Firewall Kya Hai | यह कितने प्रकार के होते हैं

हेलो स्टूडेंट्स, इस पोस्ट में हम आज Firewall Kya Hai के बारे में पढ़ेंगे | इंटरनेट में नेटवर्क सुरक्षा और क्रिप्टोग्राफी के नोट्स हिंदी में बहुत कम उपलब्ध है, लेकिन हम आपके लिए यह हिंदी में डिटेल्स नोट्स लाये है, जिससे आपको यह टॉपिक बहुत अच्छे से समझ आ जायेगा |

फ़ायरवॉल को निम्न बिंदुओं के आधार पर आसानी से समझ जा सकता है:-

image

1:-फ़ायरवॉल एक नेटवर्क को सुरक्षित करने वाला डिवाइस या सिस्टम होता है जो कि unauthorized यूज़र्स तथा खतरनाक तत्वों को नेटवर्क में access करने से बचाता है।

2:-फ़ायरवॉल हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर दोनों प्रकार का होता है।

3:-फ़ायरवॉल हमारे नेटवर्क के लिए फ़िल्टर की तरह कार्य करता है  जो harmful information को  रोक देता है।

4:-फ़ायरवॉल को किसी private नेटवर्क तथा इंटरनेट के मध्य स्थापित किया जाता है और जितना भी इन दोनों के मध्य डेटा का कम्युनिकेशन होता है वह फ़ायरवॉल से होकर गुजरता है। यह एक दीवार की तरह कार्य करता है जो कि आग रूपी unsafe or harmful डेटा से नेटवर्क को protect करता है।

5:-फ़ायरवॉल उसी ट्रैफिक को अपने से गुजरने देता है जो उसकी policy के अनुसार सही हो।

6:-फ़ायरवॉल किसी भी प्रकार के attack के लिए एक barrier की तरह कार्य करता है। जिससे hacker नेटवर्क को हैक नही कर पाते है और जिससे हमारी सारी महत्वपूर्ण सूचना चोरी हो जाने से बच जाती है।

7-वह प्रत्येक व्यक्ति जो अपने सिस्टम से इंटरनेट में access करता है उसको अवश्य ही फ़ायरवॉल को स्थापित करना चाहिए।

फ़ायरवॉल निम्नलिखित प्रकार के होते है:-

1:-packet filter firewall:-यह फ़ायरवॉल OSI मॉडल के नेटवर्क लेयर में कार्य करता है। यह फ़ायरवॉल अंदर जाने वाले तथा बाहर आने वाले पैकेटों को analyze करता है तथा यह केवल उन्हीं पैकेटों को अपने से गुजरने देता है जो फ़ायरवॉल policy के अनुसार सही हों।

प्रत्येक पैकेट की यह फ़ायरवॉल जाँच करता है तब निर्णय लेता है कि यह पैकेट आगे देना चाहिए या नही। यह local नेटवर्क को घुसपैठ से बचता है।

Packet filter firewall दो प्रकार के होते है जो निम्न है:-

(a):-stateless packet filter:- इस फ़ायरवॉल में पैकेट्स के बारें में जानकारी नही होती है। इस प्रकार के फ़ायरवॉल को static फ़ायरवॉल कहते है। ये फ़ायरवॉल इतने प्रभावी नही होते है।

image

(b):-stateful packet filter:-यह फ़ायरवॉल पैकेट्स के बारें में जानकारी उपलब्ध कराता है। इसे dynamic फ़ायरवॉल भी कहते है। ये फ़ायरवॉल अधिक सुरक्षा provide कराते है।

image

(2):-Application level gateway firewall:-इसे application proxy भी कहते है। यह फ़ायरवॉल एप्लीकेशन की सूचना के आधार पर पैकेट को अपने से गुजरने देता है या पैकेट को रोक देता है। एप्लीकेशन की सूचना पैकेट में उपलब्ध रहती है।

यह फ़ायरवॉल एक प्रकार का proxy server है जो कि applications को proxy उपलब्ध करता है।

image

(3):-Circuit-level gateway firewall:-यह फ़ायरवॉल OSI मॉडल के session layer में कार्य करता है। यह फ़ायरवॉल TCP(transmission control protocol) या UDP(user datagram protocol) की security को उपलब्ध कराता है।

यह फ़ायरवॉल TCP या UDP में प्रत्येक पैकेट को analyze करता है तथा फ़ायरवॉल policy के अनुसार यह पकेटों पर action लेता है।

image

Advantage & Disadvantage of Firewall

Firewall के तमाम ख़ासियतें हमने जानीं लेकिन इसके कुछ Disadvantage भी हैं। अगर आप बढ़िया कंपनी का Firewall सिक्योरिटी नहीं इस्तेमाल करते तो ये आपके सिस्टम के रेसोर्सस जैसे CPU, RAM इत्यादि का अधिक उपयोग करते हुए सिस्टम को थोड़ा Slow भी कर सकता है।

Firewalls एक पावरफुल सिक्योरिटी tools होते हुए भी इनके कुछ limitations हैं। ये आपको बाहरी नेटवर्क से Protect तो करते हैं लेकिन अगर आपके कंप्यूटर में floppy डिस्क या अन्य इंटरनल माध्यम, Backdoor से वायरस, malwares या कोई भी harmful सॉफ्टवेयर सिस्टम में पहुंच जाते हैं तो यहां Firewalls आपको Protect नहीं कर पाते हैं।

वहीं अगर आप सॉफ्टवेयर फ़ायरवॉल इस्तेमाल कर रहे हैं तो ये सिर्फ उसी कंप्यूटर को Protect करेगा जिसमें फ़ायरवॉल Installed हो। ज्यादातर PCs में सॉफ्टवेयर firewalls ही एंटीवायरस के रूप में Use की जाती हैं।

इसतरह सभी सिस्टम्स में फायरवाल इंस्टालेशन जरूरी हो जाता है। हां अगर आप Windows का इस्तेमाल करते हैं तो उसमे ये Inbuilt होकर कम्पनी की तरफ से आता है। यूजर उसे अपने हिसाब से भी Configure कर सकता है।

वहीं अगर आप हार्डवेयर डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं तो ये एक साथ कई systems को प्रोटेक्ट करेगा।

Also Read: What is Trojan horses in Hindi

लेकिन बेहतर Performance और सिक्योरिटी के लिए हर दो कंप्यूटर्स के बीच मे एक फ़ायरवॉल डिवाइस लगाना सबसे बढ़िया होता है।

हम आशा करते है कि यह Firewall Kya Hai के हिंदी में नोट्स आपकी स्टडी में उपयोगी साबित हुए होंगे | अगर आप लोगो को इससे रिलेटेड कोई भी किसी भी प्रकार का डॉउट हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूंछ सकते है | आप इन्हे अपने Classmates & Friends के साथ शेयर करे |

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *