डिबगिंग क्या है? Debugging in Hindi

हेलो स्टूडेंट्स, इस पोस्ट में हम आज Debugging in Hindi के बारे में पढ़ेंगे | इंटरनेट में सी भाषा के नोट्स हिंदी में बहुत कम उपलब्ध है, लेकिन हम आपके लिए यह हिंदी में डिटेल्स नोट्स लाये है, जिससे आपको यह टॉपिक बहुत अच्छे से समझ आ जायेगा |

Debugging in Hindi

  • Debugging एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा software code में से errors और bugs को detect और correct किया जाता है.
  • दूसरे शब्दों में कहें तो, “Debugging एक महत्वपूर्ण तकनीक है जिसके द्वारा program में से bugs और errors को find किया जाता है उसके बाद उन्हें analyze करके fix किया जाता है.”
  • डिबगिंग की process में बहुत सारें steps होते है. सबसे पहले bug को identify किया जाता है उसके बाद bug के source को find किया जाता है और उसके बाद bug को fix करके program को error free बनाया जाता है जिससे कि program सही ढंग से काम करे.
  • डिबगिंग को करने के लिए debugger tools का प्रयोग किया जाता है debugger tools को debugger कहा जाता है.

Advantage of Debugging in Hindi – डिबगिंग के लाभ

Debugging की प्रक्रिया तब ही शुरू हो जाती है जब program को लिखा जाता है. और यह software के बनने तक चलती रहती है. debugging के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:-

  1. इसके द्वारा error को पहले ही detect कर लिया जाता है. जिससे software को develop करने की प्रक्रिया आसान और stress free (तनाव मुक्त) हो जाती है.
  2. यह data structure की बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान करता है और इसे आसानी से interpret किया जा सकता है.
  3. डिबगिंग की मदद से programmer या developer, प्रोग्राम में से अनावश्यक और फालतू की जानकारी को हटा देते है.
  4.  इससे software को develop करने में लगने वाले समय की बचत होती है.

Steps of Debugging in Hindi – डिबगिंग के स्टेप

इसकी प्रक्रिया में अलग-अलग steps होते हैं. जो कि निम्नलिखित हैं:-

debugging in Hindi - process

1:- Error को identify करना – इसका सबसे पहला स्टेप error को identify करना होता है. अगर हम error को identify करने में सफल नहीं होते तो हमारा बहुत सारा समय बर्बाद हो जाता है. ज्यादातर user के द्वारा रिपोर्ट किये गये error को interpret करना मुश्किल होता है. इसलिए वास्तविक error को identify करना बहुत जरुरी होता है.

2:- Error की location को find करना – error को identify करने के बाद हमें error की location का पता लगाना होता है. इसके लिए हमें पूरे code को अच्छे से देखना होता है और जहाँ पर error हुआ है उस जगह को find करना होता है. इस step में, हमें error को समझने की बजाय उसे find करना होता है.

3:- Error को analyze करना – यह इसका तीसरा स्टेप होता है. इसमें bottom up approach का प्रयोग error को analyze करने के लिए किया जाता है. इसके द्वारा हम error को समझ सकते है. Bug को analyze करने के दो मुख्य मकसद होते है. पहला दूसरे errors या bugs को find करना और दूसरा यह देखना कि अगर bug को fix कर दिया तो उसके द्वारा कोई समस्या तो नहीं होगी.

4:- Analysis को prove करना – जब आप original bug को analyze कर लेते है तो आपको applications में मौजूद अन्य errors को भी find करना होता है. इस step में automated tests को लिखा जाता है.

5:- बाद में होने वाली problem से बचना – इस स्टेप में, हमें code के लिए सभी unit tests को इक्कठा करना होता है. फिर हमें इन unit test को run करना होता है. और इन सभी unit test में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए जिससे कि भविष्य में कोई problem ना हो.

6:- Fix & Validate – अंत में हमें सभी errors को fix करना होता है. fix करके इन्हें validate करना होता है.

Debugging tool in Hindi – डिबगिंग टूल क्या है?

Debugging tool को debugger भी कहते है. यह एक computer program होता है जिसका प्रयोग दूसरे programs को debug और test करने के लिए किया जाता है.

बहुत सारें public domain software जैसे कि – gdb, और dbx आदि है जिनका प्रयोग हम debugging के लिए use कर सकते हैं. नीचे आपको बहुत ज्यादा प्रयोग किये जाने वाले debuggers की list दी गयी है.

  • Radare2
  • WinDbg
  • Valgrind
  • Microsoft visual studio debugger
  • Firefox JavaScript debugger
  • Eclipse debugger
  • Arm DTT (Allinea DDT)

इसे पढ़ें:-

Difference between Debugging and Testing in Hindi – डिबगिंग और टेस्टिंग में अंतर

इनके मध्य अंतर निम्नलिखित हैं:-

TestingDebugging
टेस्टिंग bugs और errors को ढूंडने की एक प्रक्रिया है.यह टेस्टिंग के दौरान find किये गये bugs को correct करने की प्रक्रिया है.
टेस्टिंग को ज्यादातर testers के द्वारा perform किया जाता है.इसे developers या programmer के द्वारा पूरा किया जाता है.
टेस्टिंग को development team के द्वारा और बाहर के users के द्वारा किया जाता है.इसे सिर्फ development team के द्वारा किया जाता है इसे बाहर के users नहीं कर सकते.
यह अलग-अलग testing levels जैसे कि – system testing, integration टेस्टिंग आदि पर आधारित होती है.यह अलग-अलग प्रकार के bugs पर आधारित होती है.

हम आशा करते है कि यह C Language के हिंदी में नोट्स आपकी स्टडी में उपयोगी साबित हुए होंगे | अगर आप लोगो को इससे रिलेटेड कोई भी किसी भी प्रकार का डॉउट हो तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूंछ सकते है | आप इन्हे अपने Classmates & Friends के साथ शेयर करे |

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