Fructose की चक्रीय संरचना | हावर्थ सूत्र | डाइसैकेराइड |सुक्रोज | माल्टोज | लैक्टोज

Fructose की चक्रीय संरचना :

Fructose में C-2 व C-5 कार्बन के मध्य अन्तः क्रिया से चक्रीय संरचना का निर्माण होता है , यदि C-2 कार्बन पर -OH समूह दाई ओर है तो उसे α – D -(-) fructose  जबकि -OH समूह बाई ओर है तो β – D -(-) fructose कहते है।

हावर्थ सूत्र :

फ्रक्टोज में चार कार्बन व एक ऑक्सीजन परमाणु मिलकर पांच सदस्यी वलय का निर्माण करते है , fructose की यह संरचना फ्यूरेन के समान है अतः फ्रक्टोज को फ्यूरैनोस भी कहते है।

डाइसैकेराइड (Dysaccharide):

वे कार्बोहाइड्रेट जिनके जल अपघटन से दो मोनो सैकेराइड बनते है उन्हें डाइसैकेराइड कहते है।

उदाहरण : सुक्रोज , माल्टोस , लैक्टोस।

सुक्रोज(Sucrose) :

इसे इक्षु शर्करा भी कहते है।

सुक्रोज दक्षिण ध्रुवण घूर्णक होता है इसके जल अपघटन से α – D – ग्लूकोज व β – D – fructose बनते है , α – D – ग्लूकोज के घूर्णन कोण का मान कम जबकि β – D – fructose के घूर्णन कोण का मान अधिक होता है , जिससे जल अपघटन के बाद घूर्णन की दिशा बदल जाती है |

क्योंकि बना मिश्रण वाम ध्रुवण घूर्णक होता है अतः सुक्रोज के जल अपघटन को इक्षु शर्करा का प्रतिपन कहते है जबकि ग्लूकोज तथा फ्रुक्टोज के मिश्रण को प्रतीप शर्करा या अपवृत शर्करा कहते है।

सुक्रोज यह अनअपचायक शर्करा है।

माल्टोज (Maltose) :

इसे माल्ट शर्करा कहते है।

इसके जल अपघटन से α – D – ग्लूकोज के दो अणु बनते है।

यह अपचायी शर्करा है।

lactose (लैक्टोज) :

इसे दुग्ध शर्करा भी कहते है।

इसके जल अपघटन से β – D – ग्लैक्टोज व  β – D – ग्लूकोज बनते है।

यह अपचायी शर्करा है।

नोट : दो मोनो सैकेराइड की इकाइयां जिस ऑक्साइड बंध द्वारा जुडी होती है उसे ग्लाइकोसाइडी बंध कहते है।

Remark:

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