल है सजदे में मगर
इश्क झुकता भी नही

एक बार जब तुमको बरसते पानियों के पार देखा था
यूँ लगा था जैसे गुनगुनाता एक आबशार देखा था
तब से मेरी नींद में बसती रहती हो
बोलती बहुत हो और हँसती रहती हो.

Famous Gulzar Shayari Zindagi

होती नही ये मगर
हो जाये ऐसा अगर
तू ही नज़र आए तू
जब भी उठे ये नज़र

मेरा ख्याल है अभी, झुकी हुई निगाह में
खिली हुई हँसी भी है, दबी हुई सी चाह में
मैं जानता हूं, मेरा नाम गुनगुना रही है वो
यही ख्याल है मुझे, के साथ आ रही है वो

तुम्हें जिंदगी के उजाले मुबारक
अंधेरे हमें आज रास आ गए हैं
तुम्हें पा के हम खुद से दूर हो गए थे
तुम्हें छोड़कर अपने पास आ गए हैं

उतर रही हो या
चढ़ रही हो ?
क्या मेरी मुश्किलों को
पढ़ रही हो ?

सुरमे से लिखे तेरे वादे
आँखों की जबानी आते हैं
मेरे रुमालों पे लब तेरे
बाँध के निशानी जाते हैं

4 Line Gulzar Shayari in Hindi

तेरे इश्क़ में तू क्या जाने
कितने ख्वाब पिरोता हूं
एक सदी तक जागता हूं मैं
एक सदी तक सोता हूं

गुल पोश कभी इतराये कहीं
महके तो नज़र आ जाये कहीं
तावीज़ बनाके पहनूं उसे
आयत की तरह मिल जाये कहीं

पता चल गया है के मंज़िल कहां है
चलो दिल के लंबे सफ़र पे चलेंगे
सफ़र ख़त्म कर देंगे हम तो वहीं पर
जहाँ तक तुम्हारे कदम ले चलेंगे

उम्मीद तो नही
फिर भी उम्मीद हो
कोई तो इस तरह
आशिक़ शहीद हो

कोई आहट नही बदन की कहीं
फिर भी लगता है तू यहीं है कहीं
वक्त जाता सुनाई देता है
तेरा साया दिखाई देता है

Hindi Gulzar Shayari on Life

तू समझता क्यूं नही है
दिल बड़ा गहरा कुआँ है
आग जलती है हमेशा
हर तरफ धुआँ धुआँ है

टकरा के सर को जान न दे दूं तो क्या करूं
कब तक फ़िराक-ए-यार के सदमे सहा करूं
मै तो हज़ार चाहूँ की बोलूँ न यार से
काबू में अपने दिल को न पाऊं तो क्या करूं

एक बीते हुए रिश्ते की
एक बीती घड़ी से लगते हो
तुम भी अब अजनबी से लगते हो

प्यार में अज़ीब ये रिवाज़ है,
रोग भी वही है जो इलाज है.

जाने कैसे बीतेंगी
ये बरसातें
माँगें हुए दिन हैं,
माँगी हुई रातें.

Gulzar Shayari on Mohabbat

ऐसा कोई ज़िंदगी से वादा तो नही था
तेरे बिना जीने का इरादा तो नही था.

वो बेपनाह प्यार करता था मुझे
गया तो मेरी जान साथ ले गया

झुकी हुई निगाह में, कहीं मेरा ख्याल था
दबी दबी हँसी में इक, हसीन सा गुलाल था
मै सोचता था, मेरा नाम गुनगुना रही है वो
न जाने क्यूं लगा मुझे, के मुस्कुरा रही है वो

इस दिल में बस कर देखो तो
ये शहर बड़ा पुराना है
हर साँस में कहानी है
हर साँस में अफ़साना है

कोई वादा नही किया लेकिन
क्यों तेरा इंतज़ार रहता है
बेवजह जब क़रार मिल जाए
दिल बड़ा बेकरार रहता है

Heart Touching Gulzar Shayari on yaadein

धीरे-धीरे ज़रा दम लेना
प्यार से जो मिले गम लेना
दिल पे ज़रा वो कम लेना

दबी-दबी साँसों में सुना था मैंने
बोले बिना मेरा नाम आया
पलकें झुकी और उठने लगीं तो
हौले से उसका सलाम आया

खून निकले तो ज़ख्म लगती है
वरना हर चोट नज़्म लगती है.

उड़ते पैरों के तले जब बहती है जमीं
मुड़के हमने कोई मंज़िल देखी तो नही
रात दिन हम राहों पर शामो सहर करते हैं
राह पे रहते हैं यादों पे बसर करते हैं

इतना लंबा कश लो यारो,
दम निकल जाए
जिंदगी सुलगाओ यारों,
गम निकल जाए

Behatareen Gulzar’s poetry

वो चेहरे जो रौशन हैं लौ की तरह
उन्हें ढूंढने की जरूरत नही
मेरी आँख में झाँक कर देख लो
तुम्हें आइने की जरूरत नही

मेरे उजड़े उजड़े से होठों में
बड़ी सहमी सहमी रहती है जबाँ
मेरे हाथों पैरों में खून नही
मेरे तन बदन में बहता है धुँआ

वक्त सालों की धुंध से
निकल जायेगा
तेरा चेहरा नज़र से
पिघल जायेगा

वो शाम कुछ अजीब थी,
ये शाम भी अजीब है
वो कल भी पास पास थी
वो आज भी करीब है

जीना भूले थे कहां याद नहीं!
तुमको पाया है जहाँ
सांस फिर आई वहीं

Gulzar Famous Shayari in Hindi

क्यूं बार बार लगता है मुझे
कोई दूर छुपके तकता है मुझे
कोई आस पास आया तो नही
मेरे साथ मेरा साया तो नही

तुम मिले तो क्यों लगा मुझे,
खुद से मुलाकात हो गई
कुछ भी तो कहा नही मगर,
ज़िंदगी से बात हो गई

शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आपकी कमी सी है

ख़ामोश रहने में दम घुटता है
और बोलने से ज़बान छिलती है
डर लगता है नंगे पांव मुझे
कोई कब्र पांव तले हिलती है

टूटी फूटी शायरी में
लिख दिया है डायरी में
आख़िरी ख्वाहिश हो तुम
लास्ट फरमाइश हो तुम

Sad Love Gulzar Quotes

मुस्कुराना, सहते जाना, चाहने की रस्म है
ना लहू ना कोई आँसू इश्क़ ऐसा ज़ख्म है

हमने देखी है उन आँखों की खुशबू
हाथ से छूके इसे रिश्तों का इल्ज़ाम न दो
सिर्फ़ एहसास है ये रूह से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो

ख्वाबी ख्वाबी सी लगती है दुनिया
आँखों में ये क्या भर रहा है
मरने की आदत लगी थी
क्यूं जीने को जी कर रहा है

कहीं किसी रोज यूं भी होता
हमारी हालत तुम्हारी होती
जो रातें हमने गुजारी मरके
वो रातें तुमने गुजारी होती

उम्मीद भी अजनबी लगती है
और दर्द पराया लगता है
आईने में जिसको देखा था
बिछड़ा हुआ साया लगता है

Gulzar Shayari Text & Images

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कोई तो करता होगा हमसे भी
खामोश मोहब्बत..
किसी का हम भी अधूरा
इश्क रहे होंगे…

Koi to karta hoga humse bhi
khamosh Mohabbat…
Kisi ka hum bhi adhura
Ishq rahe honge….

आखिरी नुकसान था तू जिंदगी में,
तेरे बाद मैंने कुछ खोया ही नहीं..

Aakhiri nuksaan tha tu Zindagi me,
Tere baad maine kuch khoya hi nahi..

सब खफा हैं मेरे लहजे से,
पर मेरे हालात से वाकिफ
कोई नहीं..

Sad khafa hain mere lahze se,
Par mere halat se wakif
koi nahi….

तन्हाइयां कहती हैं
कोई महबूब बनाया जाए,
जिम्मेदारियां कहती हैं
वक़्त बर्बाद बहुत होगा..

tanhaiyan kahti hain
Koi mahboob banaya jaye,
Jimmedariyan kahti hain
waqt barbad bahut hoga.

मेरे कंधे पर कुछ यूं गिरे उनके आंसू ,
कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गई..

Mere Kandhe par kuch yun gire unke aansu,
ki sasti si kameez anmol ho gai….

Best Gulzar Poetry In Hindi

जर्रा जर्रा समेट कर
खुद को बनाया है मैंने,
मुझसे ये ना कहना
बहुत मिलेंगे तुम जैसे..

बहुत करीब से अनजान बनके
गुजरा है वो शख्स,
जो कभी बहुत दूर से
पहचान लिया करता था..

Bahut kareeb se anjaan banke
Gujra hai wo Shakhs,
Jo kabhi bahut door se
pahchan liya karta tha..

उतार कर फेंक दी उसने
तोहफे में मिली पायल,
उसे डर था छनकेगी तो
याद जरूर आऊंगा मै..

Utaar kar fenk di usne
Tohfe me mili payal,
Use dar tha chhankegi to
Yaad jarur aaunga mai….

सब तारीफ कर रहे थे
अपने अपने महबूब का,
हम नीद का बहाना बना कर
महफ़िल छोड़ आए..

Sab tareef kar rahe the
apne apne mahboob ka,
hum need ka bahana bana kar
mahfil chhod aaye.

वो हमे भूल ही गए होंगे
भला इतने दिनों तक
कौन खफा रहता है..

Wo hume bhool hi gaye honge
bhala itne dino tak
kaun khafa rahta hai…

2 Line Gulzar shayari In Hindi

आज थोड़ी बिगड़ी है
कल फिर सवांर लेंगे
जिंदगी है जो भी होगा
संभाल लेंगे…

Aaj thodi bigdi hai
kal fir sawar lenge
Zindagi hai jo bhi hoga
Sambhal lenge….

सालों बाद मिले वो
गले लगाकर रोने लगे,
जाते वक़्त जिसने कहा था
तुम्हारे जैसे हजार मिलेंगे..

Salon baad mile wo
Gale lagakar rone lage,
Jate waqt jisne kaha tha
tumhare jaise hajaar milenge..

मांगा नही रब से तुम्हे
लेकिन इशारा तुम्हीं पर था,
नाम बेशक नही लिया
मगर पुकारा तुम्हीं को था..

Manga nahi rab se tumhe
Lekin ishaara tumhi par tha,
Naam beshak nahi liya
Magar pukara tumhi ko tha..

थोड़ा सा रफू
कर के देखिए ना
फिर से नई सी लगेगी,
जिंदगी ही तो है..

Thoda sa rafu
kar ke dekhiye na
Fir se nai si lagegi
Zindagi hi to hai..

इसे भी पढ़ें: Hindi Shayari | शायरी हिंदी में

कौन कहता है कि
हम झूठ नही बोलते,
एक बार खैरियत
तो पूछ के देखिए..

kaun kahta hai ki
Hum jhooth nahi bolte,
Ek baar khairiyat
to puchh ke dekhiye..

Gulzar Shayari On Life In Hindi

लगता है जिंदगी
आज खफा है,
चलिए छोड़िए
कौनसी पहली दफा है !

Lagta hai Zindagi
Aaj Khafa hai,
Chaliye chhodiye
kaunsi pahli dafa hai.

हर पल में हंसने का
हुनर था जिनके पास,
आज वो रोने लगे हैं तो
कोई बात तो होगी ना !

Har pal me hansne ka
Hunar tha jiske paas,
Aaj wo rone lage hain to
Koi baat to hogi na…

हमेशा से तो नही रहा होगा
तू भी सख्त दिल
तेरी भी मासूमियत से भी
किसी ने खेला होगा !!

Hamesha se to nahi raha hoga
Tu bhi sakht dil
Teri bhi masumiyat se bhi
kisi ne khela hoga…

बड़े बेताब थे वो
मोहब्बत करने को हमसे
जब हमने भी कर ली तो
उनका शौक बदल गया !

Bade betaab the wo
Mohabbat karne ko hamse
Jab hamne bhi kar li to
Unka shauk badal gya…

सफर छोटा ही सही
पर यादगार होना चाहिए,
रंग सांवला ही सही
पर वफादार होना चाहिए..

Safar Chhota hi sahi
Par yadgaar hona chahiye,
Rang sawla hi sahi
Par Wafadar hona chahiye..

Gulzar Shayari Sad

बस इतना सा असर होगा
हमारी यादों का,
की कभी कभी तुम बिना
बात के मुस्कुराओगे..

Bas itna sa asar hoga
hamari yadon ka,
Ki kabhi kabhi tum bina
Baat ke muskuraoge…

मुझे मालूम था कि वो
मेरा हो नही सकता,
मगर देखो मुझे फिर भी
मोहब्बत हो गई उससे..

Mujhe maloom tha ki wo
mera nahi ho sakta,
Magar dekho mujhe fir bhi
Mohabbt ho gai usse..

जो हैरान हैं मेरे सब्र पर
उनसे कह दो जो आंसू जमीन पर
नहीं गिरते वो दिल चीर देते हैं..

Jo hairan hain mere sabar par
Unse kah do jo aansu jameen par
Nahi girte wo dil cheer dete hain..

मेरी आंखों ने पकड़ा है
उन्हें कई बार रंगे हाथ
वो इश्क करना तो चाहते हैं
मगर घबराते बहुत हैं !

Meri aankhon ne pakda hai
Unhe kai baar range haath
Wo ishq karna to chahte hain
Magar ghabrate bahut hain !

अपनी पीठ से निकले
खंजरों को जब गिना मैंने
ठीक उतने ही निकले
जितनो को गले लगाया था !

Apni peeth se nikle
khanzaron ko jab gina maine
theek utne hi nikle
Jitno ko gale lagaya tha !

Gulzar Shayari Words On Dosti

जो बीत गया है वो अब दौर न आएगा,
इस दिल में सिवा तेरे कोई और न आएगा,
घर फूंक दिया हमने, अब राख उठानी है,
जिंदगी और कुछ नही, तेरी मेरी कहानी है।

Jo beet gaya wo ab daur na aayega,
Is zindagi me siwa tere koi aur n aayega,
ghar foonk diya hamne, ab raakh uthani hai,
Zindagi aur kuch bhi nahi, teri meri kahani hai..

दर्द भी वही देते हैं
जिन्हे हक़ दिया जाता है,
वरना गैर तो धक्का लगने पर
भी माफ़ी मांग लिया करते हैं।

Dard bhi wahi dete hain
Jinhe haq diya jata hai,
warna gair to dhakka lagne par
bhi mafi mang liya karte hain..

ठुकराया हमने भी है
बहुतों को तेरे खातिर
तुझसे फासला भी शायद
उनकी बद्दुआओं का असर है।

thukraya hamne bhi hai
bahuton ko tere khatir
tujhse fasla bhi shayad
unki badduaaon ka asar hai..

मोहब्बत में अक्सर ऐसा होता है,
पूरी दुनिया से लड़ने वाला इंसान
अपने मन पसंद इंसान से हार जाता है।

Mohabbat me aksar esa hota hai,
Poori duniya se ladne wala insaan
Apne man pasand insaan se haar jata hai..

नही करता मै तेरा जिक्र
किसी तीसरे से,
तेरे बारे में बात सिर्फ
खुदा से होती है।

Nahi karta mai tera zikar
Kisi teesre se,
Tere bare me baat sirf
Khuda se hoti hai..

Gulzar Shayari On love

तुझे पाने की जिद थी
अब भुलाने का ख्वाब है,
ना जिद पूरी हुई और
ना ही ख्वाब..

Tujhe pane ki zid thi
Ab bhulane ka khwab hai,
Na zid poori hui aur
Na hi khwab..

“ सब तरह की दीवानगी
से वाकिफ हुए हम,
पर मा जैसा चाहने वाला
जमाने भर में ना था ! “

Sab tarah ki diwangi
Se wakif huye hum,
Par man jaisa chahane wala
jamane bhar me na tha !

अब टूट गया दिल
तो बवाल क्या करें,
खुद ही किया था पसंद
अब सवाल क्या करें ?
💔💔💔

Ab toot gya dil
To bawal kya karen,
Khud hi kiya tha pasand
ab sawal kya karen?
💔💔💔

कयामत तक याद करोगे
किसी ने दिल लगाया था,
एक होने की उम्मीद भी न थी
फिर भी पागलों की तरह चाहा था।

Kayamat tak yaad karoge
Kisi ne dil lagaya tha,
Ek hone ki ummid bhi n thi
Fir bhi pagalon ki tarah chaha tha..

हर कोई परेशान है
मेरे कम बोलने से,
और मै परेशान हूं
अपने अंदर के शोर से..!!

Har koi pareshan hai
mere kam bolne se,
Aur mai pareshaan hun
Apne ander ke shor se…

Gulzar Shayari On Zindagi

तुम्हारी आदत सी
हो गई थी हमें,
मालूम तो हमे भी था कि
तुम नसीब में नही हो.

Tumhari aadat si
Ho gai thi hame,
Maalom to hame bhi tha ki
Tum naseeb me nahi ho..

किसी को उजाड़ कर
बसे तो क्या बसे,
किसी को रुला कर
हंसे तो क्या हंसे..!!

Kisi ko ujaad kar
Base to kya base,
Kisi ko rula kar
hanse to kya hanse..!!

तुझसे दूर जाने का
कोई इरादा ना था,
पर रुकते आखिर कैसे
जब तू ही हमारा न था..!!

फिक्र है इज्जत की तो
मोहब्बत छोड़ दो जनाब,
आओगे इश्क की गली में
तो चर्चे जरूर होंगे..!!

fikar hai ijjat ki to
Mohabbat Chhod do janaab,
aaoge ishq ki gali me
To charche Jarur honge..!!

अब मत मिलना
तुम दोबारा मुझे,
वक़्त बहुत लगा है
खुद को संभालने में..!!

Ab mat milna
Tum dubara mujhe,
Waqt bahut laga hai
Khud ko sambhalne me..

गुलज़ार शायरी इन हिंदी

कहने को तो बस
बातें हो जाती हैं,
पर दिल खोलकर बात किए हुए
जमाना हो गया….

Kahne ko to bas
Baaten ho jati hain,
Par dil kholkar baat kiye huye
Zamana ho gya…

पल्लू गिर गया,
पर वो घबराई नहीं
उसे यकीन था मेरी
नजर झुकी होगी..

Pallu gir gaya
Par wo ghabrai nahi
Use yakeen tha meri
Nazar Jhuki hogi..

गलती तेरी थी या
मेरी क्या फर्क पड़ता है
रिश्ता तो हमारा था ना।

Galti teri thi ya
Meri kya fark padta hai
Rishta to hamara tha na..

अगर मोहब्बत उससे ना मिले
जिसे आप चाहते हो,
तो मोहब्बत उसको जरूर देना
जो आपका चाहते हैं…

Agar mohabbt usse na mile
Jise aap chahate ho,
To Mohabbt usko jarur dena
Jo aapko chahate hain..

सच कहा था
एक फकीर ने मुझसे,
तुझे मोहब्बत तो मिलेगी
पर तड़पाने वाली !

Sach kaha tha
Kisi fakeer ne mujhse,
Tujhe mohabbat to milegi
Par tadpane wali..

गुलज़ार साहब शायरी हिंदी में

जाने वाला कमियां देखता है,
निभाने वाला काबिलियत..

Jane wala kamiyan dekhta hai,
Nibhane wala kabiliyat.

इसलिए पसंद है किताब मुझे
वो टूटकर बिखर जाना पसंद करेगी
मगर अपने लफ्ज़ बदलना नही..

Isliye pasand hai kitab mujhe
Wo tutkar bikhar jana pasand karegi
Magar apne lafz badalna nahi..

रोना उनके लिए
जो तुम पर निसार हो,
उसके लिए क्या रोना
जिनके आशिक़ हजार हों..

Rona unke liye
Jo tum par nisaar ho,
Uske liye kya rona
Jinke Aashiq hazar hon..

हम झूठों के बीच में सच बोल बैठे,
वो नमक का शहर था
और हम जख्म खोल बैठे…

Hum jhuthon ke beech me sach bol baithe,
Wo namak ka shahar tha
Aur ham jakhm Khol baithe…

सच बड़ी काबिलियत से
छुपाने लगे हैं हम,
हाल पूछने पर बढ़िया
बताने लगे हैं हम..!

Sach badi kabiliyat se
Chhupane lage hain hum,
Haal puchhne par badhiya
batane lage hain hum..

गुलज़ार शाहब की शायरी इन हिंदी

जिसका हक है उसे ही मिलेगा,
इश्क पानी नही जो सबको पिला दें

jiska haq hai usko hi milega
ishq pani nahi jo sabko pila den..

तिनका सा मै और समुंदर सा इश्क,
डूबने का डर और डुबाना ही इश्क..

Tinka sa mai aur samundar sa ishq,
Dubne ka dar aur dubana hi ishq..

बातों से सीखा है हम ने
आदमी को पहचानने का फन
जो हल्के लोग होते हैं
हर वक़्त बातें भारी भारी करते हैं..

Baaton se sikha hai hum ne
Aadmi ko pahchanne ka fan
Jo halke log hote hain
Har waqt baaten bhari bhari karte hain..

वो सफर बचपन के अब तक
याद आते हैं मुझे,
सुबह जाना हो कहीं तो
रात भर सोते नही थे..!

Wo safar bachpan ke ab tak
Yaad aate hain mujhe,
Subah jana ho kahi to
Raat bhar sote nahi the..!

कमियां तो पहले भी थीं मुझमें
अब जो बहाना ढूंढ़ रहे हो
तो बात अलग है…

Kamiyan to pahle bhi thi mujhme
Ab jo bahana dhundh rahe ho
To baat alag hai..

गुलज़ार शायरी इन हिंदी

नजर भी ना आऊं
इतना भी दूर ना करो मुझे,
पूरी तरह बदल जाऊं
इतना भी मजबूर मत करो मुझे..

Nazar bhi na aaun
Itna bhi door na karo mujhe,
Puri tarah badal jaun
Itna bhi majboor mat karo mujhe..

आइने के सामने खड़े होकर
खुद से ही माफी मांग ली मैंने,
सबसे ज्यादा अपना ही दिल दुखाया है
औरों को खुश करते करते..

Aaine ke samne khade hokar
khud se hi mafi mang li maine,
Sabse jyada apna hi dil dukhaya hai
Auron ko khush karte karte..

दिल तो रोज़ कहता है
कि तुम्हे कोई सहारा चाहिए,
फिर दिमाग कहता है
क्यों तुम्हे धोखा दुबारा चाहिए..

Dil to rooz kahta hai
Ki tumhe koi sahara chahiye,
Fir Dimag kahata hai
Kyon tumhe Dhokha dubara chahiye.

हंसना मुझे भी आता था
पर किसी ने रोना सिखा दिया,
बोलने में माहिर हम भी थे
किसी ने चुप रहना सिखा दिया..

Hansna mujhe bhi aata tha
par Kisi ne rona sikha diya,
Bolne me mahir ham bhi the
Kisi ne chup rahna sikha diya..

कोई रंग नही होता
बारिश के पानी में,
फिर भी फिजा को रंगीन
बना देती है..

koi rang nahi hota
Barish ke pani me,
Fir bhi fiza ko rangeen
Bana deti hai..

Gulzar Shayari In Hindi

इतने बुरे नही थे
जितने इल्ज़ाम लगाए लोगों ने,
कुछ किस्मत खराब थी
कुछ आग लगाई लोगों ने..

Itne bure nahi the
Jitne ilzaam lagaye logon ne,
Kukh Kismat Kharab thi
Kuch aag lagai logon ne..

बहुत कम लोग हैं
जो मेरे दिल को भाते हैं,
और उससे भी बहुत कम हैं
जो मुझे समझ पाते हैं..

Bahut kam log hain
Jo mere dil ko bhate hain,
Aur usse bhi bahut kam hain
Jo Mujhe samjh pate hain..

गुस्सा भी क्या करूं तुम पर
तुम हंसते हुए बेहद अच्छे लगते हो !

Gussa bhi kya karun tum par
Tum hanste huye behad achhe lagte ho !

दोस्ती रूह में उतरा हुआ
रिश्ता है साहब,
मुलाकातें कम होने से
दोस्ती कम नही होती..

Dosti ruh me utra huaa
Rishta hai sahab,
Mulakaten kam hone se
Dosti kam nahi hoti..

मुकम्मल इश्क से ज्यादा तो चर्चे
अधूरी मोहब्बत के होते हैं !

Mukammal ishq se jyada to charche
Aduri Mohabbat ke hote hain..

Gulzar Quotes In Hindi, गुलज़ार कोट्स इन हिंदी

तमाशा जिंदगी का हुआ,
कलाकार सब अपने निकले !

tamasha zindagi ka hua,
kalakar sab apne nikle..

किसी ने मुझसे पूछा की
दर्द की कीमत क्या है.?
मैंने कहा, मुझे नही पता
मुझे लोग फ्री में दे जाते हैं !

Kisi ne mujhse puchha ki
Dard ki keemat kya hai.?
Maine kaha, mujhe nahi pata
Mujhe log free me de jate hain.!

उनकी ना थी कोई खता
हम ही गलत समझ बैठे
वो मोहब्बत से बात करते थे
हम मोहब्बत समझ बैठे !

Unki na thi koi khtaa
Ham hi galat samjh baithe
Wo mohabbat se baat karte the
Ham Mohabbat samajh baithe.!

लौटने का ख्याल भी आए
तो बस चले आना,
इंतजार आज भी बड़ी
बेसब्री से है तुम्हारा..

Lautne ka khyal bhi aaye
To bas chale aana,
Intjaar aaj bhi badi
besbri se hai tumhara…

Gulzar Shayari Video

Credit: Hello Zindagi; Gulzar Shayari in Hindi

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